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जयपुर। जवाहर कला केंद्र स्थित सुरेख आर्ट गैलरी में आयोजित युवा कलाकार सारा हर्ष की सोलो आर्ट एग्जिबीशन “चित्रहार – Unfolding Towards the Self” के दूसरे दिन भी कला प्रेमियों का उत्साह देखने को मिला। कम उम्र में सृजनात्मक प्रतिभा को अभिव्यक्ति देने वाली इस प्रदर्शनी में सारा द्वारा निर्मित एब्सट्रैक्ट पेंटिंग्स को दर्शकों ने विशेष रूप से सराहा।
दूसरे दिन प्रदर्शनी को देखने  पहुंचे  श्री वीरेंद्र चौधरी, अभिषेक पोद्दार, रोमा पोद्दार , श्याम सुंदर बिस्सा , डॉ मीता सिंह व रीता कुहाड़, सभी  ने सारा की कलात्मक दृष्टि, रंगों के प्रयोग और रचनात्मक अभिव्यक्ति की प्रशंसा करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इतनी कम आयु में कला के प्रति समर्पण और निरंतर अभ्यास सराहनीय है।
“चित्रहार” में सारा ने अपने बचपन की शुरुआती ड्रॉइंग्स से लेकर 18 वर्ष की आयु तक की अपनी कलायात्रा को प्रदर्शित किया है। यह प्रदर्शनी केवल चित्रों का संग्रह नहीं, बल्कि एक युवा कलाकार की कल्पनाओं और रचनात्मक विकास की कहानी भी प्रस्तुत करती  । कला प्रेमियों, विद्यार्थियों और युवा कलाकारों ने सारा की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और उनकी रचनाओं में झलकती संवेदनशीलता की सराहना की।
दो दिवसीय यह प्रदर्शनी युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और कला के माध्यम से आत्म-अभिव्यक्ति के महत्व को रेखांकित करने का एक सुंदर प्रयास है। सारा हर्ष की यह प्रस्तुति दर्शकों के लिए प्रेरणा और सृजनशीलता का एक विशेष अनुभव बन रही है।

चित्रहार प्रदर्शनी के दूसरे दिन भी सारा हर्ष की कलाकृतियों ने दर्शकों का मन मोहा

जयपुर। जवाहर कला केंद्र स्थित सुरेख आर्ट गैलरी में आयोजित युवा कलाकार सारा हर्ष की सोलो आर्ट एग्जिबीशन “चित्रहार – Unfolding Towards the Self” के दूसरे दिन भी कला प्रेमियों का उत्साह देखने को मिला। कम उम्र में सृजनात्मक प्रतिभा को अभिव्यक्ति देने वाली इस प्रदर्शनी में सारा द्वारा निर्मित एब्सट्रैक्ट पेंटिंग्स को दर्शकों ने विशेष रूप से सराहा।
दूसरे दिन प्रदर्शनी को देखने  पहुंचे  श्री वीरेंद्र चौधरी, अभिषेक पोद्दार, रोमा पोद्दार , श्याम सुंदर बिस्सा , डॉ मीता सिंह व रीता कुहाड़, सभी  ने सारा की कलात्मक दृष्टि, रंगों के प्रयोग और रचनात्मक अभिव्यक्ति की प्रशंसा करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इतनी कम आयु में कला के प्रति समर्पण और निरंतर अभ्यास सराहनीय है।
“चित्रहार” में सारा ने अपने बचपन की शुरुआती ड्रॉइंग्स से लेकर 18 वर्ष की आयु तक की अपनी कलायात्रा को प्रदर्शित किया है। यह प्रदर्शनी केवल चित्रों का संग्रह नहीं, बल्कि एक युवा कलाकार की कल्पनाओं और रचनात्मक विकास की कहानी भी प्रस्तुत करती  । कला प्रेमियों, विद्यार्थियों और युवा कलाकारों ने सारा की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और उनकी रचनाओं में झलकती संवेदनशीलता की सराहना की।
दो दिवसीय यह प्रदर्शनी युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और कला के माध्यम से आत्म-अभिव्यक्ति के महत्व को रेखांकित करने का एक सुंदर प्रयास है। सारा हर्ष की यह प्रस्तुति दर्शकों के लिए प्रेरणा और सृजनशीलता का एक विशेष अनुभव बन रही है।

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