जयपुर। उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बुधवार को विधानसभा में राजस्थान बजट 2026–27 प्रस्तुत करते हुए प्रदेश के तेज़, संतुलित और सतत विकास का स्पष्ट रोडमैप सामने रखा। बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, रोजगार और पर्यटन को प्राथमिकता देते हुए आमजन के जीवन स्तर में सुधार और आर्थिक मजबूती पर विशेष जोर दिया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत @2047 विजन को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य राजस्थान को आत्मनिर्भर, समृद्ध और निवेश के लिए आकर्षक राज्य बनाना है।
बजट प्रस्तुत करते हुए दीया कुमारी ने बताया कि वर्ष 2026–27 का कुल बजट आकार 6 लाख 10 हजार 956 करोड़ रुपये रखा गया है, जो वर्ष 2023–24 की तुलना में लगभग 41 प्रतिशत अधिक है। यह बजट 10 मजबूत स्तंभों — अवसंरचना विस्तार, नागरिक सुविधाएं, औद्योगिक विकास, मानव संसाधन सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा, पर्यटन एवं संस्कृति, सुशासन व डिजिटल परिवर्तन, कृषि विकास, हरित ऊर्जा और पर्यावरणीय सततता — पर आधारित है, जिससे वर्ष 2047 तक 4.3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल किया जा सके।
ऊर्जा क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देते हुए वित्त मंत्री ने दो नए सोलर पार्क स्थापित करने की घोषणा की। साथ ही अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के माध्यम से बिजली की मॉनिटरिंग की जाएगी, जिससे ऊर्जा प्रबंधन अधिक स्मार्ट, पारदर्शी और प्रभावी बनेगा और बिजली आपूर्ति में होने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान संभव होगा।
आंगनबाड़ी और बाल विकास के लिए बजट में बड़ी सौगात देते हुए प्रदेश के 22,746 आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के समग्र विकास हेतु खेल सामग्री और किट उपलब्ध कराने की घोषणा की गई है। इस योजना पर ₹323 करोड़ खर्च किए जाएंगे, जिससे बच्चों को खेल-खेल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर पोषण और आधुनिक वातावरण मिल सकेगा।
शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में भी बजट को ऐतिहासिक बताया जा रहा है। शिक्षा के लिए ₹69 हजार करोड़, 400 स्कूलों को सीएम राइज विद्यालय के रूप में विकसित करने, स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ₹32,526 करोड़, प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता हेतु राजस्थान स्टेट टेस्टिंग एजेंसी (RSTA) की स्थापना तथा 5 वर्षों में 4 लाख सरकारी नौकरियों के लक्ष्य के तहत तेज़ भर्ती प्रक्रिया को गति देने जैसे अहम प्रावधान शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन और डिजिटल गवर्नेंस जैसे बुनियादी क्षेत्रों में ठोस प्रावधान किए गए हैं, जिससे राजस्थान को विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य बनाने की दिशा में यह बजट मील का पत्थर साबित होगा।











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