जयपुर। हिंदी प्रचार प्रचार संस्थान जयपुर राजस्थान के तहत भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव महेंद्र स्मृति सभागार में बहुत हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
इस अवसर पर संस्थान द्वारा संगोष्ठी का आयोजन किया गया इस संगोष्ठी में प्रारंभ में हिंदी प्राचारिका, कवियत्री अनामिका चतुर्वेदी ने मधु स्वर से सरस्वती वंदना का गायन किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता, अधिवक्ता,हिंदी प्रचार प्रचार संस्थान जयपुर राजस्थान के अध्यक्ष डॉ अखिल शुक्ला ने कहा कि भगवान परशुराम पराक्रमी होने के साथ-साथ सहधर्मी,दानशील थे ,भगवान विष्णु के अवतार भगवान श्री परशुराम जी का चरित्र अत्यंत मार्गदर्शक व प्रेरणादाई है, कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए हिंदी अभिनेता, अधिवक्ता, हिंदीसेबी, गोपेश शर्मा ने कहा कि भगवान परशुराम तेजस्वी, ओजस्वी, वर्चस्वी व त्यागी थे ,सदैव प्राणी मात्र का हित उनका सर्वोपरि लक्ष्य रहा।
विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर डॉ. ममता शर्मा ने कहा कि शास्त्रों के अनुसार भगवान परशुराम आज भी चिरंजीवी है ,और जनकल्याण में के लिए भगवान तपस्या लीन है।
संस्थान के कुल सचिव अविनाश शर्मा ने कहा कि भगवान परशुराम जी एक वर्ग ,एकक्षेत्र ,एक समुदाय के नहीं अपितु संपूर्ण भारतवर्ष के समाज के महानायक है।
इस अवसर पर संस्थान की सेक्रेटरी उषा शर्मा ,प्रो.आरती तिवारी, राधिका मौर्य, अनुराधा जेमन, पंडित महेश जोशी, सतीश कुमार गुप्ता, पूर्णिमा अग्रवाल, अनुपमा त्रिवेदी, नीतिका जांगिड़, शारदा शर्मा, कुसुम माथुर, मीना अग्रवाल ,अर्जुन ,राजन मैं भी कविता पाठ किया।
पूर्व में सभी उपस्थित अतिथि एवं पदाधिकारी ,सदस्यों मैं भगवान परशुराम के चित्र पर माल्यार्पण किया संस्था अध्यक्ष एवं कुलसचिव ने सभी अतिथियों को एवं उपस्थित प्रचारको, सदस्यों ,शिक्षकों, हिंदी सेवीयो को दुपट्टा पहनकर ,मोतियों का हार से स्वागत किया।
इस अवसर पर संस्थान द्वारा प्रकाशित हिंदी ज्योति बिम मासिक पत्रिका अंक का विमोचन किया गया

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