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डीडवाना-कुचामन/जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा शुक्रवार को लाडनूं में आयोजित ग्राम उत्थान शिविर एवं जनसभा उपस्थित हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है। हमारी सरकार गांवों के उत्थान के लिए निरंतर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेशभर में लगाए जा रहे ग्राम उत्थान शिविर सरकार की जनता के प्रति जवाबदेही का प्रतीक है। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि इन शिविरों में जाकर सरकारी योजनाओं की पूरी जानकारी लें और उनका भरपूर लाभ उठाएं। 
उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि राजस्थान का किसान, गरीब, पशुपालक सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे। इसी सोच के साथ हमारी सरकार ने प्रत्येक गिरदावर सर्किल पर ग्राम उत्थान शिविरों की शुरुआत की है जिससे ग्रामीणों को घर के नजदीक ही राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जा सके।

प्रधानमंत्री के ग्रामीण भारत को सशक्त करने के लिए उठाए अनेक कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ग्रामीण भारत को सशक्त करने के लिए विकसित भारत जी राम जी कानून लेकर आई है। इस कानून से ग्रामीण क्षेत्रों में साल में 125 दिन का पक्का रोजगार मिलेगा। हर काम डिजिटल तरीके से रिकॉर्ड होगा। इससे पूरी पारदर्शिता व तकनीक के सहारे काम होगा और मजदूरी सीधे लाभार्थी के खाते में पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि इस कानून के तहत गांव में स्थायी संपत्ति बनेगी।

ग्राम उत्थान शिविर से ग्रामीणों के मौके पर हो रहे काम
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक प्रदेश में 1500 से ज्यादा ग्राम उत्थान शिविर लगाकर 77 लाख से अधिक काम किए गए है। आमजन को 98 हजार से ज्यादा सोइल हेल्थ कार्ड तथा 55 हजार से अधिक स्वामित्व कार्ड वितरित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन शिविरों में 30 हजार किसान क्रेडिट कार्ड के आवेदन, 5 लाख 10 हजार पशुधन का इलाज तथा 77 हजार से अधिक पशुओं का टीकाकरण किया गया है। साथ ही, पीएम सूर्य घर योजना के तहत करीब 29 हजार पंजीकरण हुए है। उन्होंने कहा कि इन शिविरों में किसानों को तारबंदी, डिग्गी, पाइप लाइन, सोलर पंप, फव्वारा सिंचाई जैसी योजनाओं की स्वीकृति से लेकर प्राथमिक डेयरी सहकारी समितियों और डेयरी सहकारी समितियों का पंजीकरण, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास आवंटन सहित विभिन्न कार्य करवाए जा रहे है। 

हमने किसानों के लिए दो साल में किए अनेक काम, गत सरकार पूरे पांच साल में नहीं कर पाई
श्री शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार के दो साल के काम गत सरकार के पूरे पांच साल की तुलना में कई गुना ज्यादा है। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा दो साल में किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि हमने नहरी तंत्र से 99 हजार 562 हैक्टेयर में सिंचाई सुविधा सृजित की। जबकि पूर्ववर्ती सरकार ने अपने पिछले कार्यकाल के प्रथम दो वर्ष में 17 हजार 448 हैक्टेयर तथा पूरे पांच साल में केवल 52 हजार 182 हैक्टेयर क्षेत्र में ही सिंचाई सुविधा दी। इसी तरह, हमने 344 लाख मीटर खेतों पर तारबंदी की तथा पूर्ववर्ती सरकार ने शुरूआती दो साल में 8 लाख मीटर तथा पूरे पांच साल में 113 लाख मीटर तारबंदी ही की। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के दो वर्षों में 3 हजार 433 करोड़ रुपये गौशालाओं को सहायता राशि की तुलना में गत सरकार ने दो साल में 934 करोड़ तथा पूरे पांच साल में 3 हजार 117 करोड़ रुपये की राशि गौशालाओं को दी।

अन्नदाता किसान हमारी अर्थव्यवस्था का आधार
श्री शर्मा ने कहा कि अन्नदाता किसान हमारी अर्थव्यवस्था का आधार है। हमारी सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और सशक्तिकरण कई ठोस कदम उठाए हैं। प्रदेश के 22 जिलों में किसानों को दिन में बिजली मिल रही है। उन्होंने कहा कि हमने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत राशि में बढ़ोतरी, गेहूं पर 150 रुपये का बोनस, किसानों को 50 हजार करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त फसली ऋण, 2 लाख 3 हजार हेक्टेयर में ड्रिप और फव्वारा संयंत्र, डिग्गी और फार्म पॉन्ड बनाने तथा 17 लाख से अधिक मृदा स्वास्थ्य कार्ड का वितरण जैसे अनेक कार्य किए गए है जिससे किसान सशक्त हो सकेंगे। उन्होंने किसानों से मृदा की जांच करवाकर आवश्यकतानुसार उर्वरक का उपयोग करने की अपील की जिससे मृदा की उर्वरता लम्बे समय तक बनी रहे। 

युवाओं को दिए जा रहे रोजगार के भरपूर अवसर
श्री शर्मा ने कहा कि हमारे प्रदेश का युवा मेहनती है लेकिन गत सरकार के समय पेपरलीक जैसे प्रकरणों से युवाओं के सपनों पर कुठाराघात हुआ था। हमने अपने कार्यकाल में पूरी पारदर्शिता एवं ईमानदारी से परीक्षाएं आयोजित की जिससे एक भी पेपर लीक नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार युवाओं के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर भी उपलब्ध करवा रही है। अब तक 1 लाख से ज्यादा नियुक्तियां दी हैं। डेढ़ लाख से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इस साल एक लाख और पदों का कैलेंडर जारी हो चुका है। उन्होंने युवाओं को आश्वस्त किया वे मन लगाकर पढ़ाई करें। अब एक भी पेपरलीक नहीं होगा। सरकार हर कदम पर आपके साथ खड़ी है। 
श्री शर्मा ने कार्यक्रम में डीडवाना-कुचामन जिले को करीब 529 करोड़ रुपये राशि के 71 विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं से जुड़े 465 करोड़ रुपये से अधिक राशि के 59 कार्यों का शिलान्यास किया। साथ ही, लगभग 64 करोड़ रुपये की राशि के 12 विकास कार्यों का लोकार्पण किया।
इससे पहले श्री शर्मा ने परिसर में आयोजित ग्राम उत्थान शिविर का अवलोकन किया एवं विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चैक एवं प्रमाण पत्र वितरित किए। कार्यक्रम में राजस्व राज्यमंत्री श्री विजय सिंह चौधरी, किसान आयोग अध्यक्ष श्री सी. आर. चौधरी, विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री रामगोपाल सुथार सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने डीडवाना-कुचामन को 529 करोड़ रुपये केे विकास कार्यों की दी सौगात

डीडवाना-कुचामन/जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जैन धर्म केवल एक धर्म नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक पूर्ण कला है। इस धर्म के पंच महाव्रत आज के भौतिकवादी युग में भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने सदियों पहले थे। उन्होंने कहा कि संत, मुनि, महंत समाज को दिशा देने का काम करते है तथा हमारी समृद्ध संस्कृति को दुनियाभर में पहुंचाते है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाए। 
श्री शर्मा शुक्रवार को लाडनूं के जैन विश्व भारती परिसर में आयोजित सुधर्मा सभा प्रवचन हॉल के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पूज्य आचार्यश्री महाश्रमणजी का पधारना राजस्थान के लिए अत्यंत सम्मान और गौरव का विषय है। जैन विश्व भारती द्वारा आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में सुधर्मा सभा का लोकार्पण भी हो रहा है। यह आने वाले समय में मानवीय मूल्यों और धार्मिक शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र बनेगा।

जैन धर्म द्वारा अहिंसा के संदेश ने मानवता को दिखाई दिशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि जैन धर्म अहिंसा का संदेश देकर प्रकाश स्तंभ की तरह मानवता को दिशा दिखा रहा है। जैन दर्शन ने ‘जियो और जीने दो’ का जो मूलमंत्र दिया है, वह आज पर्यावरण संरक्षण का सबसे बड़ा आधार बन चुका है। उन्होंने कहा कि इस धर्म की यह विशेषता रही है कि इसने हमेशा प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर चलने की शिक्षा दी है। आज जब पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन से चिंतित है, तब जैन धर्म के सिद्धांत हमें यह बताते हैं कि संयम और सादगी के बिना मानवता का भविष्य सुरक्षित नहीं हो सकता।

पूज्य आचार्यश्री महाश्रमणजी लाखों लोगों के लिए प्रेरणास्रोत
श्री शर्मा ने कहा कि पूज्य आचार्यश्री महाश्रमणजी मानवीय मूल्यों के जीवंत प्रतीक हैं। इनकी साधना, ज्ञान और त्याग लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इन्होंने अपना संपूर्ण जीवन मानव कल्याण और धर्म प्रचार के लिए समर्पित कर दिया है। उन्होंने कहा कि आचार्य जी ने जैन धर्म की प्राचीन परंपराओं को आधुनिक समय के साथ जोड़कर एक नई दिशा दी है। उनका यह योगदान केवल जैन समाज के लिए नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए वरदान है। उनकी शिक्षाओं में जो सरलता और व्यावहारिकता है, वह हर वर्ग के लोगों तक पहुँचती है। 

जैन विश्व भारती ने विभिन्न क्षेत्रों में दिया अविस्मरणीय योगदान
मुख्यमंत्री ने कहा कि जैन विश्व भारती ने पिछले कई दशकों में धर्म, शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में अविस्मरणीय योगदान दिया है। आचार्य तुलसी के बाद आचार्य महाप्रज्ञ ने इस परंपरा को आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि इस संस्थान ने जैन दर्शन का प्रचार-प्रसार के साथ ही आधुनिक शिक्षा को मानवीय मूल्यों के साथ जोड़कर एक नई दिशा दी है। यहाँ संचालित शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान के साथ जीवन जीने की कला भी सिखाई जाती है। विश्व भारती ने अहिंसा और शांति के संदेश को घर-घर तक पहुँचाने का काम किया है। यह संस्थान विदेशों में भी भारतीय संस्कृति और जैन दर्शन का प्रतिनिधित्व कर रहा है। उन्होंने कहा कि सुधर्मा सभा मानवीय मूल्यों का एक मंदिर है। यहाँ से सत्य, अहिंसा और करुणा का संदेश दूर-दूर तक फैलेगा। 
इस दौरान श्री शर्मा ने आचार्यश्री महाश्रमणजी से आशीर्वचन प्राप्त किए। श्री शर्मा ने जैन विश्व भारती में नवनिर्मित सुधर्मा सभा प्रवचन हॉल का लोकार्पण किया। इस अवसर पर साध्वी प्रमुखा श्रीजी विश्रुत विभा, मुनि श्री महावीर कुमार, साध्वी वर्या श्री सम्बुद्ध यशा जी, राजस्थान पत्रिका समूह के प्रधान संपादक श्री गुलाब कोठारी, जैन विश्व भारती के अध्यक्ष श्री अमरचंद लुंकड़ सहित जैन मुनि-साध्वी, जैन विश्व भारती के पदाधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।

जैन धर्म जीवन जीने की एक पूर्ण कला, आचार्यश्री महाश्रमणजी ने सम्पूर्ण जीवन मानव कल्याण के लिए किया समर्पित - मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा

जोधपुर। राजस्थान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का समापन समारोह एवं अवॉर्ड नाईट ऐतिहासिक मेहरानगढ़ दुर्ग में आयोजित हुआ। रंग-बिरंगे सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच आयोजित मेगा अवार्ड नाइट में अभिनेता, निर्देशक और सिनेमा जगत से जुड़ी नामचीन हस्तियाँ ने शिरकत की।
पूर्व नरेश गजसिंह एवं पूर्व महारानी हेमलता राजे के मुख्य आतिथ्य में आयोजित हुए 12 वें राजस्थान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के समापन समारोह एवं मेगा अवार्ड नाइट में भारतीय और अंतरराष्ट्रीय सिनेमा जगत की दिग्गज हस्तियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए स्पेशल अवार्ड्स से सम्मानित किया गया साथ ही सिनेमा, अभिनय, निर्देशन, लेखन और तकनीकी क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 87 प्रतिभाओं को भी सम्मानित किया गया।
RIFF टीम के  RIFF फाउंडर व फेस्टिवल डायरेक्टर सोमेंद्र हर्ष ने बताया कि अवार्ड सेरेमनी ने सिनेमा, संस्कृति और राजस्थान की विरासत को एक मंच पर खूबसूरती से प्रस्तुत किया। पाँच दिनों तक चले इस आयोजन के दौरान 78 से अधिक हिंदी, इंग्लिश और राजस्थानी सहित विभिन्न श्रेणियों की फिल्में प्रदर्शित की गईं, जिनमें फीचर फिल्में, शॉर्ट फिल्में और डॉक्यूमेंट्री शामिल रहीं।निदेशक अंशु हर्ष ने रिफ के सफल आयोजन के लिए सभी का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि पूर्व नरेश गजसिंह ने कहा कि सिनेमा एक ऐसा सशक्त माध्यम है, जो विभिन्न संस्कृतियों को आपस में जोड़ता है और समाज की श्रेष्ठ रचनात्मकता को सामने लाता है। उन्होंने राजस्थानी भाषा में फिल्मों, डॉक्यूमेंट्री और टेलीविजन धारावाहिकों के निर्माण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि राजस्थानी एक समृद्ध भाषा है, जो लोगों का भरपूर मनोरंजन करने के साथ उनकी सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत करती है। उन्होंने बताया कि राजस्थान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के माध्यम से जोधपुर तक संस्कृति, समझ और जानकारी पहुँची है, जिससे शहर को बड़ा लाभ हुआ है।  
अभिनेता और मशहूर कवि शैलेश लोढ़ा ने कहा कि मारवाड़ की कला, संस्कृति, संगीत और साहित्य के प्रति लोगों का अनुराग अद्भुत है और उन्हें अपने शहर पर गर्व है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति भले ही मारवाड़ से बाहर चला जाए, लेकिन मारवाड़ उसके भीतर सदैव जीवित रहता है। उन्होंने युवाओं से अन्य भाषाएँ सीखने के साथ-साथ मारवाड़ी भाषा और संस्कृति को सहेजने की अपील की। इसी अवसर पर उन्होंने अपने पिता श्याम सिंह लोढ़ा की स्मृति में घोषणा की कि अगले वर्ष राजस्थान में बनने वाली फीचर फिल्मों को दो सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार दिए जाएंगे, जिनकी राशि  एक लाख रुपये और पचास हजार रुपये होगी।

सम्मान से अभिभूत हुए अभिनेता रजत कपूर
अभिनेता रजत कपूर ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए एक बड़ा और अप्रत्याशित आश्चर्य है। वे यहां फिल्में देखने और अपनी शॉर्ट फिल्मों को प्रस्तुत करने आए थे, लेकिन इस तरह का पुरस्कार मिलने की उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी। उन्होंने कहा कि एक अभिनेता के रूप में निरंतर सीखते रहना और आगे बढ़ने की कोशिश करना उनका कर्तव्य है। रंगमंच हमेशा उनके जीवन का अहम हिस्सा रहा है और सिनेमा व थिएटर का यह सफर आगे भी जारी रहेगा। रजत कपूर ने बताया कि बीते दिनों में उन्होंने पैदल पूरे पुराने शहर को देखा, ओसियां तक गए और अब उन्हें जोधपुर की हवा और माहौल से गहरा जुड़ाव महसूस हो रहा।

फिल्म अभिनेता मकरंद देशपांडे ने कहा कि किसी कलाकार के लिए पुरस्कार मिलना बड़ी बात नहीं होती, बल्कि यह अधिक महत्वपूर्ण है कि वह सम्मान किस स्थान पर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि मेहरानगढ़ किला अपने आप में इतिहास, कला और संस्कृति का जीवंत प्रतीक है। ऐसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थल पर सम्मानित होना हर कलाकार के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है।

इन हस्तियों का हुआ सम्मान
1. RIFF 2026 में भारतीय सिनेमा में दीर्घकालीन और उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रसिद्ध अभिनेता रजित कपूर को लीजेंडरी अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस से सम्मानित किया गया
2. अंतरराष्ट्रीय सिनेमा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए दीना रोज़नमेयर को ऑनरेरी अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस प्रदान किया गया।
3. राजस्थान की कला और संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान दिलाने वाले कवि, लेखक और टीवी कलाकार शैलेश लोढ़ा को प्राइड ऑफ राजस्थान अवार्ड से नवाजा गया।
4. भारतीय सिनेमा में कास्टिंग और प्रतिभाओं को मंच देने में अहम भूमिका निभाने वाले कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा को ऑनरेरी अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस से सम्मानित किया गया।
5. थिएटर, टेलीविजन और सिनेमा में सशक्त अभिनय के लिए जानी जाने वाली वरिष्ठ अभिनेत्री जयति भाटिया को भारतीय सिनेमा एवं टीवी में योगदान हेतु ऑनरेरी अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस प्रदान किया गया।
6. अभिनेता और टीवी होस्ट अनूप सोनी को भारतीय सिनेमा और टेलीविजन में उनके प्रभावशाली अभिनय और योगदान के लिए अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस से सम्मानित किया गया।
7. सिनेमा जगत में लेखन के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए लेखिका और अभिनेत्री सीमा कपूर को बेस्ट ऑथर इन द फील्ड ऑफ सिनेमा अवार्ड प्रदान किया गया।
8. युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत और राजस्थान से उभरती प्रतिभा शहज़ाद अली को यूथ आइकन ऑफ राजस्थान अवार्ड से सम्मानित किया गया।
9. RIFF 2026 की थीम Cinemasthan – Your Lens, Our Rajasthan के अंतर्गत राजस्थान की संस्कृति और कहानियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आगे बढ़ाने के लिए STAGE OTT को थीम अवार्ड प्रदान किया गया


सिनेमा, संस्कृति और राजस्थान की विरासत के संगम का मंच बना रिफ, मेहरानगढ़ में आयोजित हुई भव्य अवॉर्ड नाईट

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा गुरुवार को जयपुर के जेईसीसी में आयोजित इंडिया स्टोन मार्ट के उद्घाटन सत्र समारोह में पहुंचे जहां लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राजस्थान के पत्थरों की विशिष्टता की विश्व पटल पर अनूठी पहचान है। देशभर के अनेक प्रतिष्ठित संस्थानों, किलों, महलों में राजस्थान का पत्थर उपयोग में लाया गया है। अब राजस्थान का पत्थर उद्योग नई ऊंचाइयां छूने के लिए पूरी तरह तैयार है तथा हम इस उद्योग को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी उद्यमियों से प्रदेश में मिलकर पत्थर उद्योग को देश में सिरमौर बनाने की अपील की। 
    उन्होंने सीडॉस, रीको और लघु उद्योग भारती को इस भव्य आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि इंडिया स्टोनमार्ट प्रदर्शनी नए राजस्थान के संकल्प का प्रतीक है। यह आयोजन भारतीय प्राकृतिक पत्थर उद्योग की शक्ति और सामर्थ्य को प्रदर्शित करने का एक वैश्विक मंच बन चुका है। उन्होंने कहा कि इस स्टोन मार्ट का पहली बार 26 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय भाषाओं में वेबसाइट निर्माण, डिजिटल मोबाइल एप्लीकेशन तथा विशाल क्षेत्र में प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। 
प्रधानमंत्री ने उद्योगों को दी नई दिशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी और कुशल नेतृत्व में आज भारत वैश्विक विनिर्माण का केंद्र बनकर उभर रहा है। ‘मेक इन इंडिया‘ और ‘आत्मनिर्भर भारत‘ की महत्वाकांक्षी परिकल्पना ने उद्योगों को नई दिशा और नया विश्वास दिया है। उन्होंने कहा कि भारतीय ग्रेनाइट, संगमरमर और सैंडस्टोन दुनियाभर में प्रसिद्ध है। भारत पत्थर निर्यातक के साथ मूल्य संवर्धन और नवाचार का केंद्र भी बन रहा है। साथ ही, हमारी कंपनियां वैश्विक संस्थानों के रूप में तेजी से उभर रही हैं। यह हमारे उद्योग के लिए तेज गति से बढ़ने का सुनहरा अवसर है।

राजस्थान निवेश के लिए सबसे सुरक्षित और बेहतरीन जगह 
श्री शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार ने पत्थर उद्योग सहित सभी प्रकार के उद्योगों के लिए निवेश-अनुकूल और नीति-स्थिर वातावरण तैयार करने का काम किया है। सिंगल विंडो सिस्टम, औद्योगिक बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण, लॉजिस्टिक्स में सुधार, प्रक्रियाओं का सरलीकरण जैसे नवाचारों से उद्यमी बिना परेशानी के यहां आसानी से स्वयं का उद्यम स्थापित कर सकता है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने अनेक नीतियां लागू कीं है जिससे निवेश करना आसान हुआ है और आर्थिक विकास, नवाचार एवं रोजगार सृजन के भी कई नए मार्ग खुले हैं। उन्होंने कहा कि राइजिंग राजस्थान इनवेस्टमेंट समिट के तहत किए गए 35 लाख करोड़ के एमओयू में से 8 लाख करोड़ के कार्य शुरू हो चुके है। 
श्रमिकों की सुरक्षा एवं सम्मान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में विपुल खनिज संपदा है। यहां कुल 85 तरह के खनिज उपलब्ध है। मकराना का संगमरमर, किशनगढ़ का मार्बल सहित राजसमंद, जालौर, उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा के पत्थर दुनियाभर में प्रसिद्व है। राजस्थान के पास न केवल समृद्ध संसाधन हैं, बल्कि सदियों पुरानी शिल्पकला की परंपरा भी है। साथ ही, हमारे कारीगरों की कला विश्वविख्यात है। हमारे पत्थर को पर्यावरण के अनुकूल, टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण निर्माण सामग्री के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्वीकृति मिल रही है। उन्होंने कहा कि कहा कि उद्योग की असली ताकत हमारे कुशल कारीगर और मेहनतकश श्रमिक हैं। उनके हाथों की कारीगरी ही साधारण पत्थर को अद्भुत कला में बदलती है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के लिए श्रमिकों की सुरक्षा एवं सम्मान सर्वाेच्च प्राथमिकता है। साथ ही, श्रमिकों के लिए आधुनिक सुरक्षा उपकरण, कौशल प्रशिक्षण, बेहतर काम का माहौल और उचित मजदूरी सुनिश्चित की जा रही है।

श्री शर्मा ने कहा कि पूर्ववती सरकार के समय उद्योगों के लिए कोई स्पष्ट नीति नहीं थी जिससे उद्योगपति दूसरे राज्यों की तरफ पलायन करने लगे थे तथा युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी कम हो गए थे। लेकिन हमारी सरकार द्वारा प्रत्येक कार्य निष्पक्षता और पारदर्शिता से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प है कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वर्ष 2030 तक 350 बिलियन डॉलर इकॉनोमी बनाया जाए।
इस अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार पत्थर उद्योग को आगे बढ़ाने के लिए तत्पर है। राज्य सरकार द्वारा निवेश परक नई नीतियों, सिंगल विंडो क्लियरेंस, प्रक्रियाओं का सरलीकरण सहित विभिन्न नवाचारों के माध्यम से उद्यमियों को राहत दी जा रही है। उन्होंने कहा कि यह इंडिया स्टोनमार्ट प्रदेश के पत्थर से जुड़े उद्यमियों को वैश्विक पटल पर आगे ले जाने के लिए सहायक सिद्ध होगा। 
इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्टोन क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले श्रीराम मेगा स्ट्रक्चर के निदेशक श्री अनिल चौधरी तथा एवर शाइन मार्बल्स के प्रबंध निदेशक श्री मुकेश चंद्र अग्रवाल को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने इंडिया स्टोनमार्ट 2026 प्रदर्शनी का फीता खोलकर उद्घाटन किया एवं स्टॉल्स का अवलोकन किया।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री श्री मदन दिलावर, मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास, लघु उद्योग भारती के अखिल भारतीय संगठन मंत्री श्री प्रकाशचंद, आर.के. मार्बल्स के चैयरमेन श्री अशोक पाटनी, ईरान और टर्की के प्रतिनिधिगण, सहित लघु उद्योग भारती के वरिष्ठ पदाधिकारीगण, रीको एवं सीडॉस के अधिकारीगण, बड़ी संख्या में उद्यमी, वास्तुकार एवं श्रमिक मौजूद रहे।

राजस्थान के पत्थरों की विश्व में अनूठी पहचान, उद्योग अब नई ऊंचाइयां छूने को तैयार - मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। मानसरोवर स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर, वरुण पथ में फाल्गुन कृष्ण चतुर्थी को भगवान पद्म प्रभु के मोक्ष कल्याणक के पावन अवसर पर विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। मंत्रोच्चारण के बीच सामूहिक निर्वाण लड्डू चढ़ाया गया, जिससे वातावरण भक्ति भाव से सराबोर हो गया।
संगठन मंत्री सुनील जैन गंगवाल ने बताया कि इससे पूर्व भगवान का अभिषेक, शांतिधारा तथा सामूहिक पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर अध्यक्ष जे.के. जैन एवं कोषाध्यक्ष हेमेन्द्र सेठी ने भी पूजा में भाग लिया।
कार्यक्रम में अतिथि चंदा देवी, महेंद्र कासलीवाल, सुरेन्द्र, नव्या जैन, अक्षय-आशा गोधा, बसन्ती देवी, अजय मोजमाबाद के साथ समाज के संतोष कासलीवाल, अशोक जैन, गौरव जैन, प्रमोद गंगवाल, महावीर बडजात्या, सुधीर बोहरा तथा समाज के अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

मानसरोवर स्थित जैन मंदिर में मनाया भगवान पद्म प्रभु का मोक्ष कल्याणक धूमधाम से

जयपुर। राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने संसद में राष्ट्रीय कैरियर सेवा (एनसीएस) प्लेटफॉर्म एवं रोजगार सुविधा से जुड़े विषय पर प्रश्न उठाकर युवाओं के भविष्य से जुड़े एक महत्वपूर्ण मुद्दे को मजबूती से रखा। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा दिए गए जवाब के अनुसार एनसीएस पोर्टल आज देशभर में नौकरी चाहने वालों और नियोक्ताओं के लिए एक प्रभावी वन-स्टॉप डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य कर रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 20 जनवरी 2026 तक एनसीएस पोर्टल पर 78.86 लाख से अधिक नौकरी चाहने वाले तथा 12.36 लाख से अधिक नियोक्ता पंजीकृत हैं। इसके साथ ही इसी अवधि में 3.43 करोड़ से अधिक रिक्तियां प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई गई हैं।
    सांसद मदन राठौड़ ने बताया कि सरकार द्वारा देशभर में अब तक 407 आदर्श कैरियर केंद्रों (मॉडल कैरियर सेंटर्स) को मंजूरी दी गई है, जहां युवाओं को कैरियर परामर्श, मार्गदर्शन एवं प्लेसमेंट जैसी सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। एनसीएस पोर्टल पर 1180 से अधिक पंजीकृत कैरियर परामर्शदाता उपलब्ध हैं और अब तक 55 लाख से अधिक ऑनलाइन एवं ऑफलाइन कैरियर मार्गदर्शन सत्र आयोजित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि एनसीएस पोर्टल को स्किल इंडिया डिजिटल हब के साथ एकीकृत किए जाने से युवाओं को स्किलिंग, री-स्किलिंग और अप-स्किलिंग के बेहतर अवसर मिल रहे हैं, जिससे उनकी रोजगार क्षमता में निरंतर वृद्धि हो रही है। राठौड़ ने केंद्र सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह प्लेटफॉर्म युवाओं, महिलाओं और वंचित वर्गों तक रोजगार अवसरों की पहुंच बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में एनसीएस देश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में और अधिक प्रभावी सिद्ध होगा।

देश के युवाओं के लिए रोजगार का सशक्त माध्यम बनकर उभरा एनसीएस प्लेटफॉर्म :— मदन राठौड़

जयपुर। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने शुक्रवार को जयपुर एग्जीबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर (JECC), सीतापुरा में आयोजित इंडिया स्टोन मार्ट 2026 एवं लघु उद्योग भारती द्वारा आयोजित जयपुर आर्किटेक्चर फेस्टिवल का विधिवत उद्घाटन किया। यह राष्ट्रीय स्तर का फेस्टिवल 6 और 7 फरवरी को आयोजित हो रहा है, जो स्टोन, वास्तुकला और शहरी विकास से जुड़े समग्र वातावरण में वास्तुकला, डिजाइन और सतत विकास पर केंद्रित एक महत्वपूर्ण मंच बनकर उभरा है।
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने दीप प्रज्ज्वलित कर फेस्टिवल का शुभारंभ किया। इससे पहले उन्होंने आर्किटेक्चर फेस्टिवल में लगी विभिन्न प्रदर्शनीयों का अवलोकन किया और राजस्थान की कला, शिल्प और प्रतिभा की सराहना
की। इस अवसर पर उन्होंने ऑल इंडिया स्टोन आर्किटेक्चरल अवार्ड 2025 के विजेताओं को भी सम्मानित किया।
अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आज सभी को सम्मानित करने का अवसर मिलना गर्व की बात है और इसके लिए उन्होंने आयोजकों सहित लघु उद्योग भारती का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जयपुर देश के सबसे सुनियोजित शहरों में से एक है। स्टोन के क्षेत्र में हुए नवाचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े मंदिरों और विश्व की प्रमुख इमारतों में राजस्थान के पत्थरों का उपयोग हुआ है, जो प्रदेश और देश के लिए अत्यंत गर्व की बात है।
दिया कुमारी ने कहा कि इतना भव्य आयोजन जयपुर में होना हम सभी के लिए गर्व का विषय है। राजस्थान का आर्किटेक्चर विश्व प्रसिद्ध है और इसकी सराहना हर जगह होती है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के फेस्टिवल से नई तकनीकों की जानकारी मिलती है, जिसका लाभ भविष्य में मिलेगा। साथ ही छोटे कारीगरों को बड़े बाजार से जुड़ने का अवसर भी प्राप्त होता है, जो एक सराहनीय पहल है।


इंडिया स्टोन मार्ट 2026 में जयपुर आर्किटेक्चर फेस्टिवल का भव्य शुभारंभ, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने किया उद्घाटन