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जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 12 साल से देश वित्तीय अनुशासन और स्थायित्व के साथ विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने रविवार को केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट को आत्मनिर्भर से विकसित, संभावनाओं से उपलब्धियों और संकल्प से सिद्धि की ओर ले जाने वाला बजट बताया। उन्होंने कहा कि इस बजट में नए भारत की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के साथ-साथ अंतिम व्यक्ति को आगे लाने की प्रतिबद्धता का भी पूरा ध्यान रखा गया है। 

मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय बजट पर सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में मीडिया प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा शक्ति केन्द्रित इस बजट में युवाओं के लिए रोजगार, स्किल डेवलपमेंट, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और सर्विस सेक्टर पर फोकस बढ़ाने वाले प्रावधान किए गए हैं, इससे युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे। एक लाख एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल, 1 लाख 50 हजार केयर गिवर्स और टूरिस्ट गाइड्स को कौशल प्रशिक्षण से भी युवाओं को फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में  एवीजीसीएक्सआर पॉलिसी पहले ही लागू की जा चुकी है। अब माध्यमिक विद्यालयों और महाविद्यालयों में कंटेट क्रियेटर लैब्स की स्थापना से राजस्थान के युवाओं को दोहरा लाभ होगा। उन्होंने कहा कि बजट में महिलाओं के लिए सशक्तिकरण, सुरक्षा और आर्थिक भागीदारी को मजबूत करने, कृषि अवसंरचना एवं बाजार तक किसानों की पहुंच बढ़ाने और जोखिम घटाने के लिए भी महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।
हैवी मशीनरी निर्माण के लिए प्रदेश में निवेश का किया आह्वान
श्री शर्मा ने कहा यूरोप के साथ ऐतिहासिक समझौता होने के बाद इस बजट ने देश के छोटे-बड़े उद्योगों, मैन्युफैक्चरर्स, कारीगरों और कामगारों को वैश्विक बाजार में जगह बनाने के लिए नई दिशा दिखाई है। बायो फार्मा, केमिकल्स, टेक्सटाइल, हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट जैसे क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए बजट में कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। उन्होंने उद्योग जगत का आह्वान किया कि कंस्ट्रक्शन और इन्फ्रास्ट्रक्चर की हैवी मशीनरी के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए बजट में लाई गई विशेष योजना का लाभ लेते हुए राजस्थान के इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में अपनी इकाइयां लगाएं। उन्होंने कहा कि इस बजट से प्रदेश के निर्यातकों को नए खुल रहे बाजारों में निर्यात वृद्धि  के अवसर भी मिलेंगे।

राजस्थान के सोलर सेक्टर को मिलेगी नई गति 
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट में राजस्थान की संभावनाओं और आवश्यकताओं को पूरा स्थान मिला है। अक्षय ऊर्जा के लिए 30 प्रतिशत ज्यादा करीब 32 हजार 914 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इसी प्रकार पीएम सूर्यघर योजना को 22 हजार करोड़ रुपये दिए गए हैं। सोलर ग्लास मैन्युफेक्चरिंग में प्रयोग आने वाले सोडियम एंटीमोनेट के आयात पर कस्टम ड्यूटी में छूट दी गई है। बीईएसएस में उपयोग में आने वाले लीथियम आयन सेल बैटरी निर्माण में प्रयुक्त पूंजीगत सामानों के लिए कस्टम ड्यूटी में छूट दी गई है। राजस्थान सौर ऊर्जा में पहले से ही अग्रणी प्रदेश है, अब इन प्रावधानों से प्रदेश के सौर ऊर्जा क्षेत्र को नई गति मिलेगी। 

सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर प्रावधानों से प्रदेश होगा लाभान्वित 
श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने हाल ही में सेमीकंडक्टर नीति, एआईएमएल नीति और डेटा सेंटर नीति लागू की हैं। इसलिए इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, एआई मिशन, नेशनल क्वांटम मिशन, इलेक्ट्रोनिक कम्पोनेन्ट मेनुफेक्चरिंग स्कीम, डेटा सेंटर और क्लाउड सर्विसेज को दिए गए इंसेंटिव्स का फायदा लेते हुए सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर हब बनने के लिए प्रदेश पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि एसएमई विकास निधि और आत्मनिर्भर भारत टॉपअप छोटे उद्योगों के लिए बड़ी सौगात हैं। महात्मा गांधी स्वराज योजना और चैम्पियन एमएसएमई बनाने की पहल से राजस्थान के छोटे उद्योगों के ग्लोबल बिजनेस हाउस बनने की राह प्रशस्त होगी। मेगा टैक्सटाइल पार्क, टेक्सटाइल लेबर इंसेंटिव स्कीम और देशभर में 200 इंडस्ट्रियल क्लस्टर्स को फिर से मजबूत करने की घोषणा भी राजस्थान की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में अवसंरचना विकास पर विशेष जोर देते हुए 12 लाख 20 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे प्रदेश के शहरी ढांचे को मजबूत करने के लिए अधिक राशि मिल सकेगी। इनविट बॉन्डस, आरईआईटी और म्युनिसिपल बॉन्डस से मिलने वाले आर्थिक संबल से प्रदेश के शहर बड़े पैमाने पर लाभान्वित होने जा रहे हैं। 

इस दौरान मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास सहित राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।

छोटे उद्योगों के ग्लोबल बिजनेस हाउस बनने की राह होगी प्रशस्त - मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा

अजमेर। केन्द्रीय बजट के सम्बन्ध में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी द्वारा सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मीडियाकर्मियों को जानकारी दी गई।
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रस्तुत केन्द्रीय बजट देश को विकसित भारत की दिशा में मजबूती से आगे ले जाने वाला बजट है। पहली बार कर्तव्य भवन में निर्मित माननीय केन्द्रीय वित मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमन द्वारा प्रस्तुत यह बजट तीन कर्तव्यों पर आधारित है। इसमें आर्थिक स्थिरता समावेशी विकास, भविष्य की आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ सबका साथ-सबका विकास को बल दिया गया है।
उन्होंने बताया कि इस बजट को देखकर निश्चित तौर पर यह कहा जा सकता है कि ज्ञान (जीवाईएएन) यानी जी-गरीब, वाई-युवा, ए-अन्नदाता, एन-नारी शक्ति को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की सरकार समर्पित है। बजट के आधार तीन कर्तव्य तेज और सतत आर्थिक वृद्धि, आम नागरिकों की उम्मीदों को पूरा करना तथा सबका साथ-सबका विकास है।

उन्होंने बताया कि सतत आर्थिक वृद्धि के लिए इस बजट की सबसे बडी विशेषता इनफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश है। इसके अंतर्गत प्रोडक्शन और मेन्यूफेक्चर सेक्टर को बढ़ावा देना है। इण्डिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 रेयर अर्थ कॉरीडोर, केमिकल पार्क केपीटल गुड्स प्रोडक्शन को बढ़ावा दिया गया है। इलेक्ट्रोनिक्स कम्पोनेट्स योजना का विस्तार 40 हजार करोड की लागत से किया गया है। दस हजार करोड से बायो फॉर्मा शक्ति योजना बनाई गई हैं। चैम्पियन एमएसएमई को बनाने की एक नई पहल से मध्यम एंव लघु उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। इससे रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। इसी सेक्टर के ग्रोथ के लिए 10 हजार करोड का एसएमई ग्रोथ फन्ड का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने बताया कि सरकार के द्वारा बजट में 12.2 लाख करोड का पब्लिक केपीटल एक्सपेन्डिचर फन्ड प्रस्तावित किया गया है जो अब तक का सबसे अधिक हैं। इसके साथ ही कुल मिलाकर प्रभावी केपेक्स 17.1 लाख करोड, यानी देश की जीडीपी का 4.4 प्रतिशत तय किया गया है। इससे सड़के, रेलवे, लोजिस्टिक इन्डस्ट्रीयल एरिया, शहरी ढांचा और कनेक्टीविटी पर बड़े स्तर पर काम होगा । इन्फ्रॉस्ट्रक्चर वृद्धि से रोजगार पैदा होंगे, निवेश में वृद्धि होगी जिससे अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

उन्होंने बताया कि बजट में घोषित नए फ्राइट कॉरीडोर, 20 नए जलमार्ग, कॉस्टल कार्गो योजना, सात हाई स्पीड रेलवे कॉरीडोर, 20 हजार करोड का सीसीयूएस निवेश, सिटी इकोनोमिक रिजन्स का विकास, टीयर 2 और टीयर 3 शहरों में कॉपोरेट मित्रों की नियुक्ति सरकार के प्रथम कर्तव्य तेज और सतत आर्थिक वृद्धि को दर्शाता हैं।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार लगातार आम नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए कार्य कर रही है। इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, पर्यटन आदि सुविधाओं को विकसित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत इस बजट में एक लाख एलाईड हेल्थ प्रोफेश्नल्स, डेढ लाख केयरगिवर्स को प्रशिक्षण और पांच मेडिकल हब बनाने तथा कैंसर की 17 आवश्यक दवाओं में कस्टम ड्यूटी में छूट की घोषणा कर सरकार ने आमजन को अच्छी मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने की ओर कदम बढ़ाया है।
उन्होंने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में युवाओं को अच्छी सुविधाएं देने के लिए पांच यूनिवर्सिटी टॉउनशिप तथा हर जिले में बालिका छात्रावास के निर्माण की घोषणा एक ऐतिहासिक कदम है। विश्व के सबसे युवा देश भारत के युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं देने को प्रतिबद्ध मोदी सरकार के द्वारा अगले 10 वर्षों के लिए खेलो इंडिया मिशन की घोषणा इस बजट में की गई है।
उन्होंने बताया कि इस बजट में पर्यटन क्षेत्र, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ाने का माध्यम बनाया गया हैं। नेशन्ल इन्स्टीटूट ऑफ हॉस्पिटीलिटी की स्थापना, 20 विशेष पर्यटन स्थलों की स्थापना, खगोल विज्ञान को बढ़ावा तथा 10 हजार गाइडों को कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और विरासत महत्व वाले सभी स्थानों के डिजीटल डॉक्यूमेन्ट्स तैयार करने के लिए नेशनल डेस्टीनेशन डिजीटल नोलेज ग्रिड की स्थापना की जाएगी। विरासत और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भारत के 15 पुरातात्विक स्थलों को सांस्कृतिक गंतव्य के रूप में विकसित किया जाएगा। 

उन्होंने बताया कि पूर्वाेतर के पांच पर्यटन स्थलों का विकास तथा बौद्ध सर्किट की स्थापना की जाएगी। इफ्रास्ट्रक्चर आधारित ट्यूरिजम सेक्टर का विकास, पर्यटन स्थलों पर कनेक्टिीविटी और सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इससे स्थानीय युवाओं और महिलाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। इस बजट में पर्यटन को केवल मनोरंजन नहीं बल्कि पर्यटन क्षेत्रों के विकास का मजबूत आधार बनाया गया है।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिए गए नारे सबका साथ-सबका विकास को आधार मानते हुए इस बजट में सभी वर्गों जैसे महिला, किसान, युवा, गरीब आदि के उत्थान का ध्यान रखा गया है। भारत के अन्नदाता किसान भाईयों की आय में वृद्धि करने और कृषि को आधुनिक बनाने के लिए इस बजट में अत्यन्त सकारात्मक कदम उठाए गए है। भारत विस्तार नामक एआई टूल्स के माध्यम से कृषि प्रणालियों को तकनीक से जोडा जाएगा। उच्च मूल्य वाली खेती को बढ़ावा देने के लिए नारियल, चंदन, कोको, काजू जैसी फसलों के लिए विशेष प्रावधान किया गया है। राष्ट्रीय फाइबर योजना की शुरूआत कृषि क्षेत्र में रेशम, ऊन और जूट जैसे प्राकृतिक फाइबर में भारत को आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने में ठोस कदम है। महात्मा गांधी ग्राम स्वराज्य इनिशियटिव का प्रस्ताव दिया गया। इससे ग्रामीण युवाओं, बुनकरों, कुटीर खादी उद्योगों को फायदा होगा।

उन्होंने बताया कि बजट 2026-27 में ग्रामीण अर्थव्यवस्था किसान समृद्धि को मजबूती देने के लिए पशु पालन के क्षेत्र को प्राथमिकता दी गई है। इस दिशा में एक बड़ा और दूरदर्शी कदम उठाते हुए पशु चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने के लिए पूंजी सब्सिडी योजना का प्रावधान किया गया है। पांच सौ जलाशयों और अमृत सरोवरों को एक कर मछली पालन के क्षेत्र को सशक्त बनाने का निर्णय ऐतिहासिक हैं।

उन्होंने बताया कि सरकार की पहचान रिफार्म, परफार्म और ट्रासंफार्म है। हम गर्व से कह सकते हैं कि भारत केवल सुधारों की चर्चा नहीं करता बल्कि रिफार्म एक्सप्रेस पर सवार होकर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस रिफार्म एक्सप्रेस का सबसे मजबूत इंजन हमारी नारी शक्ति हैं। इस बजट में महिला सशक्तिकरण के लिए जो रोडमैप प्रस्तुत किया गया है वह महिलाओं की आर्थिक भागीदारी, तकनीकी नेतृत्व और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में उनकी भूमिका को विस्तार देता है।

उन्होंने बताया कि महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए डेढ लाख केयरगिवर्स और एक लाख एएचपी को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। ग्रामीण महिला उद्यमियों के उत्थान के लिए (सेल्फ हेल्प इटंरप्रेन्योर) शीमार्ट को अब कम्यूनिटी स्वामित्व वाली खुदरा दुकानों के रूप में स्थापित किया जाएगा। एमएसएमई क्षेत्र में महिलाओं के लिए 10 हजार करोड के एसएमई ग्रोथ फण्ड की स्थापना की गई है। यह महिला उद्यामियों को इक्यूविटी सपोर्ट प्रदान करेगा। साथ ही लखपति दीदी योजना का भी विस्तार किया गया है। बजट में महिलाओं के विकास और सशक्तिकरण की दिशा में कई पहल की गई है। इससे वे सुरक्षित और आर्थिक रूप से मजबूत हो पाएंगी।

उन्होंने बताया कि इसी के साथ सभी वर्गों के विकास को ध्यान में रखते हुए विभिन्न योजनाएं प्रस्तावित की गई है। दिव्यांग कौशल योजना, सहायक उपकरण योजना, मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देते हुए उत्तर भारत में निमहन्स-2 की स्थापना, 3 आयुर्वेदिक एम्स का निर्माण, ईस्ट कोस्ट इन्ड्सट्रीयल कोरिडॉर की स्थापना, इनकम टैक्स स्लेब में स्थिरता, समुद्री उत्पादों पर शुल्क मुक्त आयात की सीमा एक से बढ़ाकर तीन प्रतिशत की गई, व्यापार को सरल बनाने के लिए टीयर 2 और टीयर 3 के अधिकृत आर्थिक ऑपरेटरों के लिए शुल्क स्थगन अवधि को 15 से बढ़ाकर 30 दिन किया गया हैं। ई-कॉमर्स निर्यात को बढ़ावा दिया गया है। आईटी डाटा सेन्टर एवं विदेशी निवेश को प्रोत्साहन दिया गया है। इससे कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित किये जा सके।

उन्होंने बताया कि भारत की सैन्य शक्ति को मजबूती प्रदान करने एवं आधुनिकीकरण करने हेतु रक्षा बजट में 15 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। वत्तीय मोर्चे पर भी यह बजट संतुलित है। सरकार ने वित्तीय घाटे को जीडीपी 4.4 प्रतिशत पर नियंत्रित रखते हुए यह संदेश दिया है कि विकास के साथ-साथ वित्तीय अनुशासन भी जरूरी हैं। टैक्स सिस्टम को सरल बनाने ईज ऑफ डूईंग बिजनस को बढाने, निर्यात को प्रोत्साहित करने और ईमानदार करदाताओं को राहत देने के कई कदम बजट में शामिल किए गए है। इससे आम आदमी और करोबार दोनों को फायदा होगा। केन्द्र राज्य की साझेदारी को नई दिशा देने वाले एक प्रगतिशील, दूरगामी और प्रभावशाली बजट के लिए प्रधानमंत्री जी और केन्द्रीय वित्त मंत्री का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने बताया कि बजट से राजस्थान प्रदेश को भी अभूतपूर्व लाभ होगा। बढ़ा हुआ केपीटल एक्सपेंडीचर सडक, शहरी विकास, लोजिस्टिक और इन्डस्ट्रीयल ढांचे को मजबूती देगा। दिल्ली-मुम्बई इन्डस्ट्रीयल कॉरीडोर से जुडे ईलाकों को विशेष लाभ होगा। एमएसएमई से जुडी योजनाओं का सीधा लाभ राजस्थान के हेन्डीक्राफ्ट, टेक्सटाईल, मॉबर्ल, स्टोन, फूड प्रोसेसिंग और एग्रो बेस्ड इंडस्ट्रीज को मिलेगा। पर्यटन, कौशल विकास और रिन्यूबल एनर्जी पर बजट का फोकस राजस्थान की हेरिटेज अर्थव्यवस्था, युवाओं के रोजगार और सौर ऊर्जा में अग्रणी भूमिका को और मजबूत करेगा। यह बजट राजस्थान को देश की विकास यात्रा में विकसित भारत-2047 की आकांक्षा को पूरा किये जाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

इस अवसर पर जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु, पुलिस अधीक्षक वंदिता राणा, महामंत्री श्रीमती सरिता गेना, अध्यक्ष श्री जीतमल प्रजापत एवं श्री रमेश सोनी, प्रदेश प्रवक्ता डॉ. अरविन्द शर्मा गिरधर, श्री रचित कच्छावा, अतिरिक्त जिला कलक्टर सुश्री ज्योति ककवानी एवं श्री नरेन्द्र कुमार मीणा सहित अधिकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता एवं मीडियाकर्मी उपस्थित रहे।

विकसित भारत-2047 के लिए दिशा देने वाला है बजट, आम नागरिकों की उम्मीदें होंगी पूरी - उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी

- राजस्थानी भाषा और सिनेमा के भविष्य पर हुआ मंथन
- RIFF मंच बना सांस्कृतिक संवाद का केंद्र

जोधपुर। शहर में आयोजित हो रहे राजस्थान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल  RIFF 2026 के तहत सोमवार को ओपन फोरम का आयोजन किया गया। मिराज सिनेमा ब्लू सिटी मॉल में चल रहे इस फेस्टिवल में सिनेमा: क्षेत्रीय भाषाएं और राजस्थानी भाषा की पहचान, भविष्य और चुनौतियां विषय पर एक विशेष टॉक शो आयोजित हुआ। इस मंच पर फिल्म, ओटीटी और कंटेंट जगत से जुड़े दिग्गजों ने राजस्थानी भाषा को सिनेमा और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मजबूत पहचान दिलाने, उसकी संभावनाओं और आने वाली चुनौतियों पर गहन मंथन किया। टॉक शो में मौजूद भाजपा हरियाणा प्रभारी एवं पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पुनिया ने क्षेत्रीय भाषाओं, खासकर राजस्थानी भाषा के संरक्षण पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आधुनिकता की दौड़ में हमारी लोक भाषा, रीति-रिवाज और सांस्कृतिक पहचान संकट में है। ऐसे में RIFF जैसे आयोजन लोक संस्कृति को थामने और नई पीढ़ी से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने 12वें संस्करण की सफलता पर RIFF टीम को बधाई दी और उम्मीद जताई कि यह मंच आगे भी फिल्म, लेखन और OTT के जरिए लोक भाषाओं को नई ऊंचाई तक ले जाएगा।उन्होंने यह भी कहा कि कला और संस्कृति केवल मुनाफे का माध्यम नहीं, बल्कि समाज की आत्मा होती हैं। RIFF जैसे प्रयास आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़े रखने में अहम भूमिका निभाएंगे। स्टेज OTT राजस्थान की कंटेंट हेड रेनू राणा ने बताया कि जोधपुर में पले-बढ़े होने के कारण राजस्थानी सिनेमा से उनका जुड़ाव बचपन से रहा है। उन्होंने कहा कि एक समय राजस्थानी फिल्म इंडस्ट्री अपने शिखर पर थी और देश की शुरुआती रीजनल इंडस्ट्रीज में शामिल रही। स्टेज के माध्यम से अपनी जड़ों से दोबारा जुड़ने का अवसर मिला और स्टेज OTT के माध्यम से उस सपने को साकार करने का मंच मिला। उन्होंने बताया कि स्टेज फीचर फिल्म, वेब सीरीज और लॉन्ग सीरीज के जरिए नए कलाकारों व थिएटर आर्टिस्ट्स को अवसर दे रहा है, जिससे राजस्थानी सिनेमा का खोया हुआ दौर फिर लौटने की उम्मीद मजबूत हुई।
संघर्ष, दर्शक और कंटेंट की गुणवत्ता पर जोर
लेखक व निर्देशक पंकज तंवर ने कहा कि सिनेमा और कंटेंट की दुनिया में आगे बढ़ने के लिए निरंतर संघर्ष और आत्ममंथन जरूरी है। उन्होंने बताया कि यदि कोई फिल्म, गीत या कंटेंट दर्शकों तक नहीं पहुंच पा रहा है, तो उसकी वजह समझकर खुद को और मजबूत करना चाहिए। दर्शक ही किसी कंटेंट की असली कसौटी होते हैं। सोशल मीडिया के दौर में प्रतिस्पर्धा बढ़ी है, इसलिए बेहतर कहानी, बेहतर गीत और उच्च स्तर का काम ही पहचान दिला सकता है। निरंतर प्रयास से ही कंटेंट को नई ऊंचाई तक पहुंचाया जा सकता है।
राजस्थानी सिनेमा में लोक संगीत को नई पहचान देने की दिशा में एक अहम प्रयास सामने आया। फिल्म निर्देशक कपिल तंवर ने बताया कि अपनी शॉर्ट फिल्म के लिए वे राजस्थान की आत्मा से जुड़ा संगीत तलाश रहे थे। इसी दौरान उन्हें म्यूजिक डायरेक्टर अजय सोनी का रिकॉर्ड किया गया घूमर बेहद पसंद आया, जिसे उन्होंने फिल्म में शामिल किया। अजय सोनी ने पूरी फिल्म का संगीत भी तैयार किया। कपिल तंवर ने कहा कि वे बॉलीवुड के बजाय स्थानीय लोक वाद्ययंत्रों और फोक म्यूजिक को प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने माना कि यह थोड़ा जोखिम भरा होता है, लेकिन यह प्रयोग सफल रहा और आगामी प्रोजेक्ट में भी वे इसी तरह का कंटेंट प्रस्तुत करेंगे।

RIFF मंच से राजस्थानी भाषा को लेकर भावुक अपील
RIFF के फाउंडर व फेस्टिवल डायरेक्टर सोमेंद्र हर्ष ने राजस्थानी भाषा के संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि प्रोफेशनल जीवन में भले ही अंग्रेज़ी जरूरी हो, लेकिन घर और समाज में अपनी मातृभाषा में अधिक से अधिक बातचीत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि आज भी हम अपनी भाषा का प्रयोग करते रहेंगे तो आने वाली पीढ़ियों तक राजस्थानी जीवित रहेगी। अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की मौजूदगी के बावजूद उन्होंने निसंकोच राजस्थानी में बोलने की अपील की और भविष्य में अधिक राजस्थानी फिल्मों के प्रदर्शन का सपना साझा किया।
ऋषि सिंह सिसौदिया, संस्थापक ऋषि एंटरटेनमेंट टी सीरीज ने बताया कि राजस्थानी गाने की पहचान बनाए रखने के लिए सही म्यूज़िक, विज़ुअलाइजेशन और प्रमोशन जरूरी है। बिना प्रचार गाना नहीं चलता।लंगा-मंगणियार और लोक कला को जोड़कर नए कम्पोज़िशन के साथ मेहनत से गाना लोगों तक पहुंचे और राजस्थानी म्यूज़िक मजबूत बने।

राजस्थान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के तहत मंगलवार को मिराज सिनेमा, ब्लू सिटी मॉल में दर्शकों के लिए 20 से अधिक फिल्मों का विशेष प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान रघुवीरम – द बर्डसॉन्ग, टुकटुक वाली, घूमर, लॉर्ड्स सिग्नल, स्ट्रेज़ और ऐ ज़िंदगी सहित कई चर्चित फिल्मों को निशुल्क ग्रुप स्क्रीनिंग के माध्यम से दिखाया जाएगा। फेस्टिवल का यह आयोजन सिनेमा प्रेमियों को विविध भाषाओं और विषयों की फिल्मों से रूबरू कराने का एक बेहतरीन अवसर प्रदान करेगा।

आधुनिकता की दौड़ में लोक भाषा, रीति-रिवाज और सांस्कृतिक पहचान संकट में- पुनिया

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रातः जल्दी उठकर दौड़ने और व्यायाम से शरीर स्वस्थ रहता है तथा पूरे दिन शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार रहता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ को धरातल पर उतारने के लिए स्वस्थ जीवनशैली एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने युवाओं से व्यायाम को अपनी नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाकर देश-प्रदेश के विकास में योगदान देने की अपील की।
श्री शर्मा रविवार को जयपुर में आयोजित एयू जयपुर मैराथन में उपस्थित प्रतिभागियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश के उज्जवल भविष्य के लिए युवा एक महत्वपूर्ण स्तम्भ हैं तथा देश-प्रदेश के युवा हर क्षेत्र में नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानन्द के विचारों को आगे बढ़ाकर प्रधानमंत्री देश का नाम पूरी दुनिया में रोशन कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने गत 2 वर्षों में युवाओं के लिए खेल, रोजगार, कौशल विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक अवसर उपलब्ध कराए हैं। इससे हमारा युवा रोजगार प्राप्त करने के साथ रोजगार प्रदाता भी बन रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं के हर सपने को पूरा करने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
कार्यक्रम में श्री शर्मा ने मैराथन को हरी झण्डी दिखाकर रामनिवास बाग से रवाना किया। उन्होंने विजेता प्रतिभागियों को मेडल एवं प्रमाण-पत्र से सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन भी किया। 
इस अवसर पर मेहंदीपुर बालाजी महन्त श्री नरेशपुरी महाराज, पं. सुरेश मिश्रा, अभिनेता श्री मिलिंद सोमन, आर्किटेक्चर श्री अनूप बरतरिया सहित अन्य अतिथिगण एवं बड़ी संख्या में प्रतिभागी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने एयू मैराथन को दिखाई हरी झण्डी, प्रधानमंत्री के फिट इंडिया मूवमेंट को साकार करने में युवा बनें सक्रिय भागीदार

जयपुर। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट केवल एक वित्तीय दस्तावेज़ नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत @2047” के विराट संकल्प का ठोस और दूरदर्शी रोडमैप है। यह बजट देश को आत्मनिर्भर, सशक्त और वैश्विक नेतृत्वकर्ता बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि इस बजट में लोक-लुभावनी घोषणाओं के स्थान पर राष्ट्र निर्माण की मूल भावना को महत्व दिया गया है। इसमें आधारभूत ढांचे के सशक्तिकरण, रोजगार सृजन, औद्योगिक विस्तार, तकनीकी नवाचार और ग्रामीण समृद्धि को एक समग्र दृष्टिकोण के साथ जोड़ा गया है। यह बजट वर्तमान पीढ़ी के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए स्थाई और संतुलित विकास की नींव रखता है।
आज जब दुनिया व्यापार युद्ध, सप्लाई चेन संकट, भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितताओं से जूझ रही है, तब मोदी सरकार ने संयम, संतुलन और आत्मविश्वास के साथ ऐसा बजट प्रस्तुत किया है जो आर्थिक स्थिरता को बनाए रखते हुए तेज़ विकास का मार्ग प्रशस्त करता है। यह बजट यह सिद्ध करता है कि भारत संकटों में भी अवसर खोजने की क्षमता रखता है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि इस बजट में युवा, महिलाओं, किसान, एमएसएमई, स्टार्टअप, उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा और नवाचार जैसे सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों को केंद्र में रखा गया है। विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस,सेमीकंडक्टर मिशन, नवीकरणीय ऊर्जा जैसे आधुनिक क्षेत्रों को नई गति देने के प्रावधान भारत को तकनीकी महाशक्ति बनाने की दिशा में निर्णायक सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि यह बजट न केवल विकसित भारत @2047 की नींव को और मजबूत करता है, बल्कि विकसित राजस्थान @2047 के सपने को भी साकार करने की दिशा में एक मजबूत आधार प्रदान करता है।

राठौड़ ने कहा कि रेलवे के आधुनिकीकरण, हाई-स्पीड और फ्रेट कॉरिडोर के माध्यम से कनेक्टिविटी में अभूतपूर्व सुधार होगा, जिससे व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक निवेश को नई रफ्तार मिलेगी। एमएसएमई को मजबूत करने की योजनाएँ और टियर-2 तथा टियर-3 शहरों में उद्योगों को प्रोत्साहन राजस्थान जैसे राज्यों के लिए नए अवसर खोलेंगे। महिला सशक्तिकरण की दिशा में प्रत्येक जिले में महिला और बालिका छात्रावासों का निर्माण बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को नई मजबूती देगा। युवाओं के लिए स्टार्टअप, स्किल डेवलपमेंट और तकनीकी प्रशिक्षण पर जोर उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगा। कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाएँ, जल संरक्षण, पशुपालन और किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास गाँवों में समृद्धि का नया अध्याय लिखेंगे। मोदी सरकार ने इस बजट के माध्यम से एक बार फिर सिद्ध किया है कि सुशासन, नवाचार और समावेशी विकास ही देश की प्रगति का मूल मंत्र है। यह बजट आत्मविश्वास, आशा और तेज़ प्रगति का प्रतीक है। राजस्थान की जनता के हित में भारतीय जनता पार्टी इस बजट के प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी, ताकि इसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे।

विकसित भारत @2047 के संकल्प को साकार करने वाला दूरदर्शी, समावेशी और जनकल्याणकारी बजट :— मदन राठौड़

जोधपुर के राजस्थान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (RIFF) के 12वें संस्करण के दूसरे दिन मिराज सिनेमा, ब्लू सिटी मॉल में 19 से अधिक फिल्मों का प्रदर्शन किया गया।इन फिल्मों को देखने के लिए बड़ी संख्या में जोधपुरवासी पहुंचे, जहां शॉर्ट फिल्म, फीचर फिल्म, डॉक्यूमेंट्री और म्यूजिक वीडियो को लेकर दर्शकों में खास उत्साह देखने को मिला, वही OTT प्लेटफॉर्म पर आधारित टॉक शो में जहां डिजिटल प्लेटफॉर्म, सिनेमा के बदलते स्वरूप और नए कलाकारों के अवसरों पर चर्चा की गई। टॉक शो में स्टेज OTT के CCO व को-फाउंडर प्रवीण सिंघल, फिल्म व टीवी अभिनेत्री सुज़ैन बर्नेट,  व अभिनेता संगीतकार रतुल शंकर और भारतीय निर्देशक व निर्माता सतराजित सेन ने अपने अनुभव साझा किए कार्यक्रम का संचालन RIFF के फेस्टिवल डायरेक्टर अंशु हर्ष ने किया। 

स्टेज ओटीटी के सीसीओ और सह-संस्थापक प्रवीण  सिंघल ने बताया कि ओटीटी आज केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं रहा, बल्कि लोकल कहानियों को ग्लोबल मंच देने का मजबूत जरिया बन चुका है। उन्होंने कहा कि गांवों और छोटे शहरों में थिएटर की कमी रही है, लेकिन इंटरनेट और मोबाइल ने यह बाधा खत्म कर दी है। ओटीटी के जरिए देश-विदेश में रह रहे लोग अपनी भाषा, संस्कृति और जड़ों से जुड़ी कहानियों से दोबारा जुड़ पा रहे हैं। स्टेज ने हरियाणवी, राजस्थानी, भोजपुरी और गुजराती कंटेंट पर फोकस कर यह साबित किया कि सच्ची और जमीन से जुड़ी कहानियों को न बड़े सितारों की जरूरत होती है और न भारी बजट की। आज स्टेज ओटीटी पर करीब 60 लाख पेड सब्सक्राइबर हैं, जो रीजनल सिनेमा के लिए भुगतान कर कंटेंट देख रहे हैं, जो इस सोच की सबसे बड़ी सफलता है।
फिल्म और टीवी एक्टर सुज़ैन बर्नर्ट ने ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को लेकर कहा कि वेब सीरीज़ की कहानियाँ फिल्म और टीवी दोनों से अलग होती हैं। वेब सीरीज़ ऐसे विषयों पर बनती हैं जिन्हें न तो दो घंटे की फिल्म में समेटा जा सकता है और न ही रोज़ाना आने वाले टीवी शो में दिखाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि टीवी में काम की रफ्तार बहुत तेज़ होती है, जहाँ रोज़ लंबे घंटे शूटिंग करनी पड़ती है, जबकि फिल्मों में प्रक्रिया काफी धीमी होती है। वेब सीरीज़ इन दोनों के बीच का माध्यम है, जहाँ बेहतर कहानी और अभिनय का मौका मिलता है। सुज़ैन ने कहा कि ओटीटी ने नए और गंभीर विषयों के लिए रास्ते खोले हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संवाद या भाषा तभी सही लगती है जब वह कहानी की ज़रूरत हो, जबरदस्ती कुछ डालना उन्हें ठीक नहीं लगता।

रतुल शंकर ने कहा कि उनका मुख्य दृष्टिकोण संगीत से जुड़ा हुआ है, क्योंकि वे पेशे से एक म्यूज़िशियन हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी पहली फिल्म करीब 25 साल पहले की थी, जब वे स्कूल से निकलकर कॉलेज में आए ही थे। इतने वर्षों बाद निर्देशक शतरजीत ने उन्हें अपनी फिल्म में अभिनय का मौका दिया। रतुल शंकर ने ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को कलाकारों के लिए एक बड़ा अवसर बताया। उनका कहना है कि ओटीटी ने कई बेहतरीन कलाकारों, संगीतकारों और निर्देशकों को सामने आने का मौका दिया है, जिन्हें पहले बड़े बैनर या फिल्मों में अवसर नहीं मिल पाता था। उन्होंने कहा कि ओटीटी के आने से स्टारडम की जगह टैलेंट को अहमियत मिली है और भारत जैसे देश में छुपी प्रतिभाओं के लिए नए रास्ते खुले हैं।

बंगाली फिल्म निर्देशक सत्राजित सेन ने कहा कि सिनेमा और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स समाज को गहराई से प्रभावित करते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि जब सलमान खान किसी फिल्म में नया हेयरस्टाइल अपनाते हैं, तो पूरा देश उसे फॉलो करने लगता है। ऐसे में कंटेंट क्रिएटर्स की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। भले ही ओटीटी पर सेंसरशिप अभी पूरी तरह लागू न हो, लेकिन आत्म-नियमन बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि कई निजी संस्थाएं सेल्फ-रेग्युलेटरी बॉडी बनाकर कंटेंट की समीक्षा कर रही हैं। सत्राजित सेन का मानना है कि कहानी कहने पर कोई रोक नहीं होनी चाहिए, लेकिन उसे कहने का नजरिया सकारात्मक और सामाजिक रूप से जिम्मेदार होना चाहिए, क्योंकि यह बड़े पैमाने पर दर्शकों को प्रभावित करता है।

ओटीटी और स्वतंत्र सिनेमा ने कंटेंट की दुनिया में बड़ा बदलाव किया है। आज दर्शक केवल बड़े सितारों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि मजबूत कहानी, सच्चे किरदार और नए प्रयोगों को भी खुले दिल से स्वीकार कर रहे हैं।  RIFF जैसे फिल्म फेस्टिवल नए फिल्मकारों, संगीतकारों और कलाकारों को एक ऐसा मंच देते हैं, जहाँ उनकी प्रतिभा को पहचान मिलती है। मंच से कहा गया कि भारत में टैलेंट की कोई कमी नहीं है, ज़रूरत सिर्फ सही प्लेटफॉर्म की है। ओटीटी और फिल्म फेस्टिवल्स ने मिलकर नए रचनाकारों के लिए अवसरों के दरवाज़े खोले हैं और यही सिनेमा का भविष्य है।

इन फिल्मों का हुआ प्रदर्शन
राजस्थान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के 12वें संस्करण के दूसरे दिन मिराज सिनेमा, ब्लू सिटी मॉल में 19 से अधिक फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। उक्यांग नागवा मेघालय शॉर्ट एनिमेशन फिल्म लोककथाओं और पारंपरिक वीरता पर आधारित रही, जिसने कम समय में गहरी छाप छोड़ी।वेरे ओरु केस मलयालम फीचर फिल्म एक रहस्यमयी केस पर केंद्रित रही, जिसमें सस्पेंस और दमदार अभिनय देखने को मिला।फौजी शॉर्ट एनिमेशन फिल्म ने साहस, कर्तव्य और राष्ट्रप्रेम का संदेश देकर युवाओं को प्रेरित किया। खीर शॉर्ट फिल्म ने ग्रामीण परिवेश में मानवीय रिश्तों और भावनाओं को संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत किया।

आज 10 से अधिक फिल्मों का नि:शुल्क प्रदर्शन
 राजस्थान फिल्म फेस्टिवल के तीसरे दिन सोमवार को 10 से अधिक फिल्मों का नि:शुल्क प्रदर्शन किया जाएगा। इन सभी फिल्मों को जोधपुर के मिराज सिनेमा, ब्लू सिटी मॉल में निशुल्क रूप में दिखाया जाएगा। मेरा स्कूल,खाटो मीठो,  बींदणी नंबर 1, बैसा रा नैन, मोरचंग, ओमलो, रूबरू, चक्का जाम,अली अली, बैरन, अनप्लग्ड, महारो श्याम ये सभी, फिल्म स्क्रीनिंग के साथ राजस्थानी भाषा की दिशा और दशा पर बातचीत की जाएगी और सीमा कपूर की बायोग्राफी यूं गुजरी है अब तलक पर उनके साथ चर्चा की जाएगी ।

ओटीटी केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि लोकल कहानियों को दे रहा ग्लोबल मंच सिंघल

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने केन्द्रीय बजट 2026-27 के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह युवा, महिला, किसान, वंचित, गरीब और आम आदमी का बजट है। यह बजट तेज आर्थिक विकास, लोगों की आशाओं-आकांक्षाओं पर खरा उतरने और सबका साथ सबका विकास के तीन कर्तव्यों को समर्पित है। उन्होंने कहा कि इस बजट ने राजस्थान को विकास की मुख्यधारा में और अधिक मजबूती से जोड़ने का काम किया है। इस बजट के माध्यम से प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में देश सबसे तेज बढ़ती अर्थव्यवस्था के साथ ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का सफर पूरा करेगा। 
श्री शर्मा ने कहा कि वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत यह बजट बताता है कि पूरा देश 7 प्रतिशत की विकास दर के साथ पाथ ब्रेकिंग रिफॉर्म एक्सप्रेस पर शानदार परफॉर्म कर रहा है। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति को समर्पित इस बजट में युवाओं के लिए रोजगार, स्किल डेवलपमेंट और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने वाले प्रावधान किए गए हैं। साथ ही, महिलाओं के लिए शी मार्ट, हर जिले में एक बालिका छात्रावास जैसे प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस बजट में कैंसर की 17 दवाइयों पर कस्टम ड्यूटी में छूट के साथ ही छोटे-बड़े उद्योगों, उत्पादकों, कारीगरों और कामगारों को वैश्विक बाजार में जाने के लिए नई दिशा दिखाई गई है। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में प्रदेश में सेमीकंडक्टर नीति और डेटा सेंटर नीति जारी की गई है। बजट में 40 हजार करोड़ रुपये से इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के शुरू होने का फायदा राजस्थान को भी मिलेगा। इसी प्रकार डेटा सेंटर और क्लाउड सर्विसेज क्षेत्र को इंसेंटिव दिए गए हैं, उनसे भी राजस्थान लाभान्वित होगा। उन्होंने कहा कि मेगा टैक्सटाइल पार्क, 200 इंडस्ट्रियल क्लस्टर्स और सोलर एवं माइनिंग क्षेत्र में की गई घोषणाओं से राज्य को विशेष रूप से फायदा मिलेगा। 
श्री शर्मा ने कहा कि वी बी-जी राम जी योजना में नरेगा की तुलना में 86 हजार करोड़ से बढ़ाकर 95 हजार 692 करोड़ राशि का आवंटन किया गया है। राजस्थान को इससे अतिरिक्त राशि मिलेगी। उन्होंने कहा कि पशुपालन राजस्थान की अर्थव्यवस्था का प्रमुख हिस्सा है। बजट में दी गई लोन लिंक्ड केपिटल इन्वेस्टमेंट सब्सिडी स्कीम का पशुपालकों को भरपूर लाभ मिलेगा।

केन्द्रीय बजट युवा, महिला, गरीब और किसानों के उत्थान को समर्पित - मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को तेजी से साकार करने में कारगर साबित होगा। इस बजट के केंद्र में आमजन है, जिनके सर्वांगीण कल्याण के लिए कई ऐतिहासिक घोषणाएं की गई हैं। 
चतुर्वेदी ने कहा कि बजट को सर्वस्पर्शी और समावेशी बनाया गया है। इसमें युवा, महिला, किसान, गरीब, नौकरीपेशा, व्यापारी सहित सभी वर्गों के लिए व्यापक प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि आज हमारा देश विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। इसी दिशा में केंद्रीय बजट में कुशल वित्तीय प्रबंधन की मूल भावना के अनुरूप कई घोषणाएं की गई हैं। इससे आर्थिक सुधारों को अपेक्षित गति मिलेगी।
वित्त आयोग अध्यक्ष ने कहा कि बजट में 16वें वित्त आयोग की सिफारिश के अनुरूप वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्यों को 1 लाख 4 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें ग्रामीण, शहरी स्थायी निकाय और आपदा प्रबंधन अनुदान शामिल है। इस प्रकार यह बजट राजस्थान सहित सभी राज्यों के पंचायत एवं शहरी निकायों में अधिक से अधिक सुधारों का मार्ग प्रशस्त करता है। 
उन्होंने कहा कि केन्‍द्र सरकार ने राज्‍यों के लिए कर विकेन्‍द्रीयकरण में 41 प्रतिशत की हिस्‍सेदारी को स्‍वीकार कर लिया गया है। इस प्रकार 2026-27 के बजट में राज्‍यों के लिए कर विकेन्‍द्रीयकरण जीडीपी का 3.9 प्रतिशत बताया गया है जो कि वित्‍त वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमानों से 1.33 लाख करोड़ रुपये अधिक है।

प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने वाला केंद्रीय बजट - राज्य वित्त आयोग अध्यक्ष