Halaman

    Social Items

जयपुर। राजस्थान पोलो क्लब में आयोजित प्रतिष्ठित द लीला महाराजा सवाई मानसिंह पोलो कप का फाइनल मुकाबला खेल प्रेमियों के लिए यादगार बन गया। रोमांचक फाइनल में ऑप्टीमस अचीवर्स टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए वी पोलो को 7-5 के स्कोर से पराजित कर खिताब अपने नाम किया।

मैच के दौरान दोनों टीमों ने बेहतरीन खेल भावना, तेज रफ्तार और सटीक रणनीति का परिचय दिया। अंतिम चक्करों तक चले इस संघर्षपूर्ण मुकाबले ने दर्शकों को अपनी सीट से बांधे रखा। शानदार प्रदर्शन के लिए वीवाण मेहता को मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर (MVP) का खिताब दिया गया, वहीं वी पोलो टीम की पोलो पोनी ‘चिल्ली’ को बेस्ट पोलो पोनी का पुरस्कार मिला।

विजेता टीम ऑप्टीमस अचीवर्स की ओर से आर्यमान सिंह, शमशीर अली, डैनियल ओटामेंडी और ध्रुवपाल गोदारा ने उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन किया। वहीं वी पोलो टीम में वीवाण मेहता, अंगद कलान, सलीम आज़मी और सैंटियागो माराम्बियो शामिल रहे। मुकाबले के अंपायर जेसन डिक्सन और हॉवर्ड स्मिथ रहे, जबकि रेफरी की भूमिका मातियास वियाल ने निभाई।

इस रोमांचक फाइनल से पहले उसी दिन लीला पोलो कप एग्ज़ीबिशन मैच भी खेला गया, जिसमें लीला पैलेस जयपुर टीम ने जिंदल पोलो को 4-3 से हराकर जीत दर्ज की। इस मुकाबले में लीला पैलेस जयपुर की ओर से कंवर प्रताप सिंह कानोटा, राव हिम्मत सिंह बेदला, मैनुअल फर्नांडीज़ लोरेंते और जयपुर के महाराजा सवाई पद्मनाभ सिंह ने शानदार खेल दिखाया। वहीं जिंदल पोलो टीम का प्रतिनिधित्व सीए शुभम गुप्ता, वेंकटेश जिंदल, सिद्धांत शर्मा और मैक्स चार्लटन ने किया।

जयपुर में आयोजित इस पोलो टूर्नामेंट ने न केवल खिलाड़ियों के उच्चस्तरीय खेल को दर्शाया, बल्कि दर्शकों को भी शाही खेल पोलो के रोमांचक अनुभव से रूबरू कराया। आयोजन ने जयपुर को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय पोलो मानचित्र पर खास पहचान दिलाई।

जयपुर में रोमांच से भरपूर रहा द लीला महाराजा सवाई मानसिंह पोलो कप का फाइनल मुकाबला

अलवर/जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के मुख्य आतिथ्य में रविवार को अलवर के प्रताप ऑडिटोरियम से अलवर टाइगर इंटरनेशनल हाफ मैराथन का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री श्री शर्मा के साथ केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव, उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संजय शर्मा ने विभिन्न श्रेणियों की मैराथन को फ्लैग ऑफ किया। इस दौरान मैराथन के ब्रांड एंबेसडर अभिनेता श्री रणदीप हुड्डा भी मौजूद रहे। 
मुख्यमंत्री ने 21 किलोमीटर हाफ मैराथन एलीट पुरूष एवं महिला वर्ग के विजेताओं की फिनिश लाइन पर हौसला-अफजाई की। इस दौरान उन्होंने पद्म श्री विजेता भपंग वादक श्री गफरूद्दीन मेवाती जोगी का शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया। मैराथन में 21 किलोमीटर हाफ मैराथन एलीट पुरूष एवं महिला वर्ग, 21 किलोमीटर फोर्स रन, 21 किलोमीटर ओपन हाफ मैराथन, 10 किलोमीटर ओपन मैराथन का आयोजन किया गया।
मुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों का बढ़ाया जोश, सेल्फी भी ली
अल सुबह हल्की सर्द हवाओं के बीच हजारों की संख्या में उपस्थित प्रतिभागियों ने पूरे वातावरण को जोश और जुनून से भर दिया। शहरवासियों और युवाओं ने उत्साह और उमंग से मुख्यमंत्री का स्वागत किया। श्री शर्मा ने भी प्रतिभागियों का जोश बढ़ाया और अभिवादन स्वीकार किया। उन्होंने युवाओं के साथ सेल्फी भी ली। कार्यक्रम में हेलीकॉप्टर से प्रतिभागियों पर पुष्प वर्षा की गई।

उल्लेखनीय है कि इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने अलवर टाइगर इंटरनेशनल हाफ मैराथन 2026 के अंतर्गत एलिट वूमेन श्रेणी की प्रतियोगियों को शुभकामनाएं प्रेषित कर तथा हरि झंडी दिखाकर हाफ मैराथन का शुभारंभ किया एवं  कार्यक्रम में सहभागिता कर प्रतियोगियों का उत्साहवर्धन किया।
अलवर सांसद खेल उत्सव के अंतर्गत इस अंतरराष्ट्रीय स्तर की मैराथन का आयोजन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल ‘फिट इंडिया मिशन‘, टाइगर संरक्षण और अलवर पर्यटन को प्रोत्साहन की थीम पर किया गया। इस मैराथन में विभिन्न देशों के  धावकों के साथ-साथ सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों ने भी भाग लिया।
इस अवसर पर गणमान्य जनप्रतिनिधि, प्रबुद्धजन, बड़ी संख्या में मैराथन प्रतिभागी उपस्थित रहे। 





अलवर टाइगर इंटरनेशनल हाफ मैराथन का हुआ आयोजन, विदेशी धावक, सेना, पुलिस, अर्धसैनिक बलों के जवानों ने मैराथन में लिया हिस्सा

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा से रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर पर्यावरण प्रेमी संतों एवं प्रबुद्धजनों ने मुलाकात की। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए संतों एवं प्रतिनिधियों ने राज्य विधानसभा में 5 फरवरी को खेजड़ी संरक्षण के लिए कानून लाए जाने की गई घोषणा पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। संतों ने कहा कि मुख्यमंत्री की यह श्रेष्ठ पहल ऐतिहासिक है। संतों के सान्निध्य में समाज के प्रबुद्धजनों ने मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया।
मुकाम पीठाधीश्वर श्री रामानन्द जी महाराज ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि प्रदेश में 70 वर्ष बाद राज्य सरकार द्वारा खेजड़ी की रक्षा के लिए कानून की पहल सराहनीय है तथा इससे समाज में हर्ष है। महन्त स्वामी सच्चिदानंद जी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने 27 अगस्त 2025 को पर्यावरण प्रेमी संतों एवं प्रतिनिधियों से खेजड़ी संरक्षण के संबंध में सुझाव सुने थे। उस समय मुख्यमंत्री ने जो कहा था वो करके दिखाया। विधानसभा में संतों की मंशा का हवाला देकर कानून बनाने की घोषणा की। 
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि हमारी सरकार खेजड़ी और पर्यावरण संरक्षण के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। हमने पर्यावरण प्रेमी संतों एवं प्रतिनिधियों से सुझाव लेते हुए खेजड़ी संरक्षण के लिए कानून बनाने का आश्वासन दिया था। इसी दिशा में हमने विधानसभा में घोषणा की है और संतों के सुझाव के अनुरूप ही इसकी प्रक्रिया जारी है। उन्होंने आश्वस्त किया कि खेजड़ी संरक्षण के लिए शीघ्र कानून लाया जाएगा। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी संस्कृति में वृक्षों, पहाड़ों और नदियों की पूजा की जाती है। हमारी संस्कृति में संतों-ऋषियों का भी विशेष महत्व है और ये समाज को सही मार्ग दिखाते हैं। बिश्नोई समाज ने विश्व को प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर जीने की प्रेरणा दी है। उन्होंने भगवान जम्भेश्वर जी एवं मां अमृता देवी को नमन करते हुए कहा कि गुरु जम्भेश्वर जी द्वारा प्रतिपादित 29 नियम आज भी पर्यावरण सुरक्षा का अत्यंत प्रभावी मॉडल है। उन्होंने ‘‘जीव दया पालनी, रुख लीलौ नहीं घावै‘‘ के शाश्वत संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि जांभोजी ने हमें निरीह जीवों और पेड़ों की रक्षा को भी भक्ति के एक रूप में सिखाया। इसी तरह, मां अमृता देवी ने प्रकृति को मां का स्वरूप मानकर पर्यावरण की रक्षा और सम्मान करने की सीख दी है। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के एक पेड़ मां के नाम अभियान से प्रेरणा लेकर हमारी सरकार ने वृक्षारोपण का महाअभियान चलाया और दो वर्षों में 20 करोड़ पौधे लगाए। हमारा लक्ष्य है कि पांच वर्षों में 50 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जाएं। 
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मुकाम पीठाधीश्वर श्री रामानन्द जी महाराज, महन्त स्वामी सच्चिदानंद जी सहित सभी संतों का दुपट्टा ओढ़ाकर एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया।
इस दौरान उद्योग एवं वाणिज्य राज्यमंत्री श्री के.के. बिश्नोई, राजस्थान राज्य जीव जंतु बोर्ड के अध्यक्ष श्री जसवंत बिश्नोई, पूर्व विधायक श्री बिहारी लाल बिश्नोई, आचार्य महन्त श्री स्वामी भगवान दास, महन्त स्वामी भागीरथदास शास्त्री, श्री राजू महाराज, स्वामी कृपाचार्य, श्री स्वामी बलदेवानन्द, श्री स्वामी शिवज्योतीषानन्द, श्री महन्त शिवदास जी रूडकली, श्री स्वामी प्रेमदास जी महाराज, श्री रविदास जी महाराज, श्री सुरेन्द्रानन्द जी महाराज, श्री रघुवरदास जी महाराज, श्री शिवदास जी महाराज, श्री महेशानन्द जी महाराज, श्री विकास सहित अन्य संत उपस्थित रहे। साथ ही, बालोतरा, बाड़मेर, नागौर, बीकानेर, जोधपुर, फलौदी, जालोर, श्रीगंगानगर जिले के बिश्नोई समाज की प्रबुद्ध महिलाएं एवं बड़ी संख्या में प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा से पर्यावरण प्रेमी संतों एवं प्रबुद्धजनों ने की मुलाकात, खेजड़ी संरक्षण के कानून की घोषणा के लिए जताया आभार एवं किया अभिनंदन

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा शनिवार को अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्नसागर जी के सानिध्य में आयोजित ‘हर माह-एक उपवास’ कार्यक्रम में शामिल हुए। जयपुर के एंटरटेनमेंट पैराडाईज में हुए आयोजन में मुख्यमंत्री ने आचार्य श्री प्रसन्नसागर जी से आत्मीय भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
श्री शर्मा ने कहा कि हमारी संस्कृति में संतों और मुनियों का अहम योगदान है। जैन मुनि कठोर तपस्या के माध्यम से समाज को आध्यात्मिक दिशा प्रदान करते हैं तथा इनका मार्गदर्शन हमें जीवन में सही राह दिखाता है। उन्होंने कहा कि आचार्य श्री का जयपुर आगमन हम सब के लिए सौभाग्य का विषय है।  
इस अवसर पर आचार्य श्री ने मुख्यमंत्री को ‘दिव्य मंगल भक्ति पाठ’ पुस्तक भेंट की। कार्यक्रम में जैन मुनि-साध्वी, जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में साधक उपस्थित रहे।




आचार्य श्री प्रसन्नसागर जी के सानिध्य में ‘हर माह-एक उपवास’ का आयोजन, मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा कार्यक्रम में हुए शामिल

जयपुर/पाली। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने रविवार को पाली प्रवास के दौरान केंद्रीय बजट, व्यापार नीति, रेल कनेक्टिविटी, सुमेरपुर जवाई बांध पुनरोद्धार, किसानों के हित, संसद की मर्यादा, खेजड़ी संरक्षण तथा राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रेस से संवाद किया। राठौड़ ने कहा कि केंद्र सरकार की ट्रेड डील पूरी तरह भारत के हित में है। उन्होंने स्पष्ट किया कि “हमारे यहां जिन वस्तुओं का प्रचुर उत्पादन होगा उनका निर्यात किया जाएगा और जिनकी कमी होगी, वही आयात होंगी। इस समझौते से देश को नुकसान नहीं बल्कि लाभ होगा।” उन्होंने बताया कि पहले 25 प्रतिशत टैरिफ और 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ मिलाकर कुल 50 प्रतिशत शुल्क था, जिसे घटाकर अब सीधे 18 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे व्यापारियों और उद्योग जगत को बड़ा फायदा मिलेगा।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने रेल कनेक्टिविटी पर बोलते हुए कहा कि रेल मंत्री ने पाली से दिल्ली के लिए रात्रि ट्रेन का आश्वासन दिया है। सीधे कनेक्टिविटी या कनेक्टिंग ट्रेन मिलने की संभावना है।  उन्होंने कहा कि भाजपा का प्रयास है कि भविष्य में पाली को सीधी ट्रेन सेवा भी मिले। सुमेरपुर जवाई बांध पुनरोद्धार परियोजना पर कांग्रेस को घेरते हुए मदन राठौड़ ने कहा कि “वसुंधरा राजे सरकार ने सुमेरपुर जवाई बांध पुनरोद्धार के लिए 6 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया था, लेकिन कांग्रेस सरकार ने पांच साल तक कुछ नहीं किया। जाते-जाते टनल चौड़ीकरण के नाम पर 100 करोड़ रुपये दिए, पर वास्तविक काम नहीं हुआ।” उन्होंने बताया कि वर्तमान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सुमेरपुर जवाई बांध पुनरोद्धार के लिए 3 हजार करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं, परियोजना शुरू हो चुकी है और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने केंद्रीय बजट की सराहना करते हुए कहा कि “बजट लेखा-जोखा होता है और यह केंद्र का उत्साहवर्धक बजट है।” उन्होंने बताया कि 2013 में जहां 1 करोड़ 12 लाख लोग आयकर देते थे, वहीं अब यह संख्या 9 करोड़ हो गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रेलवे लाइनों का विस्तार, विद्युतीकरण और बुनियादी ढांचे का अभूतपूर्व विकास हुआ है। राजस्थान सरकार के कार्यों पर बोलते हुए राठौड़ ने कहा कि राज्य में बिजली व्यवस्था सुदृढ़ हुई है, किसानों को अब दिन में बिजली मिल रही है, औद्योगीकरण को बढ़ावा मिल रहा है और आम नागरिक का जीवन स्तर मजबूत होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि राजस्थान का आगामी बजट भी ऐतिहासिक और जनहितकारी होगा। राठौड़ ने खेजड़ी संरक्षण पर कहा कि भाजपा और सरकार दोनों खेजड़ी को बचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और इसके संरक्षण की गारंटी सरकार ने दी है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने संसद में विपक्ष के व्यवहार पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “प्रधानमंत्री के भाषण के दौरान विपक्ष द्वारा किया गया आचरण लोकतंत्र के लिए घातक है। महिला सांसदों को आगे कर हंगामा कराना और माइक के सामने आकर चिल्लाना पूरी तरह असंसदीय कृत्य है, जिसे देश की जनता कभी माफ नहीं करेगी। किसानों के हितों पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार हर निर्णय किसानों को ध्यान में रखकर ले रही है। “हमारा उत्पाद बिकेगा तो देश को फायदा होगा। टैरिफ घटाने से नुकसान नहीं, बल्कि निर्यात बढ़ेगा और देश को लाभ होगा।

आतंकवाद पर कड़ा रुख अपनाते हुए मदन राठौड़ ने कहा कि “पाकिस्तान आतंकवाद का जनक है।” उन्होंने बताया कि सिंधु जल समझौते को प्रधानमंत्री मोदी ने स्थगित कर दिया है और अब उस पानी के देश में उपयोग, स्टोरेज, वितरण तथा नहर-पाइपलाइन निर्माण की ठोस व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि आज़ादी के समय हुई इस गलती को अब सुधारा जा रहा है और देश के हित में जल संसाधनों का पूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस यह समझने में असफल रही है कि प्रधानमंत्री मोदी कोई भी निर्णय ऐसा नहीं लेते जिससे देश के किसी नागरिक का अहित हो। “मोदी जी राष्ट्र प्रथम की नीति पर काम करते हैं और राष्ट्रहित के अलावा कोई समझौता नहीं करते। 

मोदी जी राष्ट्र प्रथम की नीति पर करते है कार्य, राष्ट्रहित के अलावा नहीं करते कोई समझौता:— मदन राठौड़

डीडवाना-कुचामन/जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा शुक्रवार को लाडनूं में आयोजित ग्राम उत्थान शिविर एवं जनसभा उपस्थित हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है। हमारी सरकार गांवों के उत्थान के लिए निरंतर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेशभर में लगाए जा रहे ग्राम उत्थान शिविर सरकार की जनता के प्रति जवाबदेही का प्रतीक है। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि इन शिविरों में जाकर सरकारी योजनाओं की पूरी जानकारी लें और उनका भरपूर लाभ उठाएं। 
उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि राजस्थान का किसान, गरीब, पशुपालक सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे। इसी सोच के साथ हमारी सरकार ने प्रत्येक गिरदावर सर्किल पर ग्राम उत्थान शिविरों की शुरुआत की है जिससे ग्रामीणों को घर के नजदीक ही राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जा सके।

प्रधानमंत्री के ग्रामीण भारत को सशक्त करने के लिए उठाए अनेक कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ग्रामीण भारत को सशक्त करने के लिए विकसित भारत जी राम जी कानून लेकर आई है। इस कानून से ग्रामीण क्षेत्रों में साल में 125 दिन का पक्का रोजगार मिलेगा। हर काम डिजिटल तरीके से रिकॉर्ड होगा। इससे पूरी पारदर्शिता व तकनीक के सहारे काम होगा और मजदूरी सीधे लाभार्थी के खाते में पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि इस कानून के तहत गांव में स्थायी संपत्ति बनेगी।

ग्राम उत्थान शिविर से ग्रामीणों के मौके पर हो रहे काम
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक प्रदेश में 1500 से ज्यादा ग्राम उत्थान शिविर लगाकर 77 लाख से अधिक काम किए गए है। आमजन को 98 हजार से ज्यादा सोइल हेल्थ कार्ड तथा 55 हजार से अधिक स्वामित्व कार्ड वितरित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन शिविरों में 30 हजार किसान क्रेडिट कार्ड के आवेदन, 5 लाख 10 हजार पशुधन का इलाज तथा 77 हजार से अधिक पशुओं का टीकाकरण किया गया है। साथ ही, पीएम सूर्य घर योजना के तहत करीब 29 हजार पंजीकरण हुए है। उन्होंने कहा कि इन शिविरों में किसानों को तारबंदी, डिग्गी, पाइप लाइन, सोलर पंप, फव्वारा सिंचाई जैसी योजनाओं की स्वीकृति से लेकर प्राथमिक डेयरी सहकारी समितियों और डेयरी सहकारी समितियों का पंजीकरण, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास आवंटन सहित विभिन्न कार्य करवाए जा रहे है। 

हमने किसानों के लिए दो साल में किए अनेक काम, गत सरकार पूरे पांच साल में नहीं कर पाई
श्री शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार के दो साल के काम गत सरकार के पूरे पांच साल की तुलना में कई गुना ज्यादा है। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा दो साल में किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि हमने नहरी तंत्र से 99 हजार 562 हैक्टेयर में सिंचाई सुविधा सृजित की। जबकि पूर्ववर्ती सरकार ने अपने पिछले कार्यकाल के प्रथम दो वर्ष में 17 हजार 448 हैक्टेयर तथा पूरे पांच साल में केवल 52 हजार 182 हैक्टेयर क्षेत्र में ही सिंचाई सुविधा दी। इसी तरह, हमने 344 लाख मीटर खेतों पर तारबंदी की तथा पूर्ववर्ती सरकार ने शुरूआती दो साल में 8 लाख मीटर तथा पूरे पांच साल में 113 लाख मीटर तारबंदी ही की। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के दो वर्षों में 3 हजार 433 करोड़ रुपये गौशालाओं को सहायता राशि की तुलना में गत सरकार ने दो साल में 934 करोड़ तथा पूरे पांच साल में 3 हजार 117 करोड़ रुपये की राशि गौशालाओं को दी।

अन्नदाता किसान हमारी अर्थव्यवस्था का आधार
श्री शर्मा ने कहा कि अन्नदाता किसान हमारी अर्थव्यवस्था का आधार है। हमारी सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और सशक्तिकरण कई ठोस कदम उठाए हैं। प्रदेश के 22 जिलों में किसानों को दिन में बिजली मिल रही है। उन्होंने कहा कि हमने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत राशि में बढ़ोतरी, गेहूं पर 150 रुपये का बोनस, किसानों को 50 हजार करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त फसली ऋण, 2 लाख 3 हजार हेक्टेयर में ड्रिप और फव्वारा संयंत्र, डिग्गी और फार्म पॉन्ड बनाने तथा 17 लाख से अधिक मृदा स्वास्थ्य कार्ड का वितरण जैसे अनेक कार्य किए गए है जिससे किसान सशक्त हो सकेंगे। उन्होंने किसानों से मृदा की जांच करवाकर आवश्यकतानुसार उर्वरक का उपयोग करने की अपील की जिससे मृदा की उर्वरता लम्बे समय तक बनी रहे। 

युवाओं को दिए जा रहे रोजगार के भरपूर अवसर
श्री शर्मा ने कहा कि हमारे प्रदेश का युवा मेहनती है लेकिन गत सरकार के समय पेपरलीक जैसे प्रकरणों से युवाओं के सपनों पर कुठाराघात हुआ था। हमने अपने कार्यकाल में पूरी पारदर्शिता एवं ईमानदारी से परीक्षाएं आयोजित की जिससे एक भी पेपर लीक नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार युवाओं के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर भी उपलब्ध करवा रही है। अब तक 1 लाख से ज्यादा नियुक्तियां दी हैं। डेढ़ लाख से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इस साल एक लाख और पदों का कैलेंडर जारी हो चुका है। उन्होंने युवाओं को आश्वस्त किया वे मन लगाकर पढ़ाई करें। अब एक भी पेपरलीक नहीं होगा। सरकार हर कदम पर आपके साथ खड़ी है। 
श्री शर्मा ने कार्यक्रम में डीडवाना-कुचामन जिले को करीब 529 करोड़ रुपये राशि के 71 विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं से जुड़े 465 करोड़ रुपये से अधिक राशि के 59 कार्यों का शिलान्यास किया। साथ ही, लगभग 64 करोड़ रुपये की राशि के 12 विकास कार्यों का लोकार्पण किया।
इससे पहले श्री शर्मा ने परिसर में आयोजित ग्राम उत्थान शिविर का अवलोकन किया एवं विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चैक एवं प्रमाण पत्र वितरित किए। कार्यक्रम में राजस्व राज्यमंत्री श्री विजय सिंह चौधरी, किसान आयोग अध्यक्ष श्री सी. आर. चौधरी, विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री रामगोपाल सुथार सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने डीडवाना-कुचामन को 529 करोड़ रुपये केे विकास कार्यों की दी सौगात

डीडवाना-कुचामन/जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जैन धर्म केवल एक धर्म नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक पूर्ण कला है। इस धर्म के पंच महाव्रत आज के भौतिकवादी युग में भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने सदियों पहले थे। उन्होंने कहा कि संत, मुनि, महंत समाज को दिशा देने का काम करते है तथा हमारी समृद्ध संस्कृति को दुनियाभर में पहुंचाते है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाए। 
श्री शर्मा शुक्रवार को लाडनूं के जैन विश्व भारती परिसर में आयोजित सुधर्मा सभा प्रवचन हॉल के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पूज्य आचार्यश्री महाश्रमणजी का पधारना राजस्थान के लिए अत्यंत सम्मान और गौरव का विषय है। जैन विश्व भारती द्वारा आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में सुधर्मा सभा का लोकार्पण भी हो रहा है। यह आने वाले समय में मानवीय मूल्यों और धार्मिक शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र बनेगा।

जैन धर्म द्वारा अहिंसा के संदेश ने मानवता को दिखाई दिशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि जैन धर्म अहिंसा का संदेश देकर प्रकाश स्तंभ की तरह मानवता को दिशा दिखा रहा है। जैन दर्शन ने ‘जियो और जीने दो’ का जो मूलमंत्र दिया है, वह आज पर्यावरण संरक्षण का सबसे बड़ा आधार बन चुका है। उन्होंने कहा कि इस धर्म की यह विशेषता रही है कि इसने हमेशा प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर चलने की शिक्षा दी है। आज जब पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन से चिंतित है, तब जैन धर्म के सिद्धांत हमें यह बताते हैं कि संयम और सादगी के बिना मानवता का भविष्य सुरक्षित नहीं हो सकता।

पूज्य आचार्यश्री महाश्रमणजी लाखों लोगों के लिए प्रेरणास्रोत
श्री शर्मा ने कहा कि पूज्य आचार्यश्री महाश्रमणजी मानवीय मूल्यों के जीवंत प्रतीक हैं। इनकी साधना, ज्ञान और त्याग लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इन्होंने अपना संपूर्ण जीवन मानव कल्याण और धर्म प्रचार के लिए समर्पित कर दिया है। उन्होंने कहा कि आचार्य जी ने जैन धर्म की प्राचीन परंपराओं को आधुनिक समय के साथ जोड़कर एक नई दिशा दी है। उनका यह योगदान केवल जैन समाज के लिए नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए वरदान है। उनकी शिक्षाओं में जो सरलता और व्यावहारिकता है, वह हर वर्ग के लोगों तक पहुँचती है। 

जैन विश्व भारती ने विभिन्न क्षेत्रों में दिया अविस्मरणीय योगदान
मुख्यमंत्री ने कहा कि जैन विश्व भारती ने पिछले कई दशकों में धर्म, शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में अविस्मरणीय योगदान दिया है। आचार्य तुलसी के बाद आचार्य महाप्रज्ञ ने इस परंपरा को आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि इस संस्थान ने जैन दर्शन का प्रचार-प्रसार के साथ ही आधुनिक शिक्षा को मानवीय मूल्यों के साथ जोड़कर एक नई दिशा दी है। यहाँ संचालित शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान के साथ जीवन जीने की कला भी सिखाई जाती है। विश्व भारती ने अहिंसा और शांति के संदेश को घर-घर तक पहुँचाने का काम किया है। यह संस्थान विदेशों में भी भारतीय संस्कृति और जैन दर्शन का प्रतिनिधित्व कर रहा है। उन्होंने कहा कि सुधर्मा सभा मानवीय मूल्यों का एक मंदिर है। यहाँ से सत्य, अहिंसा और करुणा का संदेश दूर-दूर तक फैलेगा। 
इस दौरान श्री शर्मा ने आचार्यश्री महाश्रमणजी से आशीर्वचन प्राप्त किए। श्री शर्मा ने जैन विश्व भारती में नवनिर्मित सुधर्मा सभा प्रवचन हॉल का लोकार्पण किया। इस अवसर पर साध्वी प्रमुखा श्रीजी विश्रुत विभा, मुनि श्री महावीर कुमार, साध्वी वर्या श्री सम्बुद्ध यशा जी, राजस्थान पत्रिका समूह के प्रधान संपादक श्री गुलाब कोठारी, जैन विश्व भारती के अध्यक्ष श्री अमरचंद लुंकड़ सहित जैन मुनि-साध्वी, जैन विश्व भारती के पदाधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।

जैन धर्म जीवन जीने की एक पूर्ण कला, आचार्यश्री महाश्रमणजी ने सम्पूर्ण जीवन मानव कल्याण के लिए किया समर्पित - मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा

जोधपुर। राजस्थान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का समापन समारोह एवं अवॉर्ड नाईट ऐतिहासिक मेहरानगढ़ दुर्ग में आयोजित हुआ। रंग-बिरंगे सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच आयोजित मेगा अवार्ड नाइट में अभिनेता, निर्देशक और सिनेमा जगत से जुड़ी नामचीन हस्तियाँ ने शिरकत की।
पूर्व नरेश गजसिंह एवं पूर्व महारानी हेमलता राजे के मुख्य आतिथ्य में आयोजित हुए 12 वें राजस्थान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के समापन समारोह एवं मेगा अवार्ड नाइट में भारतीय और अंतरराष्ट्रीय सिनेमा जगत की दिग्गज हस्तियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए स्पेशल अवार्ड्स से सम्मानित किया गया साथ ही सिनेमा, अभिनय, निर्देशन, लेखन और तकनीकी क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 87 प्रतिभाओं को भी सम्मानित किया गया।
RIFF टीम के  RIFF फाउंडर व फेस्टिवल डायरेक्टर सोमेंद्र हर्ष ने बताया कि अवार्ड सेरेमनी ने सिनेमा, संस्कृति और राजस्थान की विरासत को एक मंच पर खूबसूरती से प्रस्तुत किया। पाँच दिनों तक चले इस आयोजन के दौरान 78 से अधिक हिंदी, इंग्लिश और राजस्थानी सहित विभिन्न श्रेणियों की फिल्में प्रदर्शित की गईं, जिनमें फीचर फिल्में, शॉर्ट फिल्में और डॉक्यूमेंट्री शामिल रहीं।निदेशक अंशु हर्ष ने रिफ के सफल आयोजन के लिए सभी का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि पूर्व नरेश गजसिंह ने कहा कि सिनेमा एक ऐसा सशक्त माध्यम है, जो विभिन्न संस्कृतियों को आपस में जोड़ता है और समाज की श्रेष्ठ रचनात्मकता को सामने लाता है। उन्होंने राजस्थानी भाषा में फिल्मों, डॉक्यूमेंट्री और टेलीविजन धारावाहिकों के निर्माण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि राजस्थानी एक समृद्ध भाषा है, जो लोगों का भरपूर मनोरंजन करने के साथ उनकी सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत करती है। उन्होंने बताया कि राजस्थान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के माध्यम से जोधपुर तक संस्कृति, समझ और जानकारी पहुँची है, जिससे शहर को बड़ा लाभ हुआ है।  
अभिनेता और मशहूर कवि शैलेश लोढ़ा ने कहा कि मारवाड़ की कला, संस्कृति, संगीत और साहित्य के प्रति लोगों का अनुराग अद्भुत है और उन्हें अपने शहर पर गर्व है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति भले ही मारवाड़ से बाहर चला जाए, लेकिन मारवाड़ उसके भीतर सदैव जीवित रहता है। उन्होंने युवाओं से अन्य भाषाएँ सीखने के साथ-साथ मारवाड़ी भाषा और संस्कृति को सहेजने की अपील की। इसी अवसर पर उन्होंने अपने पिता श्याम सिंह लोढ़ा की स्मृति में घोषणा की कि अगले वर्ष राजस्थान में बनने वाली फीचर फिल्मों को दो सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार दिए जाएंगे, जिनकी राशि  एक लाख रुपये और पचास हजार रुपये होगी।

सम्मान से अभिभूत हुए अभिनेता रजत कपूर
अभिनेता रजत कपूर ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए एक बड़ा और अप्रत्याशित आश्चर्य है। वे यहां फिल्में देखने और अपनी शॉर्ट फिल्मों को प्रस्तुत करने आए थे, लेकिन इस तरह का पुरस्कार मिलने की उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी। उन्होंने कहा कि एक अभिनेता के रूप में निरंतर सीखते रहना और आगे बढ़ने की कोशिश करना उनका कर्तव्य है। रंगमंच हमेशा उनके जीवन का अहम हिस्सा रहा है और सिनेमा व थिएटर का यह सफर आगे भी जारी रहेगा। रजत कपूर ने बताया कि बीते दिनों में उन्होंने पैदल पूरे पुराने शहर को देखा, ओसियां तक गए और अब उन्हें जोधपुर की हवा और माहौल से गहरा जुड़ाव महसूस हो रहा।

फिल्म अभिनेता मकरंद देशपांडे ने कहा कि किसी कलाकार के लिए पुरस्कार मिलना बड़ी बात नहीं होती, बल्कि यह अधिक महत्वपूर्ण है कि वह सम्मान किस स्थान पर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि मेहरानगढ़ किला अपने आप में इतिहास, कला और संस्कृति का जीवंत प्रतीक है। ऐसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थल पर सम्मानित होना हर कलाकार के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है।

इन हस्तियों का हुआ सम्मान
1. RIFF 2026 में भारतीय सिनेमा में दीर्घकालीन और उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रसिद्ध अभिनेता रजित कपूर को लीजेंडरी अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस से सम्मानित किया गया
2. अंतरराष्ट्रीय सिनेमा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए दीना रोज़नमेयर को ऑनरेरी अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस प्रदान किया गया।
3. राजस्थान की कला और संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान दिलाने वाले कवि, लेखक और टीवी कलाकार शैलेश लोढ़ा को प्राइड ऑफ राजस्थान अवार्ड से नवाजा गया।
4. भारतीय सिनेमा में कास्टिंग और प्रतिभाओं को मंच देने में अहम भूमिका निभाने वाले कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा को ऑनरेरी अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस से सम्मानित किया गया।
5. थिएटर, टेलीविजन और सिनेमा में सशक्त अभिनय के लिए जानी जाने वाली वरिष्ठ अभिनेत्री जयति भाटिया को भारतीय सिनेमा एवं टीवी में योगदान हेतु ऑनरेरी अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस प्रदान किया गया।
6. अभिनेता और टीवी होस्ट अनूप सोनी को भारतीय सिनेमा और टेलीविजन में उनके प्रभावशाली अभिनय और योगदान के लिए अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस से सम्मानित किया गया।
7. सिनेमा जगत में लेखन के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए लेखिका और अभिनेत्री सीमा कपूर को बेस्ट ऑथर इन द फील्ड ऑफ सिनेमा अवार्ड प्रदान किया गया।
8. युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत और राजस्थान से उभरती प्रतिभा शहज़ाद अली को यूथ आइकन ऑफ राजस्थान अवार्ड से सम्मानित किया गया।
9. RIFF 2026 की थीम Cinemasthan – Your Lens, Our Rajasthan के अंतर्गत राजस्थान की संस्कृति और कहानियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आगे बढ़ाने के लिए STAGE OTT को थीम अवार्ड प्रदान किया गया


सिनेमा, संस्कृति और राजस्थान की विरासत के संगम का मंच बना रिफ, मेहरानगढ़ में आयोजित हुई भव्य अवॉर्ड नाईट