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जयपुर। सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने  शुक्रवार को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (आरआईसी) में ‘साइबर सुरक्षा- जागरूकता, संरक्षण एवं न्याय तक समावेशी पहुंच’ विषय पर आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रांति ने अपार सुविधाएँ प्रदान की हैं तथा इससे शासन, सेवाएँ और संवाद पहले से कहीं अधिक सुलभ हुए हैं। परंतु इसके दुरुपयोग से होने से चुनौतियां उत्पन्न होती है। ऐसी स्थिति में साइबर सुरक्षा केवल बैंक खातों की सुरक्षा नहीं, बल्कि संस्थागत विश्वास की रक्षा का भी विषय बन गई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि न्यायपालिका अपनी भूमिका निभाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी, ताकि इस खतरे को देश से समाप्त किया जा सके।
उन्होंने कहा कि “डिजिटल अरेस्ट” जैसी कोई न्यायिक प्रक्रिया अस्तित्व में नहीं है। यह पूर्णतः धोखाधड़ी का मामला है। उन्होंने कहा कि दीर्घकालिक साइबर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नागरिक शिक्षा का एक अनिवार्य हिस्सा मानना होगा तथा इसके लिए सभी संस्थाओं को समन्वित साझेदारों की तरह मिलकर कार्य करना होगा।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि हमने बचपन से ‘हमेशा सोचकर बोलो, समझकर कार्य करो।‘ की एक सीख सुनी है। डिजिटल दुनिया में, जहां निर्णय एक क्लिक में लिए जाते हैं और पलक झपकते ही नुकसान हो सकता है, ऐसे में यह साधारण अनुशासन ही सुरक्षा का माध्यम बन जाता है। उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा मूलतः उसी प्राचीन बुद्धिमत्ता का आधुनिक रूप है, जिसमें जागरूकता के साथ कार्य करना, सावधानी बरतना शामिल है।
मुख्य न्यायाधीश ने राजस्थान में साइबर न्यायालय की स्थापना की घोषणा के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। साथ ही, उन्होंने राजस्थान उच्च न्यायालय और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण केवल सलाह तक सीमित नहीं है, बल्कि संस्थागत ढाँचा विकसित कर रहा है। उन्होंने कहा कि न्याय तभी वास्तविक है जब वह सुलभ हो। 
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि डिजिटल युग में तकनीक के विस्तार के साथ साइबर अपराध की नई चुनौतियां भी सामने आई हैं। इससे बचाव के लिए नागरिकों में जागरूकता सबसे प्रभावी कवच है। उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा हमारा सामूहिक संकल्प है तथा इस संकल्प को पूरा करने के लिए सरकार, न्यायपालिका और समाज को मिलकर काम करना होगा।
श्री शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार साइबर अपराध पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठा रही है। हमारी सरकार ने साइबर अपराधियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए ऑपरेशन एंटी वायरस अभियान के तहत साइबर अपराधियों को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया है। साथ ही, प्रदेश में साइबर अपराधों पर नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए राजस्थान साइबर क्राइम कण्ट्रोल सेण्टर (आरफॉरसी) की स्थापना की जा रही है। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि साइबर अपराध पर कठोर नियंत्रण के लिए प्रदेश में विशेष साइबर कोर्ट की स्थापना की जाएगी। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया विजन से आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। अब आम नागरिक बैंकिंग, फसल बीमा, पेंशन से लेकर न्यायिक प्रक्रियाओं से डिजिटल माध्यम के जरिए जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ई-कोर्ट पोर्टल, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई एवं ऑनलाइन शिकायत प्रणाली से न्याय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनी है तथा दूर-दराज क्षेत्र के लोगों को न्याय त्वरित और सुलभ हुआ है। उन्होंने कहा कि डिजिटल न्याय प्रणाली एक समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को भी राहत पहुंचाने का सशक्त माध्यम बन चुकी है। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा लागू किए गए तीन नए कानून को राजस्थान में भी प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। हमारा प्रदेश इन नए कानूनों के माध्यम से देश में सबसे तीव्र गति से न्याय पहुंचाने वाले राज्यों में से एक बन गया है। हमारी सरकार का ध्येय है कि राजस्थान की धरती पर किसी भी अपराधी के लिए कोई जगह नहीं है। इसके साथ ही, कानूनी प्रक्रियाओं में भी नवाचार किए जा रहे हैं। इसी दिशा में ई-कोर्ट्स  का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने न्यायविदों एवं विधि विशेषज्ञों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि उनके अनुभव और आपकी मार्गदर्शन से यह सम्मेलन साइबर सुरक्षा को मजबूत बनाने एवं समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक सिद्ध होगा। 
इस अवसर पर राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से ऑनलाइन मध्यस्थता एवं लोक अदालत प्लेटफॉर्म ई-समाधान की लांचिग,मध्यस्थता पर हैंडबुक का विमोचन एवं “महिला पंचायत पैन राजस्थान” का शुभारंभ किया गया।, इसके साथ ही लीगल सर्विसेज रेडी रेकनर 2026, स्कूलों में कानूनी जागरूकता अभियान, और साइबर जागरूकता हैंडबुक का विमोचन किया जाएगा। उद्घाटन समारोह में स्पोर्ट्स फॉर अवेयरनेस .उड़ान 2.0” कार्यक्रम के तहत आयोजित खेल प्रतियोगिताओं के विजेता दिव्यांग बच्चों को पुरस्कार भी प्रदान किए गए। 
कार्यक्रम के प्रारंभ में राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस श्री संजीव प्रकाश शर्मा ने अपने स्वागत उद्बोधन में रालसा के नवाचारों पर प्रकाश डाला और साइबर सुरक्षा के लिए न्याय पालिका, शासन एवं समाज के समन्वित प्रयासों की आवश्यकता बताई।
इस अवसर पर सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस श्री अहसानुद्दीन अमानुल्लाह, जस्टिस श्री राजेश बिंदल, जस्टिस श्री प्रसन्न भालचंद्र वराले, जस्टिस श्री एन. कोटिस्वर सिंह, राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधिपति जस्टिस डॉ. पुष्पेंद सिंह भाटी, उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी एवं डॉ. प्रेमचंद बैरवा, राजस्थान विधि एवं विधिक कार्य मंत्री श्री जोगाराम पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण, न्यायाधिपतिगण एवं विधि विशेषज्ञ उपस्थित रहे। 

‘साइबर सुरक्षा- जागरूकता, संरक्षण एवं न्याय तक समावेशी पहुंच’ विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन समारोह

जयपुर। प्रखर नवनीत द्वारा आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित “नारी तू नारायणी” सम्मान समारोह के पोस्टर का विमोचन सिक्किम के राज्यपाल श्री ओम जी माथुर द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कार्यक्रम की सराहना करते हुए आयोजकों को शुभकामनाएं प्रदान कीं।
यह कार्यक्रम आगामी 22 मार्च को महिला दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित किया जाएगा। हर वर्ष आयोजित होने वाले इस विशेष समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धियां स्थापित करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया जाता है।
कार्यक्रम की आयोजक एवं प्रखर नवनीत की संपादक भारती खंडेलवाल ने बताया कि “नारी तू नारायणी” कार्यक्रम जयपुर का एक प्रतिष्ठित सम्मान समारोह बन चुका है, जो महिलाओं को आगे बढ़ने और समाज में नई पहचान स्थापित करने के लिए प्रेरित करता है।
कार्यक्रम संयोजक श्री रामचरण बढ़ाया ने कहा कि महिलाओं के सम्मान की यह अनूठी पहल समाज में सकारात्मक संदेश देती है तथा अनेक महिलाओं को अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रोत्साहित करती है। आज यह कार्यक्रम जयपुर का एक प्रेस्टीज अवॉर्ड माना जाता है।
इस अवसर पर शेल्बी हॉस्पिटल के ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. धीरज दुबे एवं ब्रेन टावर हॉस्पिटल के एमडी डॉ. सुनीत शाह भी कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे।

सिक्किम के राज्यपाल ओम माथुर ने किया “नारी तू नारायणी” कार्यक्रम का पोस्टर विमोचन

संस्कार सृजन संस्था के कार्यकारी अध्यक्ष शेर सिंह कुमावत के नेतृत्व में सौंपा ज्ञापन 
जिला कलेक्टर और एनएचएआई प्रोजेक्ट डायरेक्टर को करवाया परेशानी से अवगत 

चौमूं / जयपुर। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी फाल्गुन माह में बाबा श्याम का लक्खी मेला 21 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जाएगा। विभिन्न समाजसेवी लोगों और संस्थाओं द्वारा भंडारा लगाकर पद यात्रियों की सेवा की जाती है, जो सराहनीय रहती है। मेले के दौरान पद यात्रियों को विभिन्न प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है | इसी को लेकर आज संस्कार सृजन संस्था चौमूं के कार्यकारी अध्यक्ष और पशु क्रूरता निवारण समिति जयपुर के सदस्य शेर सिंह कुमावत के नेतृत्व में अतिरिक्त जिला कलेक्टर मुकेश कुमार मूंड को विभिन्न मांगों को लेकर जिला कलेक्टर जयपुर के नाम ज्ञापन सौंपा।
कार्यकारी अध्यक्ष शेर सिंह कुमावत ने बताया कि ज्ञापन में भंडारा आयोजकों द्वारा प्रचुर मात्रा में प्लास्टिक डिस्पोजल के उपयोग पर पाबंद करने, एनएच 52 पर पदयात्रियों के लिए बने क्षतिग्रस्त श्याम पथ को दुरुस्त करवाने, भंडारा आयोजकों को श्यामपथ की परिधि को छोड़कर ही टेंट लगाने की अनुमति देने, भंडारे के दौरान फैली गंदगी और कूड़े-कचरे के निस्तारण करने के लिए आयोजकों को पाबंद करने और श्याम पद यात्रियों के लिए चल शौचालय की व्यवस्था करवाने के लिए ज्ञापन सौंपा।
शेर सिंह ने आगे बताया कि भंडारे के दौरान प्लास्टिक डिस्पोजल के उपयोग से पर्यावरण दूषित होता है और निराश्रित गोवंश कूड़ा कचरा खाकर अकाल मृत्यु का शिकार बनता है, इससे बचाया जा सकेगा। श्याम पथ के दुरुस्त होने से पद यात्रियों को सुगम और सुरक्षित पथ मिल सकेगा | श्याम पथ को छोड़कर भंडारा लगाने से सड़क हादसों में कमी के साथ-साथ नेशनल हाईवे पर वाहनों को रोड जाम से निजात मिलेगी। साथ ही कूड़ा कचरे का समय पर निस्तारण होने से श्याम पदयात्रियों और स्थानीय लोगों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध होगा। वहीं चल शौचालय की व्यवस्था होने से गंदगी नहीं फैलेगी और बाबा श्याम के प्रति धार्मिक आस्था बनी रहेगी।
ज्ञापन में जिला कलेक्टर से संबंधित विभाग एनएचएआई, स्थानीय प्रशासन और भंडारा आयोजकों को तत्काल निर्देशित करने की मांग की गई। वहीं एनएचएआई प्रोजेक्ट डायरेक्टर अजय आर्य को टांटियावास टोल प्रशासन द्वारा बंद पड़ी रोड लाइटो को चालू करवाने, सड़क किनारे पड़े गड्ढों को भरवाने और पशु विचरण क्षेत्र के संकेतक लगाने सहित उपरोक्त मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉक्टर हनुमान सहाय मीणा, लोकेश डेनवाल, विजय कुमावत सहित कई लोग मौजूद रहे।

खाटू श्याम पदयात्रियों की सुविधा को लेकर जिला कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन

जयपुर । वैलेंटाइन डे के अवसर पर प्रेम को आध्यात्मिक एवं शाश्वत स्वरूप में अनुभव कराने हेतु सेवा कुंज फाउंडेशन एवं प्योर भक्ति सेंटर द्वारा आयोजित संगीतमय कार्यक्रम “SoulRoute Bhajan Jamming” का आयोजन 14 फ़रवरी की संध्या को टी पोस्ट कैफ़े, मालवीय नगर, जयपुर में अत्यंत भक्तिमय एवं उल्लासपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

कार्यक्रम की थीम —
“इस वैलेंटाइन, उस शाश्वत प्रेमी से प्रेम करें जो हर परिस्थिति में साथ रहता है।”
— के अनुरूप पूरी संध्या भक्ति, कीर्तन और आत्मिक संवाद से सराबोर रही। उपस्थित श्रद्धालुओं ने सामूहिक भजन जेमिंग के माध्यम से प्रेम को आत्मा और परमात्मा के पावन संबंध के रूप में अनुभव किया।

इस विशेष आयोजन में अनेक गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। प्रमुख रूप से भाजपा प्रदेश मंत्री एकता अग्रवाल, सुप्रसिद्ध रेडियो जॉकी आर जे कार्तिक, समाजसेवी मीनाक्षी राठौर, FTI अध्यक्ष विन सिंह कासनियां, आदरणीय भूपिंदर जी, प्रकाश गर्ग, रेशमा खान, ओ एस डी सुगंध चंद मंडर तथा आध्यात्मिक मार्गदर्शक महंत दीपक वल्लभ गोस्वामी सहित अनेक विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की सफलता में सेवा कुंज फाउंडेशन की समर्पित टीम का विशेष योगदान रहा। फाउंडेशन के सदस्य — डॉ अर्चना पुरोहित, अपर्णा बाजपेई, दीप्ति सैनी, अंकुर जोशी, बसंत जैन, ममता शर्मा, नेहा खन्ना, अर्जुन सिंह, मधुबाला चौधरी, जितेश खंडेलवाल, कल्पना, नरेश जोशी, प्रियंका मीणा, डॉ अजय खंडेलवाल, मोहित शर्मा, अथर्व पुरोहित, सिद्धि गुप्ता, पूनम स्वामी, डॉ दीपम शर्मा, शौर्य स्वामी, अमिता गर्ग, रविन्द्र सिंह, योगिता, मिताली सोनी, महावीर कुमार सोनी ने आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।

लाल रंग के निर्धारित ड्रेस कोड में उपस्थित प्रतिभागियों ने वातावरण को और भी आकर्षक एवं आध्यात्मिक बना दिया। युवाओं, परिवारों एवं वरिष्ठ नागरिकों की उत्साहपूर्ण सहभागिता ने यह सिद्ध किया कि सच्चा प्रेम केवल उत्सव नहीं, बल्कि एक दिव्य अनुभूति है।

आयोजकों के अनुसार, “SoulRoute Bhajan Jamming” समाज में सकारात्मक ऊर्जा, सांस्कृतिक मूल्यों और भक्ति भावना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाएंगे।

Valentine’s Day पर जयपुर में अनोखा आयोजन: SoulRoute Bhajan Jamming ने प्रेम को दिया आध्यात्मिक आयाम

जयपुर। उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बुधवार को विधानसभा में राजस्थान बजट 2026–27 प्रस्तुत करते हुए प्रदेश के तेज़, संतुलित और सतत विकास का स्पष्ट रोडमैप सामने रखा। बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, रोजगार और पर्यटन को प्राथमिकता देते हुए आमजन के जीवन स्तर में सुधार और आर्थिक मजबूती पर विशेष जोर दिया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत @2047 विजन को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य राजस्थान को आत्मनिर्भर, समृद्ध और निवेश के लिए आकर्षक राज्य बनाना है।

बजट प्रस्तुत करते हुए दीया कुमारी ने बताया कि वर्ष 2026–27 का कुल बजट आकार 6 लाख 10 हजार 956 करोड़ रुपये रखा गया है, जो वर्ष 2023–24 की तुलना में लगभग 41 प्रतिशत अधिक है। यह बजट 10 मजबूत स्तंभों — अवसंरचना विस्तार, नागरिक सुविधाएं, औद्योगिक विकास, मानव संसाधन सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा, पर्यटन एवं संस्कृति, सुशासन व डिजिटल परिवर्तन, कृषि विकास, हरित ऊर्जा और पर्यावरणीय सततता — पर आधारित है, जिससे वर्ष 2047 तक 4.3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल किया जा सके।

बजट में सड़क, रेल और यातायात सुरक्षा को नई गति देने के लिए अगले वर्ष 15 नए रेलवे ओवर ब्रिज एवं अंडर ब्रिज के निर्माण की घोषणा की गई है। इसके साथ ही हाईवे पर आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए प्रदेशभर में 2 हजार आधुनिक कैमरे लगाए जाएंगे, वहीं बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त 250 अटल प्रगति पथ परियोजनाओं के लिए 500 करोड़ रुपये की लागत से कार्य प्रारंभ किए जाएंगे, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

ऊर्जा क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देते हुए वित्त मंत्री ने दो नए सोलर पार्क स्थापित करने की घोषणा की। साथ ही अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के माध्यम से बिजली की मॉनिटरिंग की जाएगी, जिससे ऊर्जा प्रबंधन अधिक स्मार्ट, पारदर्शी और प्रभावी बनेगा और बिजली आपूर्ति में होने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान संभव होगा।

आंगनबाड़ी और बाल विकास के लिए बजट में बड़ी सौगात देते हुए प्रदेश के 22,746 आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के समग्र विकास हेतु खेल सामग्री और किट उपलब्ध कराने की घोषणा की गई है। इस योजना पर ₹323 करोड़ खर्च किए जाएंगे, जिससे बच्चों को खेल-खेल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर पोषण और आधुनिक वातावरण मिल सकेगा।

पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहर को नई पहचान दिलाने के लिए खुरी (जैसलमेर) में अल्ट्रा लग्जरी स्पेशल टूरिज्म जोन (STZ)कुलधरा में पर्यटक सुविधा केंद्रपुष्कर, खाटू श्याम जी, देशनोक, डिग्गी और मंडावा में प्रवेश मार्गों का सौंदर्यीकरण, भरतपुर में 100 करोड़ रुपये की लागत से ब्रज कन्वेंशन सेंटर, प्रदेशभर में चिन्हित बावड़ियों का संरक्षण, शेखावाटी क्षेत्र की 660 से अधिक हवेलियों का पुनरुद्धारथार सांस्कृतिक सर्किट का विकास तथा झुंझुनूं में वॉर म्यूजियम की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण ऐलान किए गए हैं। वहीं, वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के अंतर्गत हजारों बुजुर्गों को हवाई और एसी ट्रेन से तीर्थ यात्रा की सुविधा दी जाएगी।

शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में भी बजट को ऐतिहासिक बताया जा रहा है। शिक्षा के लिए ₹69 हजार करोड़400 स्कूलों को सीएम राइज विद्यालय के रूप में विकसित करने, स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ₹32,526 करोड़, प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता हेतु राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी (RSTA) की स्थापना तथा 5 वर्षों में 4 लाख सरकारी नौकरियों के लक्ष्य के तहत तेज़ भर्ती प्रक्रिया को गति देने जैसे अहम प्रावधान शामिल हैं।

बजट प्रस्तुति के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वित्त मंत्री दीया कुमारी के बजट को प्रदेश के सर्वांगीण विकास का मजबूत दस्तावेज बताते हुए कहा,
“यह बजट राजस्थान के समग्र एवं सतत विकास को सुनिश्चित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन को आगे बढ़ाने वाला है। यह 8 करोड़ प्रदेशवासियों के प्रति हमारी जिम्मेदारियों का दस्तावेज है। महिला, युवा, किसान, मजदूर और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचे — यही इस बजट का मूल उद्देश्य है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन और डिजिटल गवर्नेंस जैसे बुनियादी क्षेत्रों में ठोस प्रावधान किए गए हैं, जिससे राजस्थान को विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य बनाने की दिशा में यह बजट मील का पत्थर साबित होगा।

राजस्थान बजट 2026–27: वित्त मंत्री दीया कुमारी ने खोला विकास का खजाना, सड़क–रेल–ऊर्जा–शिक्षा–पर्यटन में बड़े ऐलान

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को विधानसभा में उपमुख्यमंत्री (वित्त) दिया कुमारी द्वारा राज्य बजट 2026-27 प्रस्तुत किए जाने के बाद पत्रकार वार्ता में कहा कि बजट 2026-27 राजस्थान के समग्र एवं सतत विकास को सुनिश्चित करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के विजन को आगे बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि यह बजट तेज आर्थिक विकास, लोगों की आशाओं-आकांक्षाओं पर खरा उतरने और सबका साथ सबका विकास के तीन कर्तव्यों को सर्वाेपरि रखते हुए बनाया गया है। यह बजट 8 करोड़ प्रदेशवासियों के प्रति हमारे कर्तव्यों का दस्तावेज है। 
उन्होंने कहा कि अंत्योदय के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्य तिथि के दिन आया यह बजट महिला, युवा, मजदूर, वंचित, किसान सहित अंतिम पंक्ति के व्यक्ति के कल्याण को समर्पित है। उन्होंने कहा कि बजट में आधारभूत संरचना का सुदृढ़ीकरण सहित बिजली, पानी, शिक्षा, चिकित्सा जैसे बुनियादी क्षेत्रों में सुविधाओं और सेवाओं के लिए प्रावधान किए गए हैं, जिससे राजस्थान विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनेगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026-27 के बजट का आकार 6 लाख 10 हजार 956 करोड़ रुपये है, जो वर्ष 2023-24 के बजट की तुलना में 41 प्रतिशत अधिक है। 
10 स्तम्भों पर आधारित हमारा बजट
श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार जनता से किए गए वादों को तेजी से पूरा कर रही है। राज्य सरकार ने बजट 2025-26 में 1441 बजट घोषणाएं की थी, जिनमें से 1246 घोषणाओं (86 प्रतिशत) और वर्ष 2024-25 के बजट की 1277 घोषणाओं में से 1188 घोषणाओं (93 प्रतिशत) की क्रियान्विति की गई है। उन्होंने कहा कि बजट 2026-27 अवसंरचना का विस्तार, नागरिक सुविधाओं से गुणवत्तायुक्त जीवन स्तर में वृद्धि, औद्योगिक विकास एवं निवेश को प्रोत्साहन, मानव संसाधन का सशक्तिकरण, सुदृढ़ सामाजिक सुरक्षा प्रणाली, पर्यटन, कला एवं सांस्कृतिक धरोहर, सुशासन एवं डिजिटल परिवर्तन, कृषि विकास एवं किसानों का कल्याण, हरित विकास एवं पर्यावरणीय सततता और 2047 तक 4.3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के मजबूत स्तम्भों पर आधारित है। 

प्रतिव्यक्ति आय पहली बार हुई 2 लाख रुपये से अधिक
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुशल वित्तीय प्रबंधन से प्रदेश की अर्थव्यवस्था में तेजी से सुधार आया है। इस बजट के अनुमान अनुसार राज्य की जीएसडीपी 21 लाख 52 हजार 100 करोड़ रुपये होना संभावित है, जो 2023-24 से लगभग 41 प्रतिशत अधिक है। वहीं, प्रतिव्यक्ति आय पहली बार 2 लाख 2 हजार 349 रुपये होना संभावित है, जो 2023-24 से 21.15 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि इस बजट में इन्फ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट के लिए पूंजीगत व्यय 53 हजार 978 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जो 2023-24 से 2 गुना से अधिक है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के लिए 32 हजार 526 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा है जो 2023-24 से 53 प्रतिशत अधिक है। ग्रीन बजट में 33 हजार 476 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जो पिछले वर्ष से 20.81 प्रतिशत अधिक है।
आरएसटीए से परीक्षाओं में पारदर्शिता होगी सुनिश्चित
श्री शर्मा ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं के बेहतर आयोजन के लिए बजट में राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी की घोषणा की गई है। इसके अंतर्गत ऑनलाइन टेस्टिंग सेंटर विकसित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से परीक्षाओं का आयोजन पारदर्शी तरीके से हो सकेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को निरंतर रोजगार प्रदान कर रही है। 5 साल में 4 लाख नौकरियों के संकल्प को पूरा करने के क्रम में अब तक 1 लाख से अधिक को सरकारी नियुक्तियां दी जा चुकी है। 1 लाख 54 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन है तथा 1 लाख का भर्ती कैलेण्डर जारी किया है। वहीं, निजी क्षेत्र में 2 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित किए हैं। 

वीबी जी राम जी में 4 हजार करोड़ का प्रावधान
मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में वीबी जी राम जी योजना के अंतर्गत 4 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि किसान सम्मान निधि के अंतर्गत 76 लाख किसानों के खातों में 10 हजार 900 करोड़ से अधिक की राशि डीबीटी की गई है। यमुना जल को शेखावाटी क्षेत्र तक लाने के लिए 32 हजार करोड़ रुपये के कार्य शुरू होंगे। रामजल सेतु लिंक परियोजना में 26 हजार करोड़ रुपये के कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं। सभी जिला मुख्यालयों पर नमो नर्सरी, पंचायत स्तर पर नमो पार्क और 16 जिलों में ऑक्सीजोन स्थापित किए जाएंगे।

शिक्षा के लिए 69 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान
श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा सुविधाओं का विस्तार करने के क्रम में बजट में 69 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जो 2023-24 से 35 प्रतिशत अधिक है। 400 स्कूल को सीएम राइज विद्यालयों के रूप में क्रमोन्नत भी किया जाएगा, जिसके लिए 100 करोड़ का प्रावधान है। वहीं, जयपुर के जे.के. लोन अस्पताल में 500 बैड क्षमता के आईपीडी टावर तथा आरयूएचएस में 200 बैड के पीडियाट्रिक आईपीडी का प्रावधान किया है। 

जिला स्तर पर खुलेंगे रूरल महिला बीपीओ
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला स्तर पर रूरल महिला बीपीओ, मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत महिला स्वयं सहायता समूहों को ऋण सीमा 50 लाख से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये तथा लखपति दीदी योजना में ऋण को 1 लाख से बढ़ाकर 1.5 लाख आदि प्रावधान महिलाओं के सशक्तिकरण में सहायक होंगे। उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए खुड़ी (जैसलमेर) में अल्ट्रा लग्जरी स्पेशल टूरिज्म जोन विकसित किया जाएगा। शेखावाटी हवेली योजना के अंतर्गत 660 से अधिक चिन्हित हवेलियों के पुनरुद्धार के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। 

वेतनमान एवं पदोन्नति सहित विभिन्न मांगों के परीक्षण के लिए उच्च स्तरीय समिति
श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेशवासियों को जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने तथा सुशासन देने में कार्मिकों की महती भूमिका है। हमारी सरकार कार्मिकों व पेंशनर्स के हितों के लिए संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कर्मचारी संगठनों द्वारा पदोन्नति के समुचित अवसर प्रदान करने व वेतनमान में संशोधन सम्बन्धी विभिन्न मांगों का तुलनात्मक अध्ययन व विश्लेषण कर अनुशंषा किये जाने हेतु उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा। यह समिति भविष्य में आठवें वेतन आयोग की रिपोर्ट प्राप्त होने पर उसेे राज्य में लागू करने के सम्बन्ध में आवश्यक परीक्षण कर अपनी सिफारिशें राज्य सरकार को प्रस्तुत करेगी।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी, उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचन्द बैरवा, अतिरिक्त मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय श्री अखिल अरोरा, प्रमुख शासन सचिव वित्त श्री वैभव गालरिया सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।

राज्य बजट 8 करोड़ प्रदेशवासियों के प्रति हमारे कर्तव्यों का दस्तावेज, राजस्थान का समग्र एवं सतत विकास होगा सुनिश्चित - मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष श्री अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि विधानसभा में प्रस्तुत राजस्थान बजट 2026-27 माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” की भावना से प्रेरित एक समावेशी और दूरदर्शी बजट है। यह बजट प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत और “सिटीजन फर्स्ट” के संकल्प के अनुरूप प्रदेश को विकसित राजस्थान 2047 की दिशा में तेजी से अग्रसर करेगा।  

चतुर्वेदी ने कहा कि बजट समाज के सभी वर्गों गरीब, युवा, अन्नदाता किसान, नारी, मजदूर एवं अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबके प्रयास” की मूल भावना इस बजट में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती है।  

उन्होंने कहा कि आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण, उद्योगों के विस्तार, कृषि एवं पशुपालन के सशक्तीकरण और निवेश प्रोत्साहन से प्रदेश में व्यापक रोजगार सृजन होगा। वर्ष 2028-29 तक राज्य की अर्थव्यवस्था को 350 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य सरकार की मजबूत आर्थिक दृष्टि को दर्शाता है।  

वित्त आयोग अध्यक्ष ने कहा कि कृषि प्रधान राजस्थान में किसानों और ग्रामीण विकास को विशेष प्राथमिकता दी गई है, जिससे उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस पहल हुई है। युवाओं के लिए नई भर्तियां, कौशल विकास और स्टार्टअप प्रोत्साहन, महिलाओं के सशक्तिकरण तथा शिक्षा क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण के प्रावधान सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करते हैं।  

उन्होंने कहा कि ग्रीन बजट के माध्यम से रिन्यूएबल एनर्जी—सौर, पवन और जल ऊर्जा—पर विशेष फोकस रखा गया है, जिससे राजस्थान को ग्रीन एनर्जी हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।  

श्री चतुर्वेदी ने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट प्रदेशवासियों की खुशहाली सुनिश्चित करते हुए आत्मनिर्भर एवं विकसित राजस्थान के संकल्प को साकार करने में मील का पत्थर सिद्ध होगा।

विकसित राजस्थान 2047 के विजन को देगा नई गति, 350 बिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य - राज्य वित्त आयोग अध्यक्ष

जयपुर। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने राजस्थान बजट 2026—27 को विकसित राजस्थान के निर्माण का सशक्त और दूरदर्शी रोडमैप बताते हुए कहा कि यह बजट प्रदेश को आत्मनिर्भर, समृद्ध और सर्वांगीण विकास की दिशा में अग्रसर करने वाला है।
राठौड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में वित्त मंत्री दीया कुमारी द्वारा प्रस्तुत यह बजट आमजन, किसान, युवा, महिला, कर्मचारी, व्यापारी और उद्योग जगत सभी वर्गों की अपेक्षाओं पर खरा उतरता है। बजट में आधारभूत ढांचे के विस्तार, ग्रामीण विकास, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया गया है, जो आने वाले वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने बताया कि बजट में 42 हजार किलोमीटर सड़कों का निर्माण होगा। जोधपुर, पाली, मारवाड औद्योगिक कॉरिडोर 600 करोड की सहायता से, सीएम स्वरोजगार योजना से 10 लाख रुपए तक का ब्याज ऋण मुक्त सहायता, ग्रामीण महिला बीपीओ खोलना, पारदर्शी परीक्षा के लिए राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी की स्थापना, महिला स्वयं सहायता समूहों को ऋण सीमा 50 लाख से बढाकर 1 लाख, अगले साल 50 हजार सौलर पंप लगाएं जाएंगे जैसी महत्वपूर्ण घोषणाएं बजट में की गई है। 

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने बताया कि प्रदेश सरकार ने वित्तीय अनुशासन के साथ विकास और जनकल्याण के बीच संतुलन स्थापित किया है। कृषि एवं पशुपालन को मजबूती, युवाओं के लिए कौशल विकास और रोजगार के अवसर, महिलाओं के सशक्तिकरण तथा शहरी एवं ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की दिशा में बजट में महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यह बजट ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की भावना को साकार करता है। प्रदेश की जनता ने जिस विश्वास के साथ भाजपा सरकार को जनादेश दिया था, यह बजट उसी विश्वास को और मजबूत करने वाला है। राठौड़ ने विश्वास व्यक्त किया कि राजस्थान बजट 2026—27 प्रदेश को विकसित राज्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा और आमजन के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन लाएगा।

बजट में आधारभूत ढांचे के विस्तार, ग्रामीण विकास, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान :— मदन राठौड़