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जयपुर। विद्याधर नगर विधानसभा क्षेत्र के निंदड़ में आयोजित जगद्गुरु परम आदरणीय स्वामी रामभद्राचार्य जी की दिव्य श्रीराम कथा एवं 1008 कुंडीय श्री हनुमान महायज्ञ में आज उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने शिरकत  की। भव्य और पावन वातावरण में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी के श्रीमुख से मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों, भक्ति, त्याग और धर्म की महिमा को सुना।
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि ऐसे पावन आयोजन हमारी सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक एकता को सुदृढ़ करते हैं। ये आयोजन धार्मिक आस्था, संस्कारों और मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम हैं।
कथा के दौरान उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने जगद्गुरु जी का आशीर्वाद लिया और आरती में भी भाग लिया। श्रीराम कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिन्होंने भक्तिमय माहौल में कथा का आनंद लिया।

निंदड़ में दिव्य रामकथा, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने किया धर्म-संस्कारों का अभिनंदन

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने 78वें सेना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों के अन्तर्गत गुरूवार को भवानी निकेतन शिक्षा समिति परिसर में चार दिवसीय ‘नो योर आर्मी’ प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। उन्होंने प्रदर्शनी में सेना के आधुनिक उपकरणों और हथियारों का अवलोकन भी किया। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘नो योर आर्मी’ प्रदर्शनी में अत्याधुनिक उपकरणों और युद्ध करने के तौर तरीकों की झलक मिलेगी। आमजन समझेंगे कि कैसे हमारी सेना दिन-रात सुरक्षा में तत्पर रहती है। उन्होंने कहा कि सेना दिवस परेड पहली बार सैन्य छावनी की सीमाओं से बाहर जयपुर में आयोजित हो रही है। इस परेड के माध्यम से नागरिक भारतीय सेना के अनुशासन, शौर्य और बलिदान के साथ-साथ सैन्य शक्ति से रूबरू होंगे। 
सेना के जवान हर मोर्चे पर मुस्तैद
श्री शर्मा ने कहा कि भारतीय सेना हर देशवासी की ढाल, हर परिवार का भरोसा और राष्ट्र की आत्मा है। रेगिस्तान से लेकर बर्फीली सियाचीन तक हर मोर्चे पर हमारे जवान मुस्तैद खड़े हैं, ताकि देश के नागरिक सुरक्षित रहेे। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन पराक्रम, ऑपरेशन रक्षक और ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों के माध्यम से भारतीय सेना ने दिखाया कि वह आक्रामकता का माकूल जवाब देना जानती है।
ऑपरेशन सिंदूर- आतंकवाद के खिलाफ देश की प्रतिबद्धता का प्रतीक
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में दुनिया ने आतंकवाद के खिलाफ हमारे देश की प्रतिबद्धता को देखा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर शुरू किए गए मिशन सुदर्शन चक्र के अन्तर्गत आज हमारा देश किसी भी खतरे का सटीक और शक्तिशाली जवाब देने में सक्षम है। श्री शर्मा ने कहा कि राजस्थान वीरों की कर्मभूमि और जन्मभूमि है। इस भूमि ने परमवीर चक्र विजेता पीरू सिंह, परमवीर चक्र विजेता मेजर शैतान सिंह और लेफ्टिनेन्ट जनरल सगत सिंह जैसे पराक्रमी योद्धाओं को जन्म दिया। 
भारत का रक्षा उत्पादन 1.51 लाख करोड़ रूपये के रिकॉर्ड स्तर पर
श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत की सशस्त्र सेनाओं का आधुनिकीकरण अभूतपूर्व गति से आगे बढ़ा है। उन्होंने ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत रक्षा उत्पादन में स्वदेशीकरण को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में भारत का वार्षिक रक्षा उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर जाकर अब 1.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। वहीं, इस दौरान भारत का रक्षा निर्यात सर्वकालिक उच्च स्तर पर 23 हजार 622 करोड़ रुपये रहा है। 
पुलवामा हमले के आश्रितों को दिए आवास
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी डबल इंजन की सरकार ने द्वितीय विश्व युद्ध के नॉन पेंशनर पूर्व सैनिकों एवं विधवाओं को पेंशन 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 15 हजार रुपये प्रतिमाह की, जिससे राज्य के 976 पूर्व सैनिक एवं विधवाएं लाभान्वित हुई। वीरगति प्राप्त सैनिकों के सम्मान में 43 विद्यालयों का नामकरण भी किया गया है। उन्होंने कहा कि बैटल कैजुअल्टी सैनिकों के 7 आश्रितों एवं 23 शौर्य पदक धारकों को कुल 750 बीघा भूमि आवंटित की गई। वहीं, पुलवामा हमले में वीरगति प्राप्त केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के 5 कार्मिकों की आश्रित वीरांगनाओं को निवास भी दिए गए है।
भूतपूर्व सैनिकों के मानदेय में वृद्धि
श्री शर्मा ने कहा कि पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों के पंजीकरण से लेकर राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली विभिन्न सुविधाओं के लिए नया वेब पोर्टल तैयार किया गया है। भूतपूर्व सैनिकों, आश्रितों एवं वीरांगनाओं की पेंशन संबंधी विसंगतियों के निराकरण हेतु जिला स्तर पर 418 कैम्पों का आयोजन कर 1 हजार 228 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। उन्होंने कहा कि राज्य के विभिन्न विभागों में संविदा पर नियोजित भूतपूर्व सैनिकों के मानदेय में वर्ष 2024 एवं वर्ष 2025 में 10-10 प्रतिशत की वृद्धि की गई। 
प्रदर्शनी में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना द्वारा उपयोग किए गए विभिन्न आधुनिक हथियार, आर्टिलरीज और सैन्य संसाधनों का प्रदर्शन किया गया। इस दौरान आधुनिक रायफलें, बैलिस्टिक मिसाइल प्रणाली, सेल्फ प्रोपल्ड गन्स, टैंक, बंकर, ड्रोन एवं एंटी-ड्रोन सिस्टम्स सहित विभिन्न अत्याधुनिक सैन्य संसाधनों का प्रदर्शन किया गया। साथ ही, भारतीय सेना की मैकेनाइज्ड फोर्सेज, पैराग्लाइडिंग गतिविधियां, स्काई डाइविंग, डॉग स्क्वॉड सहित अन्य गतिविधियों का जीवंत प्रदर्शन किया गया। वहीं, सिम्फनी बैंड ने देशभक्ति से ओत-प्रोत प्रस्तुतियां दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वीरांगनाओं को सम्मानित भी किया। 
कार्यक्रम में स्कूली शिक्षा मंत्री श्री मदन दिलावर, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्री जोराराम कुमावत, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री सुमित गोदारा, राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी, नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री झाबर सिंह खर्रा, गृह राज्य मंत्री श्री जवाहर सिंह बेढम, सैनिक कल्याण राज्य मंत्री श्री विजय सिंह, मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास, सप्त शक्ति कमान के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह, चीफ ऑफ स्टॉफ लेफ्टिनेंट जनरल एच.एस. वांदरा, पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कुमार शर्मा सहित भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी, सैनिक, एनसीसी कैडेट्स और बड़ी संख्या में गणमान्य आमजन उपस्थित रहे।

अत्याधुनिक उपकरण-हथियारों और युद्ध करने के तौर तरीकों से आमजन होंगे रूबरू - मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा गुरुवार को सीकर रोड़ स्थित नींदड़ में 1008 कुण्डीय हनुमान महायज्ञ और श्रीराम कथा में शामिल हुए। उन्होंने जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य जी के सानिध्य में सपरिवार मंत्रोच्चार के साथ विश्वकल्याण के लिए हवन में आहूति भी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रामभद्राचार्य जी महाराज का भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा के संरक्षण और संवर्धन में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना के अनुरूप यज्ञ विधि से कार्य किया जाता है। विश्व कल्याण और राज्य के विकास के लिए स्वामी रामभद्राचार्य जी का यह यज्ञ अत्यंत महत्वपूर्ण है। यज्ञ के माध्यम से सद्भावनाएं सशक्त होती हैं।
रामभद्राचार्य जी महाराज ने कहा कि यह यज्ञ भारत को सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनाने की कामना से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह यज्ञ देश को अखण्ड, अजय और सशक्त बनाने के साथ-साथ सभी श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं को पूरा करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। महाराज जी ने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश की समृद्धि और प्रगति की कामना भी की।

जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी महाराज का सनातन परंपरा के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान - मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा

- युवा दिवस पर नई पीढ़ी को दें नए कानूनों की जानकारी, कराएं थानों की विजिट
- राजस्थान पुलिस अकादमी को मिला देश में उत्कृष्ट प्रशिक्षण संस्थान का दर्जा
- दो वर्षों में प्रदेश की कानून-व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार, वर्ष 2023 के मुकाबले अपराधों में 15 प्रतिशत की आई कमी

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में सुदृढ़ कानून व्यवस्था की निर्णायक भूमिका है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार ने औपनिवेशिक मानसिकता से बनाए गए पुराने कानूनों को बदलकर तीन नए कानून बनाए हैं। उन्होंने कहा कि नई न्याय संहिता में त्वरित न्याय की अवधारणा से लोगों का विश्वास और मजबूत हो रहा है।
श्री शर्मा गुरुवार को राजस्थान पुलिस अकादमी में ‘विकसित भारत में पुलिस व्यवस्था’ विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय पुलिस सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में प्रदेश की कानून व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। वर्ष 2023 के मुकाबले अपराधों में 15 प्रतिशत, हत्या के प्रकरणों में 25 प्रतिशत, लूट के प्रकरणों में 50 प्रतिशत की कमी आई है। वहीं महिला अत्याचार में 10 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति के विरुद्ध अत्याचार में 28 प्रतिशत की कमी आई है।
राजस्थान पुलिस अकादमी का देश में प्रथम स्थान
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस प्रशिक्षण के नवाचारों ने प्रदेश को नई पहचान दिलाई है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि भारत सरकार के उपक्रम क्षमता संवर्धन आयोग द्वारा राजस्थान पुलिस अकादमी को उत्कृष्ट संस्थान का दर्जा दिया गया है। यह अकादमी सभी राज्यों के पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों में उत्कृष्ट संस्थान का दर्जा प्राप्त करने वाली प्रथम अकादमी बनी है। उन्होंने सभी पुलिस कर्मियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि इसी समर्पित भाव से राष्ट्र एवं समाज की सेवा करते हुए पुलिसिंग को मजबूत करें और नई आपराधिक न्याय प्रणाली के क्रियान्वयन में प्रदेश को अग्रणी राज्य बनाएं।

युवा दिवस पर विद्यार्थियों को कराएं थानों की विजिट
मुख्यमंत्री ने कहा देश में लागू हुए तीनों नए कानूनों के क्रियान्वयन के तहत प्रदेश में चरणबद्ध रूप से 7 वर्ष से अधिक सजा वाले मामलों में जांच एफएसएल के माध्यम से कराने के लिए थानों को सुदृढ़ किया जा रहा है। साथ ही, एफआईआर, ई-एफआईआर और चार्जशीट के ई-रिकॉर्ड अपडेट से लेकर अदालत के निर्णय तक की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन किया जा रहा है। श्री शर्मा ने कहा कि आने वाले युवा दिवस (12 जनवरी) पर विद्यार्थियों को थाने की विजिट करवाएं और थानों की कार्यप्रणाली तथा नये कानूनों से उन्हें अवगत करवाएं। नई पीढ़ी को विद्यार्थी जीवन में ही नशा मुक्ति, सड़क सुरक्षा, पुलिसिंग आदि की जानकारी दी जाए। 
संगठित अपराधों पर लगे अंकुश, सोशल मीडिया गतिविधियों की हो स्क्रीनिंग
मुख्यमंत्री ने कहा कि संगठित अपराध को रोकने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है तथा इन पर पूरी तरह अंकुश लगाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर भी गैंगस्टर्स के लिए की जाने वाली पोस्ट की स्क्रीनिंग कर ऐसे लोगों की निगरानी और समझाइश की जाए। साथ ही, उन्होंने नशे की रोकथाम एवं नशे की तस्करी को जड़ से खत्म करने के लिए भी जोर दिया। उन्होंने पुलिस द्वारा साइबर अपराध के विरूद्ध की जा रही कार्यवाही की सराहना करते हुए कहा कि डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई कर आमजन का यह विश्वास बहाल रखना हमारी जिम्मेदारी है।
बेहतर कानून व्यवस्था से प्रदेश में बना निवेश का वातावरण
श्री शर्मा ने कहा कि बेहतर कानून व्यवस्था से प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। किसी भी प्रदेश में विकास एवं निवेश सुदृढ़ कानून-व्यवस्था के बिना संभव नहीं है। हमारी सरकार ने पहले ही वर्ष में राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन किया। समिट के दौरान हुए 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू में से 8 लाख करोड़ रुपये के एमओयू धरातल पर उतर रहे हैं, जिससे प्रदेश में निवेश का सुरक्षित वातावरण बना है। 
पुलिस कल्याण के लिए उठाए गए बेहतर कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार पुलिस बल को मजबूत करने के लिए अनेक कदम उठा रही है और उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने का प्रयास कर रही है। हम पुलिस आधुनिकीकरण व संबंधित आधारभूत संरचना के लिए 200 करोड़ रुपये का फंड गठित करने जा रहे हैं। इसी तरह 350 करोड़ रुपये की लागत से सरदार पटेल सेंटर फॉर साइबर कंट्रोल रूम एवं राजस्थान पुलिस तकनीकी प्रशिक्षण अकादमी की स्थापना करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने कांस्टेबल से सहायक उप निरीक्षक स्तर तक के कार्मिकों के वर्दी भत्ते एवं पुलिस निरीक्षक तक के अधिकारियों के मैस भत्तों में बढ़ोतरी की है। साथ ही, पुलिस को और अधिक प्रभावी एवं कार्यदक्ष बनाने हेतु करीब 60 करोड़ की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृतियां जारी की गई हैं। 
पुलिसिंग में अपनाएं सरकार और समाज का समग्र दृष्टिकोण
श्री शर्मा ने कहा कि सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा देते हुए पुलिस को रचनात्मक और सकारात्मक दृष्टिकोण वाले व्यक्तियों एवं समूहों से जुड़ने के लिए तंत्र विकसित करना चाहिए। साथ ही, उल्लेखनीय कार्य करने वाले पुलिस कर्मियों को समय-समय पर प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने आह्वान किया कि समाज के प्रत्येक वर्ग को त्वरित न्याय दिलवाने हेतु पुलिसिंग के साथ संवेदनशीलता भी अपनाएं।
खुफिया सूचनाओं के विश्लेषण में हो प्रौद्योगिकी का उपयोग
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रौद्योगिकी और एआई का उपयोग खूफिया सूचनाओं के विश्लेषण में किया जाना चाहिए। पुलिस प्रशिक्षण के महत्व को देखते हुए सभी पुलिस अधिकारियों को अपने कनिष्ठ अधिकारियों को प्रशिक्षण देने के लिए प्रति वर्ष 100 घंटे समर्पित करने चाहिए। 10 वर्ष से अधिक सेवा अनुभव वाले पुलिस अधिकारियों को एक-एक पुलिस स्टेशन को गोद लेना चाहिए। 
गृह राज्य मंत्री श्री जवाहर सिंह बेढ़म ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में पुलिस बल की महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में पिछले दो वर्षों में प्रदेश में आमजन का विश्वास बढ़ा है, अपराधियों में भय का माहौल बना है और पुलिस विभाग ने कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराधों में उल्लेखनीय गिरावट आई है तथा आंतरिक चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटते हुए राज्य देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है। 
महानिदेशक पुलिस (डीजीपी) श्री राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि प्रदेश में बेहतर पुलिसिंग के लिए समर्पित भाव से कार्य किए जा रहे हैं। पुलिस को अपने दायित्वों को सार्थक बनाते हुए नवाचार को अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन के दौरान साइबर अपराध, महिला सुरक्षा में प्रौद्योगिकी का उपयोग, मादक पदार्थ व अपराधों पर नियंत्रण तथा पुलिस सशक्तिकरण जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में ई-विजिटर्स पोर्टल एवं ई-जीरो एफआईआर का शुभारम्भ एवं राजस्थान पुलिस प्राथमिकता-2026 पुस्तिका का विमोचन किया।
इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह श्री भास्कर ए. सावंत, पुलिस महानिदेशक प्रशिक्षण एवं यातायात श्री अनिल पालीवाल, निदेशक राजस्थान पुलिस अकादमी श्री संजीव कुमार नर्जरी सहित पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

राज्य स्तरीय पुलिस सम्मेलन: विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि में कानून व्यवस्था की निर्णायक भूमिका - मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड ने कांग्रेसी नेताओं द्वारा की जा रही निराधार और भ्रामक बयानबाजी पर कड़ा पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस की राजनीति का मूल स्वभाव ही हर घटना में राजनीति खोजने, समाज को बांटने और अपराधियों को संरक्षण देने का रहा है। राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस ने कभी भी समाज को जोड़ने का प्रयास नहीं किया, बल्कि हमेशा भड़काने और तुष्टिकरण की राजनीति की है, जिससे स्वाभाविक रूप से समाज में असंतोष और दूरियां पैदा होती हैं। एक वर्ग विशेष के लोगों द्वारा अपराध किए जाने के बावजूद उन्हें संरक्षण देना सामाजिक समरसता को नुकसान पहुंचाता है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने स्पष्ट कहा कि न्याय का सिद्धांत यह होना चाहिए कि जो भी दोषी हो, उसे दंड मिले, चाहे वह किसी भी दल या समाज से हो। अपना व्यक्ति गलत करे तो संरक्षण और दूसरा गलत करे तो कार्रवाई — यह नीति न तो लोकतांत्रिक है और न ही नैतिक।  राठौड़ ने कहा कि आज देश देख रहा है कि बंगाल सहित कई राज्यों में खुलेआम हिंसा और अपराध हो रहे हैं, लेकिन कांग्रेस जैसे दल अपराधियों के पक्ष में खड़े दिखाई देते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या इस तरह की राजनीति की आज आवश्यकता है?

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि राजनीति केवल सत्ता पाने का साधन नहीं, बल्कि उसमें आदर्श, गुणवत्ता, राष्ट्रीय चरित्र और सार्वजनिक आचरण होना चाहिए। जनता उसी राजनीति को पसंद करती है जो व्यवहार, विचार और कार्य—तीनों में संतुलित और नैतिक हो। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस और भ्रष्टाचार एक-दूसरे के पर्याय बन चुके हैं। 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला, पनडुब्बी घोटाला, जीप घोटाला, बोफोर्स घोटाला, चारा घोटाला—सूची इतनी लंबी है कि कहा जा सकता है आकाश से पाताल तक घोटाले ही घोटाले कांग्रेस की पहचान रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने महाराष्ट्र में सार्वजनिक मंच से यह तक कह दिया था कि “घोटाले हो रहे हैं, चिंता मत करो, जनता भूल जाती है।” इससे कांग्रेस की सोच और मानसिकता पूरी तरह उजागर हो जाती है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस ने कभी भी भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने का ईमानदारी से प्रयास नहीं किया। बजरी माफिया की पैदाइश भी कांग्रेस शासन की देन है— न टेंडर, न पारदर्शिता, माफियाओं को खुली छूट। इसके विपरीत भाजपा सरकार ने बजरी माफिया पर सख्त कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी, दंड और नियंत्रण की नीति अपनाई है। पूर्ववर्ती गहलोत शासन पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उस समय अपराध और भ्रष्टाचार चरम पर थे। बजरी माफिया पनपे, आम नागरिकों को सड़कों पर कुचला गया, सड़कों पर खून बहा। गहलोत जी को दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने शासनकाल की ओर देखना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री रहते हुए गहलोत के सामने ही तत्कालीन मंत्री डोटासरा पर शिक्षकों ने खुलेआम पैसे लेने-देने के गंभीर आरोप लगाए थे। कांग्रेस को पहले इन सवालों का जवाब देना चाहिए। राठौड़ ने दो टूक कहा कि भाजपा में न तो अपराधियों को संरक्षण मिलता है और न ही भ्रष्टाचार को सहन किया जाता है। भाजपा की राजनीति विकास, सुशासन और न्याय पर आधारित है और आगे भी जनता के विश्वास पर खरी उतरती रहेगी।

भाजपा में ना तो अपराधियों को मिलता है संरक्षण, ना ही भ्रष्टाचार को किया जाता है बर्दाश्त:— मदन राठौड़

जयपुर। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने आज जयपुर स्थित अनंतारा ज्वेल बाग में आयोजित रिट्रोवाइल्स ’26 कार्यक्रम में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने राजस्थान की समृद्ध विरासत, संस्कृति और परंपराओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राज्य अपनी विशिष्ट पहचान के कारण देश-विदेश में विशेष स्थान रखता है। ऐसे आयोजन न केवल राज्य की सांस्कृतिक विरासत को मंच प्रदान करते हैं, बल्कि पर्यटन को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि यह प्रेरणादायक मंच लग्जरी शादियों, इवेंट्स और हॉस्पिटैलिटी जगत के दिग्गजों को एक साथ लाने में सफल रहा है। उन्होंने बताया कि राजस्थान जैसे ऐतिहासिक और विरासत स्थल किस प्रकार विश्व स्तरीय समारोहों और उच्च मूल्य वाले पर्यटन के भविष्य को आकार दे रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान हुई चर्चाओं ने राजस्थान को अनुभवात्मक यात्रा और डेस्टिनेशन इवेंट्स के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने के राज्य सरकार के दृष्टिकोण को खूबसूरती से प्रतिबिंबित किया।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने अनंतारा ज्वेल बाग जयपुर के महाप्रबंधक श्री विमल वर्मा को उत्कृष्ट मेजबानी के लिए हार्दिक बधाई दी। साथ ही, रिट्रोवाइल्स ’26 जैसे सार्थक और प्रभावशाली मंच के आयोजन के लिए कनिका मेहता और निमित मेहता के प्रति भी उन्होंने आभार व्यक्त किया।

उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी रिट्रोवाइल्स ’26 में हुई शामिल, कहा - राजस्थान बनेगा वर्ल्ड-क्लास डेस्टिनेशन इवेंट्स हब

जयपुर। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने आज राजस्थान विश्वविद्यालय में आयोजित 7 दिवसीय ‘राष्ट्रीय महिला लोक कला एवं शिल्प कार्यशाला’ के समापन समारोह में शिरकत की। इस दौरान आयोजकों की ओर से उपमुख्यमंत्री का सम्मान किया गया।
समारोह के दौरान उपमुख्यमंत्री ने विभिन्न राज्यों से आई महिला कलाकारों द्वारा लगाई गई स्टॉल्स का अवलोकन किया और कलाकारों से संवाद कर उनकी कलाकृतियों की सराहना की। उत्कृष्ट प्रतिभा का प्रदर्शन करने वाली कलाकारों को सम्मानित भी किया गया।
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि यह आयोजन नारी सशक्तिकरण, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और लोक कलाओं को नई पीढ़ी तक पहुँचाने की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल है। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से पधारी महिला कलाकारों की लोक कला और पारंपरिक शिल्प के अद्भुत स्वरूप देखने को मिले।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से न केवल आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है, बल्कि नई पीढ़ी भी हमारी समृद्ध कला और संस्कृति से रूबरू होती है। सरकार के साथ-साथ समाज की भी जिम्मेदारी है कि कला और हेरिटेज को कैसे आगे बढ़ाया जाए। वही उन्होंने कहा की विश्वविद्यालयों में पारंपरिक कलाओं का संवर्धन किया जाना चाहिये इस दिशा में सरकार पूर्ण सहयोग करने को तैयार हैं ।
कार्यक्रम में फर्स्ट इंडिया समूह के सीईओ श्री पवन अरोड़ा, राजस्थान विश्वविद्यालय की कुलगुरु अल्पना कटेजा सहित गणमान्य लोग उपस्थित रहे।




राजस्थान विश्वविद्यालय में महिला लोक कला की धूम, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने सराहा महिलाओं का हुनर

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को सीएमओ में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा लाया गया विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी अधिनियम, 2025 ग्रामीण रोजगार और आजीविका सुनिश्चित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि वीबी-जी राम जी कानून से ग्रामीण क्षेत्रों में स्थाई और गुणवत्तापूर्ण संपत्तियों का निर्माण हो सकेगा। यह कानून ग्रामीण रोजगार नीति को विकसित भारत के रोडमैप से जोड़ेगा और राजस्थान को भी इसका भरपूर लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मनरेगा को ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की गारंटी देने के उद्देश्य से लाया गया था, लेकिन कांग्रेस सरकार के कमजोर प्रशासन और भ्रष्टाचार के कारण यह अपने लक्ष्य को पूर्ण रूप से प्राप्त नहीं कर सका। इसमें जनता के पैसे का सही उपयोग नहीं हो पा रहा था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की गलत मंशा के चलते मनरेगा के तहत किए गए अधिकांश कार्य गांवों की समग्र विकास योजनाओं से नहीं जुड़ पाए। इनमें अस्थायी सड़कों, अधूरी जल संरचनाओं और बिना योजना के मिट्टी के कार्य करवाए जाते थे जिनकी कोई दीर्घकालिक उपयोगिता नहीं थी।
उन्होंने कहा कि मनरेगा में फर्जी और डुप्लीकेट जॉब कार्ड, नकली लाभार्थी, मनगढ़ंत हाजिरी और मजदूरी भुगतान में अनियमितताओं की जांच पड़ताल के लिए कोई सुदृढ़ व्यवस्था नहीं होने के कारण सोशल ऑडिट केवल औपचारिकता बनकर रह गई। प्रशासनिक व्यय की सीमा मात्र 6 प्रतिशत होने से योजना का प्रभावी क्रियान्वयन संभव नहीं हो पाता था। वहीं, बेरोजगारी भत्ता तथा देरी से भुगतान पर मुआवजे जैसे प्रावधान कागजों तक सीमित रह गए थे।
श्री शर्मा ने कहा कि नए वीबी-जी राम जी अधिनियम-2025 में इन सभी कमियों को दूर किया गया है। अब सालाना रोजगार की कानूनी गारंटी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है। उन्होंने कहा कि किसान और मजदूर एक-दूसरे के पूरक हैं। कई छोटे किसान खेती भी करते हैं और मजदूरी भी करते हैं। खेती के दिनों में श्रमिकों को अतिरिक्त लाभ मिल सके, इसके लिए राज्य सरकारों को इस कानून में 60 दिनों का कार्य विराम घोषित करने का अधिकार दिया गया है। 
उन्होंने कहा कि योजना के तहत जल संसाधन, मुख्य ग्रामीण बुनियादी ढांचा, आजीविका अवसंरचना और आपदा प्रबंधन से जुड़े ठोस व टिकाऊ कार्य कराए जाएंगे। जियो-टैगिंग, सैटेलाइट इमेजरी, मोबाइल ऐप और एआई जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग से पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। हर छह माह में डिजिटल तथ्यों के साथ सोशल ऑडिट अनिवार्य होगी। इसके साथ ही, निश्चित समय-सीमा वाली डिजिटल बहुस्तरीय शिकायत निवारण प्रणाली और जिला लोकपाल की व्यवस्था भी की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिनियम के तहत मजदूरी का भुगतान हर सप्ताह करना अनिवार्य होगा और दो सप्ताह से अधिक देरी होने पर स्वतः मुआवजा मिलेगा। प्रशासनिक व्यय की सीमा को बढ़ाकर 9 प्रतिशत किया गया है, ताकि पर्याप्त स्टाफ, तकनीकी विशेषज्ञता, प्रशिक्षण और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने कहा कि टिकाऊ और जवाबदेह वित्तीय मॉडल पर आधारित वीबी-जी राम जी अधिनियम में हर वर्ष के लिए एक स्पष्ट और तय बजट निर्धारित किया जाएगा। मांग के अनुसार काम उपलब्ध कराने की व्यवस्था पहले की तरह बनी रहेगी। इसमें राज्यों को कुल 17 हजार करोड़ रुपये तक का अतिरिक्त आवंटन होने की उम्मीद है।
श्री शर्मा ने कहा कि कांग्रेस इस ऐतिहासिक सुधार को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है जबकि यह सहकारी संघवाद का मॉडल है, जिसमें राज्यों की 40 प्रतिशत भागीदारी से जवाबदेही बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ओर से काम कम होने का भ्रम फैलाया जा रहा है जबकि सच्चाई यह है कि नए कानून से अब सुनियोजित ढंग से गांवों की वास्तविक जरूरत के हिसाब से कार्य करवाए जाएंगे। पीएम गतिशक्ति से जुड़कर गांवों में पानी, स्थायी सड़कें और आवश्यक बुनियादी ढांचे के कार्य भी होंगे।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के भ्रामक और दुष्प्रचारपूर्ण आरोपों को बेनकाब करना आपकी और हमारी जिम्मेदारी है। साथ ही, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा जनहित में लाए गए वीबी-जी राम जी अधिनियम-2025 की खूबियों को जनता तक पहुंचाना होगा।

कांग्रेस के समय की मनरेगा की विफलताओं का अंत है वीबी-जी राम जी - मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा