Halaman

    Social Items

जयपुर। उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बुधवार को विधानसभा में राजस्थान बजट 2026–27 प्रस्तुत करते हुए प्रदेश के तेज़, संतुलित और सतत विकास का स्पष्ट रोडमैप सामने रखा। बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, रोजगार और पर्यटन को प्राथमिकता देते हुए आमजन के जीवन स्तर में सुधार और आर्थिक मजबूती पर विशेष जोर दिया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत @2047 विजन को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य राजस्थान को आत्मनिर्भर, समृद्ध और निवेश के लिए आकर्षक राज्य बनाना है।

बजट प्रस्तुत करते हुए दीया कुमारी ने बताया कि वर्ष 2026–27 का कुल बजट आकार 6 लाख 10 हजार 956 करोड़ रुपये रखा गया है, जो वर्ष 2023–24 की तुलना में लगभग 41 प्रतिशत अधिक है। यह बजट 10 मजबूत स्तंभों — अवसंरचना विस्तार, नागरिक सुविधाएं, औद्योगिक विकास, मानव संसाधन सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा, पर्यटन एवं संस्कृति, सुशासन व डिजिटल परिवर्तन, कृषि विकास, हरित ऊर्जा और पर्यावरणीय सततता — पर आधारित है, जिससे वर्ष 2047 तक 4.3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल किया जा सके।

बजट में सड़क, रेल और यातायात सुरक्षा को नई गति देने के लिए अगले वर्ष 15 नए रेलवे ओवर ब्रिज एवं अंडर ब्रिज के निर्माण की घोषणा की गई है। इसके साथ ही हाईवे पर आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए प्रदेशभर में 2 हजार आधुनिक कैमरे लगाए जाएंगे, वहीं बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त 250 अटल प्रगति पथ परियोजनाओं के लिए 500 करोड़ रुपये की लागत से कार्य प्रारंभ किए जाएंगे, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

ऊर्जा क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देते हुए वित्त मंत्री ने दो नए सोलर पार्क स्थापित करने की घोषणा की। साथ ही अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के माध्यम से बिजली की मॉनिटरिंग की जाएगी, जिससे ऊर्जा प्रबंधन अधिक स्मार्ट, पारदर्शी और प्रभावी बनेगा और बिजली आपूर्ति में होने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान संभव होगा।

आंगनबाड़ी और बाल विकास के लिए बजट में बड़ी सौगात देते हुए प्रदेश के 22,746 आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के समग्र विकास हेतु खेल सामग्री और किट उपलब्ध कराने की घोषणा की गई है। इस योजना पर ₹323 करोड़ खर्च किए जाएंगे, जिससे बच्चों को खेल-खेल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर पोषण और आधुनिक वातावरण मिल सकेगा।

पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहर को नई पहचान दिलाने के लिए खुरी (जैसलमेर) में अल्ट्रा लग्जरी स्पेशल टूरिज्म जोन (STZ)कुलधरा में पर्यटक सुविधा केंद्रपुष्कर, खाटू श्याम जी, देशनोक, डिग्गी और मंडावा में प्रवेश मार्गों का सौंदर्यीकरण, भरतपुर में 100 करोड़ रुपये की लागत से ब्रज कन्वेंशन सेंटर, प्रदेशभर में चिन्हित बावड़ियों का संरक्षण, शेखावाटी क्षेत्र की 660 से अधिक हवेलियों का पुनरुद्धारथार सांस्कृतिक सर्किट का विकास तथा झुंझुनूं में वॉर म्यूजियम की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण ऐलान किए गए हैं। वहीं, वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के अंतर्गत हजारों बुजुर्गों को हवाई और एसी ट्रेन से तीर्थ यात्रा की सुविधा दी जाएगी।

शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में भी बजट को ऐतिहासिक बताया जा रहा है। शिक्षा के लिए ₹69 हजार करोड़400 स्कूलों को सीएम राइज विद्यालय के रूप में विकसित करने, स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ₹32,526 करोड़, प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता हेतु राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी (RSTA) की स्थापना तथा 5 वर्षों में 4 लाख सरकारी नौकरियों के लक्ष्य के तहत तेज़ भर्ती प्रक्रिया को गति देने जैसे अहम प्रावधान शामिल हैं।

बजट प्रस्तुति के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वित्त मंत्री दीया कुमारी के बजट को प्रदेश के सर्वांगीण विकास का मजबूत दस्तावेज बताते हुए कहा,
“यह बजट राजस्थान के समग्र एवं सतत विकास को सुनिश्चित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन को आगे बढ़ाने वाला है। यह 8 करोड़ प्रदेशवासियों के प्रति हमारी जिम्मेदारियों का दस्तावेज है। महिला, युवा, किसान, मजदूर और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचे — यही इस बजट का मूल उद्देश्य है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन और डिजिटल गवर्नेंस जैसे बुनियादी क्षेत्रों में ठोस प्रावधान किए गए हैं, जिससे राजस्थान को विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य बनाने की दिशा में यह बजट मील का पत्थर साबित होगा।

राजस्थान बजट 2026–27: वित्त मंत्री दीया कुमारी ने खोला विकास का खजाना, सड़क–रेल–ऊर्जा–शिक्षा–पर्यटन में बड़े ऐलान

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को विधानसभा में उपमुख्यमंत्री (वित्त) दिया कुमारी द्वारा राज्य बजट 2026-27 प्रस्तुत किए जाने के बाद पत्रकार वार्ता में कहा कि बजट 2026-27 राजस्थान के समग्र एवं सतत विकास को सुनिश्चित करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के विजन को आगे बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि यह बजट तेज आर्थिक विकास, लोगों की आशाओं-आकांक्षाओं पर खरा उतरने और सबका साथ सबका विकास के तीन कर्तव्यों को सर्वाेपरि रखते हुए बनाया गया है। यह बजट 8 करोड़ प्रदेशवासियों के प्रति हमारे कर्तव्यों का दस्तावेज है। 
उन्होंने कहा कि अंत्योदय के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्य तिथि के दिन आया यह बजट महिला, युवा, मजदूर, वंचित, किसान सहित अंतिम पंक्ति के व्यक्ति के कल्याण को समर्पित है। उन्होंने कहा कि बजट में आधारभूत संरचना का सुदृढ़ीकरण सहित बिजली, पानी, शिक्षा, चिकित्सा जैसे बुनियादी क्षेत्रों में सुविधाओं और सेवाओं के लिए प्रावधान किए गए हैं, जिससे राजस्थान विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनेगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026-27 के बजट का आकार 6 लाख 10 हजार 956 करोड़ रुपये है, जो वर्ष 2023-24 के बजट की तुलना में 41 प्रतिशत अधिक है। 
10 स्तम्भों पर आधारित हमारा बजट
श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार जनता से किए गए वादों को तेजी से पूरा कर रही है। राज्य सरकार ने बजट 2025-26 में 1441 बजट घोषणाएं की थी, जिनमें से 1246 घोषणाओं (86 प्रतिशत) और वर्ष 2024-25 के बजट की 1277 घोषणाओं में से 1188 घोषणाओं (93 प्रतिशत) की क्रियान्विति की गई है। उन्होंने कहा कि बजट 2026-27 अवसंरचना का विस्तार, नागरिक सुविधाओं से गुणवत्तायुक्त जीवन स्तर में वृद्धि, औद्योगिक विकास एवं निवेश को प्रोत्साहन, मानव संसाधन का सशक्तिकरण, सुदृढ़ सामाजिक सुरक्षा प्रणाली, पर्यटन, कला एवं सांस्कृतिक धरोहर, सुशासन एवं डिजिटल परिवर्तन, कृषि विकास एवं किसानों का कल्याण, हरित विकास एवं पर्यावरणीय सततता और 2047 तक 4.3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के मजबूत स्तम्भों पर आधारित है। 

प्रतिव्यक्ति आय पहली बार हुई 2 लाख रुपये से अधिक
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुशल वित्तीय प्रबंधन से प्रदेश की अर्थव्यवस्था में तेजी से सुधार आया है। इस बजट के अनुमान अनुसार राज्य की जीएसडीपी 21 लाख 52 हजार 100 करोड़ रुपये होना संभावित है, जो 2023-24 से लगभग 41 प्रतिशत अधिक है। वहीं, प्रतिव्यक्ति आय पहली बार 2 लाख 2 हजार 349 रुपये होना संभावित है, जो 2023-24 से 21.15 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि इस बजट में इन्फ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट के लिए पूंजीगत व्यय 53 हजार 978 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जो 2023-24 से 2 गुना से अधिक है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के लिए 32 हजार 526 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा है जो 2023-24 से 53 प्रतिशत अधिक है। ग्रीन बजट में 33 हजार 476 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जो पिछले वर्ष से 20.81 प्रतिशत अधिक है।
आरएसटीए से परीक्षाओं में पारदर्शिता होगी सुनिश्चित
श्री शर्मा ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं के बेहतर आयोजन के लिए बजट में राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी की घोषणा की गई है। इसके अंतर्गत ऑनलाइन टेस्टिंग सेंटर विकसित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से परीक्षाओं का आयोजन पारदर्शी तरीके से हो सकेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को निरंतर रोजगार प्रदान कर रही है। 5 साल में 4 लाख नौकरियों के संकल्प को पूरा करने के क्रम में अब तक 1 लाख से अधिक को सरकारी नियुक्तियां दी जा चुकी है। 1 लाख 54 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन है तथा 1 लाख का भर्ती कैलेण्डर जारी किया है। वहीं, निजी क्षेत्र में 2 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित किए हैं। 

वीबी जी राम जी में 4 हजार करोड़ का प्रावधान
मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में वीबी जी राम जी योजना के अंतर्गत 4 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि किसान सम्मान निधि के अंतर्गत 76 लाख किसानों के खातों में 10 हजार 900 करोड़ से अधिक की राशि डीबीटी की गई है। यमुना जल को शेखावाटी क्षेत्र तक लाने के लिए 32 हजार करोड़ रुपये के कार्य शुरू होंगे। रामजल सेतु लिंक परियोजना में 26 हजार करोड़ रुपये के कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं। सभी जिला मुख्यालयों पर नमो नर्सरी, पंचायत स्तर पर नमो पार्क और 16 जिलों में ऑक्सीजोन स्थापित किए जाएंगे।

शिक्षा के लिए 69 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान
श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा सुविधाओं का विस्तार करने के क्रम में बजट में 69 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जो 2023-24 से 35 प्रतिशत अधिक है। 400 स्कूल को सीएम राइज विद्यालयों के रूप में क्रमोन्नत भी किया जाएगा, जिसके लिए 100 करोड़ का प्रावधान है। वहीं, जयपुर के जे.के. लोन अस्पताल में 500 बैड क्षमता के आईपीडी टावर तथा आरयूएचएस में 200 बैड के पीडियाट्रिक आईपीडी का प्रावधान किया है। 

जिला स्तर पर खुलेंगे रूरल महिला बीपीओ
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला स्तर पर रूरल महिला बीपीओ, मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत महिला स्वयं सहायता समूहों को ऋण सीमा 50 लाख से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये तथा लखपति दीदी योजना में ऋण को 1 लाख से बढ़ाकर 1.5 लाख आदि प्रावधान महिलाओं के सशक्तिकरण में सहायक होंगे। उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए खुड़ी (जैसलमेर) में अल्ट्रा लग्जरी स्पेशल टूरिज्म जोन विकसित किया जाएगा। शेखावाटी हवेली योजना के अंतर्गत 660 से अधिक चिन्हित हवेलियों के पुनरुद्धार के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। 

वेतनमान एवं पदोन्नति सहित विभिन्न मांगों के परीक्षण के लिए उच्च स्तरीय समिति
श्री शर्मा ने कहा कि प्रदेशवासियों को जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने तथा सुशासन देने में कार्मिकों की महती भूमिका है। हमारी सरकार कार्मिकों व पेंशनर्स के हितों के लिए संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कर्मचारी संगठनों द्वारा पदोन्नति के समुचित अवसर प्रदान करने व वेतनमान में संशोधन सम्बन्धी विभिन्न मांगों का तुलनात्मक अध्ययन व विश्लेषण कर अनुशंषा किये जाने हेतु उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा। यह समिति भविष्य में आठवें वेतन आयोग की रिपोर्ट प्राप्त होने पर उसेे राज्य में लागू करने के सम्बन्ध में आवश्यक परीक्षण कर अपनी सिफारिशें राज्य सरकार को प्रस्तुत करेगी।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी, उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचन्द बैरवा, अतिरिक्त मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय श्री अखिल अरोरा, प्रमुख शासन सचिव वित्त श्री वैभव गालरिया सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।

राज्य बजट 8 करोड़ प्रदेशवासियों के प्रति हमारे कर्तव्यों का दस्तावेज, राजस्थान का समग्र एवं सतत विकास होगा सुनिश्चित - मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष श्री अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि विधानसभा में प्रस्तुत राजस्थान बजट 2026-27 माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” की भावना से प्रेरित एक समावेशी और दूरदर्शी बजट है। यह बजट प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत और “सिटीजन फर्स्ट” के संकल्प के अनुरूप प्रदेश को विकसित राजस्थान 2047 की दिशा में तेजी से अग्रसर करेगा।  

चतुर्वेदी ने कहा कि बजट समाज के सभी वर्गों गरीब, युवा, अन्नदाता किसान, नारी, मजदूर एवं अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबके प्रयास” की मूल भावना इस बजट में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती है।  

उन्होंने कहा कि आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण, उद्योगों के विस्तार, कृषि एवं पशुपालन के सशक्तीकरण और निवेश प्रोत्साहन से प्रदेश में व्यापक रोजगार सृजन होगा। वर्ष 2028-29 तक राज्य की अर्थव्यवस्था को 350 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य सरकार की मजबूत आर्थिक दृष्टि को दर्शाता है।  

वित्त आयोग अध्यक्ष ने कहा कि कृषि प्रधान राजस्थान में किसानों और ग्रामीण विकास को विशेष प्राथमिकता दी गई है, जिससे उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस पहल हुई है। युवाओं के लिए नई भर्तियां, कौशल विकास और स्टार्टअप प्रोत्साहन, महिलाओं के सशक्तिकरण तथा शिक्षा क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण के प्रावधान सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करते हैं।  

उन्होंने कहा कि ग्रीन बजट के माध्यम से रिन्यूएबल एनर्जी—सौर, पवन और जल ऊर्जा—पर विशेष फोकस रखा गया है, जिससे राजस्थान को ग्रीन एनर्जी हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।  

श्री चतुर्वेदी ने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट प्रदेशवासियों की खुशहाली सुनिश्चित करते हुए आत्मनिर्भर एवं विकसित राजस्थान के संकल्प को साकार करने में मील का पत्थर सिद्ध होगा।

विकसित राजस्थान 2047 के विजन को देगा नई गति, 350 बिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य - राज्य वित्त आयोग अध्यक्ष

जयपुर। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने राजस्थान बजट 2026—27 को विकसित राजस्थान के निर्माण का सशक्त और दूरदर्शी रोडमैप बताते हुए कहा कि यह बजट प्रदेश को आत्मनिर्भर, समृद्ध और सर्वांगीण विकास की दिशा में अग्रसर करने वाला है।
राठौड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में वित्त मंत्री दीया कुमारी द्वारा प्रस्तुत यह बजट आमजन, किसान, युवा, महिला, कर्मचारी, व्यापारी और उद्योग जगत सभी वर्गों की अपेक्षाओं पर खरा उतरता है। बजट में आधारभूत ढांचे के विस्तार, ग्रामीण विकास, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया गया है, जो आने वाले वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने बताया कि बजट में 42 हजार किलोमीटर सड़कों का निर्माण होगा। जोधपुर, पाली, मारवाड औद्योगिक कॉरिडोर 600 करोड की सहायता से, सीएम स्वरोजगार योजना से 10 लाख रुपए तक का ब्याज ऋण मुक्त सहायता, ग्रामीण महिला बीपीओ खोलना, पारदर्शी परीक्षा के लिए राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी की स्थापना, महिला स्वयं सहायता समूहों को ऋण सीमा 50 लाख से बढाकर 1 लाख, अगले साल 50 हजार सौलर पंप लगाएं जाएंगे जैसी महत्वपूर्ण घोषणाएं बजट में की गई है। 

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने बताया कि प्रदेश सरकार ने वित्तीय अनुशासन के साथ विकास और जनकल्याण के बीच संतुलन स्थापित किया है। कृषि एवं पशुपालन को मजबूती, युवाओं के लिए कौशल विकास और रोजगार के अवसर, महिलाओं के सशक्तिकरण तथा शहरी एवं ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की दिशा में बजट में महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यह बजट ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की भावना को साकार करता है। प्रदेश की जनता ने जिस विश्वास के साथ भाजपा सरकार को जनादेश दिया था, यह बजट उसी विश्वास को और मजबूत करने वाला है। राठौड़ ने विश्वास व्यक्त किया कि राजस्थान बजट 2026—27 प्रदेश को विकसित राज्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा और आमजन के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन लाएगा।

बजट में आधारभूत ढांचे के विस्तार, ग्रामीण विकास, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान :— मदन राठौड़

जयपुर। राजस्थान सरकार के उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत बजट 2026-27 प्रदेश के समग्र और संतुलित विकास की दिशा में एक दूरदर्शी व ऐतिहासिक बजट है। यह बजट मुख्यमंत्री जी भजनलाल जी के कुशल नेतृत्व एवं उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी जी की दूरदृष्टि का प्रमाण है, जो “विकसित राजस्थान” के संकल्प को साकार करेगा।
भाजपा जिला अध्यक्ष अमित गोयल ने राजस्थान के बजट को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह बजट सड़कों, बिजली, पानी, आवास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और औद्योगिक विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को मजबूती प्रदान करेगा। 28 लाख परिवारों के लिए आवास, युवाओं के लिए स्वरोजगार योजना, तकनीकी भर्ती, स्मार्ट बिजली व्यवस्था, बाढ़ सुरक्षा, ड्रेनेज सिस्टम और औद्योगिक पार्क जैसी अनेक योजनाएं आमजन के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में सहायक होंगी।
उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत एक लाख युवाओं को 10 लाख तक ऋण पर ब्याज अनुदान जैसी योजनाएं रोजगार के देंगी। सरकार द्वारा मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लिए 1000 करोड़ रुपए, ब्याज-रहित लोन सुविधा तथा 30 हजार युवाओं को लाभ देने की योजना शिक्षा को रोजगार से जोड़ने का प्रभावी प्रयास है। एआई आधारित बिजली ग्रिड, रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम, ऑनलाइन टेस्ट सेंटर्स, और राज्य स्तरीय एजेंसी की स्थापना जैसे नवाचार राजस्थान को तकनीकी रूप से सशक्त बनाएंगे। 
उन्होंने कहा कि बजट में वर्ष 2027 तक सड़क दुर्घटना से होने वाली मौतों में 90 प्रतिशत कमी का लक्ष्य तय किया गया है, जो सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है।
किसानों के लिए सिंचाई, पेयजल, सूक्ष्म सिंचाई योजना, फार्म पोंड और आर्थिक सहायता जैसी योजनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेंगी। वहीं, बुजुर्गों के लिए तीर्थ यात्रा, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और महिला-बाल कल्याण योजनाएं सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाती हैं।
सड़क, पुल, ड्रेनेज, स्ट्रीट लाइट, स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम और शहरी विकास परियोजनाओं से आमजन को अच्छी सुविधाएं मिलेंगी। 

टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा
श्री गोयल ने कहा कि सरकार द्वारा हेरिटेज, इको-टूरिज्म और रूरल टूरिज्म को बढ़ावा देने की पहल सराहनीय है। ग्रामीण क्षेत्रों में होम-स्टे और गेस्ट हाउस को प्रोत्साहन मिलने से स्थानीय लोगों को सीधा रोजगार और आय के अवसर प्राप्त होंगे। यह बजट राजस्थान को “पर्यटन की वैश्विक राजधानी” के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। 

महिलाओं को प्रदेश के विकास में भागीदार बनाना
श्री गोयल ने इस बजट को महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सुरक्षा और सामाजिक सम्मान देने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि इससे आंगनबाड़ी केंद्रों को नंद घर में बदलने, महिला-बाल शक्ति संकुल की स्थापना, अमृत पोषण वाटिकाओं और बच्चों के पोषण कार्यक्रमों से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को मजबूती मिलेगी।
महिला कार्मिकों के बच्चों के लिए मुख्यमंत्री वात्सल्य सदन, जरूरतमंद बच्चों के लिए चिल्ड्रन होम तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में सुविधाओं का विस्तार होना अच्छी बात है

इन्फ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और जनकल्याण पर फोकस है राजस्थान का बजट - भाजपा जिला अध्यक्ष अमित गोयल

जयपुर। प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक, एकात्म मानववाद के प्रणेता एवं अंत्योदय के सूत्रधार श्रद्धेय पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की पुण्यतिथि पर भारतीय जनता पार्टी जयपुर शहर द्वारा प्रातः 5:30 बजे श्री राधा गोविंद देव जी मंदिर परिसर में संगोष्ठी एवं पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम श्रद्धा, संकल्प और वैचारिक प्रतिबद्धता का प्रतीक बना, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प दोहराया।

प्रदेश महामंत्री श्री मिथिलेश गौतम जी ,भाजपा जयपुर शहर जिला अध्यक्ष श्री अमित गोयल जी एवं कार्यकर्ताओं ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके अंत्योदय दर्शन को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
प्रदेश से मुख्य वक्ता के रूप में पधारे प्रदेश महामंत्री श्री मिथिलेश गौतम ने अपने उद्बोधन  में कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का एकात्म मानववाद केवल एक विचार नहीं, बल्कि राष्ट्र के समग्र विकास की जीवनदृष्टि है। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाना ही सच्चा राष्ट्र धर्म है और यही दीनदयाल जी का संदेश था। साथ ही उन्होंने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी नीतियाँ दीनदयाल जी के अंत्योदय दर्शन को धरातल पर उतारने का कार्य कर रही हैं।

जयपुर शहर जिला अध्यक्ष श्री अमित गोयल ने अपने उद्बोधन में कहा कि सेवा, समर्पण और संगठन शक्ति ही भाजपा की कार्यसंस्कृति की पहचान है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में गरीब कल्याण, सुशासन और अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने की नीति को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है, जो दीनदयाल जी के विचारों की सच्ची अभिव्यक्ति है। भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता उनके अंत्योदय दर्शन को जनसेवा के माध्यम से साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम में जिला महामंत्री श्री नवरतन नराणिया, श्रीमती रेखा राठौड़, श्री राजेश ताम्बी, उपाध्यक्ष अजय यादव जी, सुरेन्द्र पूर्वंशी जी सहित जिला पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम में राष्ट्रभाव, अनुशासन और वैचारिक ऊर्जा का वातावरण देखने को मिला।

दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर भाजपा जयपुर शहर का वैचारिक संकल्प कार्यक्रम

जयपुर। तिलक टी टी कॉलेज प्राचार्य डॉ अबिदा परवीन ने बताया कि कॉलेज में जागरूकता व मोटिवेशनल प्रोग्राम का आयोजन किया
कार्यक्रम का संचालन करते हुए विद्यार्थियों को नीरू शर्मा ने बताया कि आज के इस बदलते परिवेश में कैसे अपडेट रहे ओर साथ ही उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि
ज़िंदगी में हर इंसान एक ऐसे दौर से गुजरता है जहाँ उसे लगता है कि अब आगे बढ़ना मुश्किल है। हालात, जिम्मेदारियाँ, असफलताएँ और लोगों की बातें—सब मिलकर हमारे आत्मविश्वास को कमजोर करने की कोशिश करती हैं। लेकिन याद रखिए, मुश्किलें आपको तोड़ने नहीं आतीं, बल्कि आपको मजबूत बनाने आती हैं।
असफलता कोई अंत नहीं है। असफलता तो एक संकेत है कि आप कोशिश कर रहे हैं। जो लोग कोशिश नहीं करते, वही असफल नहीं होते—और वही कभी सफल भी नहीं होते। अगर आज आप गिर गए हैं, तो इसका मतलब यह नहीं कि आप हार गए हैं। इसका मतलब है कि आपको फिर से उठने का मौका मिला है।
इस दौरान बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया और इस अवसर पर कॉलेज के सभी टीचर्स मौजूद रहे।

तिलक टी टी कॉलेज में जागरूकता व मोटिवेशनल प्रोग्राम का आयोजन

जयपुर। राजस्थान पोलो क्लब में आयोजित प्रतिष्ठित द लीला महाराजा सवाई मानसिंह पोलो कप का फाइनल मुकाबला खेल प्रेमियों के लिए यादगार बन गया। रोमांचक फाइनल में ऑप्टीमस अचीवर्स टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए वी पोलो को 7-5 के स्कोर से पराजित कर खिताब अपने नाम किया।

मैच के दौरान दोनों टीमों ने बेहतरीन खेल भावना, तेज रफ्तार और सटीक रणनीति का परिचय दिया। अंतिम चक्करों तक चले इस संघर्षपूर्ण मुकाबले ने दर्शकों को अपनी सीट से बांधे रखा। शानदार प्रदर्शन के लिए वीवाण मेहता को मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर (MVP) का खिताब दिया गया, वहीं वी पोलो टीम की पोलो पोनी ‘चिल्ली’ को बेस्ट पोलो पोनी का पुरस्कार मिला।

विजेता टीम ऑप्टीमस अचीवर्स की ओर से आर्यमान सिंह, शमशीर अली, डैनियल ओटामेंडी और ध्रुवपाल गोदारा ने उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन किया। वहीं वी पोलो टीम में वीवाण मेहता, अंगद कलान, सलीम आज़मी और सैंटियागो माराम्बियो शामिल रहे। मुकाबले के अंपायर जेसन डिक्सन और हॉवर्ड स्मिथ रहे, जबकि रेफरी की भूमिका मातियास वियाल ने निभाई।

इस रोमांचक फाइनल से पहले उसी दिन लीला पोलो कप एग्ज़ीबिशन मैच भी खेला गया, जिसमें लीला पैलेस जयपुर टीम ने जिंदल पोलो को 4-3 से हराकर जीत दर्ज की। इस मुकाबले में लीला पैलेस जयपुर की ओर से कंवर प्रताप सिंह कानोटा, राव हिम्मत सिंह बेदला, मैनुअल फर्नांडीज़ लोरेंते और जयपुर के महाराजा सवाई पद्मनाभ सिंह ने शानदार खेल दिखाया। वहीं जिंदल पोलो टीम का प्रतिनिधित्व सीए शुभम गुप्ता, वेंकटेश जिंदल, सिद्धांत शर्मा और मैक्स चार्लटन ने किया।

जयपुर में आयोजित इस पोलो टूर्नामेंट ने न केवल खिलाड़ियों के उच्चस्तरीय खेल को दर्शाया, बल्कि दर्शकों को भी शाही खेल पोलो के रोमांचक अनुभव से रूबरू कराया। आयोजन ने जयपुर को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय पोलो मानचित्र पर खास पहचान दिलाई।

जयपुर में रोमांच से भरपूर रहा द लीला महाराजा सवाई मानसिंह पोलो कप का फाइनल मुकाबला