जयपुर। महिला एवं बाल विकास विभाग के निदेशालय महिला अधिकारिता की ओर से जयपुर के जवाहर कला केन्द्र में चल रहे राज्य स्तरीय अमृता हाट में भाग ले रही स्वयं सहायता समूहों की महिला उद्यमियों के लिए शनिवार को रंगायन सभागार में एक विशेष डिजिटल मार्केटिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उप मुख्यमंत्री तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री, राजस्थान सरकार, दिया कुमारी जी ने शिरकत की। उन्होंने वहां उपस्थित महिलाओं को डिजिटल तकनीक अपनाकर अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने तथा आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
उप मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि व्यापार में वित्तीय साक्षरता आवश्यक है, अतः महिलाओं को वित्तीय रूप से साक्षर होना भी बहुत जरूरी है। आज के समय में केवल उत्पाद बनाना ही काफी नहीं है, बल्कि उसे सही बाजार तक पहुंचाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि पिछली बार राज्य स्तरीय अमृता हाट की विजिट के दौरान जब मुझे पता चला कि एसएचजी की महिलाएं अपने उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री बहुत कम करती हैं। इसी को ध्यान में रखकर हमने महिला अधिकारिता निदेशालय के माध्यम से डिजिटल मार्केटिंग के लिए यह वर्कशॉप आयोजित की है। यह एक बहुत अच्छा माध्यम है। आप लोगों का ऑनलाइन या डिजिटल मार्केटिंग करना बहुत जरूरी है, वित्तीय साक्षरता जरूरी है। यह नॉलेज बहुत उपयोगी है और लोगों के बिजनेस को आगे बढ़ाने का यह आज बहुत आसान और अधिकतम लोगों तक पहुंचने वाला माध्यम है।
उन्होंने महिला उद्यमियों की सराहना करते हुए कहा कि अब आप महिलाएं नौकरी मांगती नहीं बल्कि कई अन्य महिलाओं को नौकरी देती हो। यह महिला सशक्तिकरण का सबसे बड़ा उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री जी के द्वारा दिए गए मंत्र 'वोकल फॉर लोकल, लोकल फॉर ग्लोबल' के अनुसार कार्य करना है, ताकि समूचे विश्व में आपके उत्पादों की मांग बढ़े और आपका व्यापार बढ़े। इसी से आप उद्यमशील महिलाओं को ग्लोबल बाजार उपलब्ध हो सकता है। राजस्थान की कला, हस्तशिल्प और आपके द्वारा बनाए गए उत्पाद बेजोड़ हैं,बहुत शानदार हैं, जरूरत है उसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए दुनिया तक पहुंचाने की।
हर प्रदर्शनी में होगा प्रशिक्षण
उप मुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से राज्य में राज्य स्तर और जिला स्तर पर जो भी प्रदर्शनियां आयोजित होंगी, उनमें इस प्रकार की डिजिटल मार्केटिंग प्रशिक्षण वर्कशॉप और वित्तीय साक्षरता की प्रशिक्षण कार्यशाला अनिवार्य रूप से आयोजित की जाएगी, ताकि इन महिलाओं के द्वारा तैयार उत्पाद को डिजिटल बाजार की उपयोगिता समझ में आ सके और ये अपने उत्पादों को ज्यादा बेच सकें और आत्मनिर्भर बन सकें।
उन्होंने सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों, बैंकों और ई-कॉमर्स कंपनियों से भी आह्वान किया कि वे इन महिलाओं का उत्साहवर्धन करें और उनके व्यापार को आगे बढ़ाने में उनकी मदद करें।
प्रशिक्षण में क्या सिखाया गया
प्रशिक्षण सत्र के दौरान विशेषज्ञों द्वारा महिलाओं को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप बिजनेस के उपयोग, उत्पादों की ऑनलाइन ब्रांडिंग, आकर्षक फोटो-वीडियो बनाना, डिजिटल प्रचार-प्रसार, ऑनलाइन पेमेंट, पैकेजिंग तथा ऑनलाइन ग्राहकों तक पहुँचने के तरीकों की विस्तृत जानकारी दी गई।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को डिजिटल रूप से सक्षम बनाकर उनके आर्थिक सशक्तीकरण, स्वरोजगार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देना है।



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