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वर्तमान खरीफ विपणन सत्र में अब तक रिकॉर्ड 661.15 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया

 सरकार द्वारा किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीफ फसलों की खरीद प्रक्रिया खरीफ विपणन सत्र (केएमएस) 2020-21 के दौरान अपनी मौजूदा एमएसपी योजनाओं के अनुसार ही जारी हैजिस प्रकार से विगत सत्रों में होती रही है।

खरीफ 2020-21 के लिए धान की खरीद सुचारु रूप से चल रही है। पंजाबहरियाणाउत्तर प्रदेशतेलंगानाउत्तराखंडतमिलनाडुचंडीगढ़जम्मू और कश्मीरकेरलगुजरातआंध्र प्रदेशछत्तीसगढ़ओडिशामध्य प्रदेशमहाराष्ट्रबिहारझारखंडअसमकर्नाटकपश्चिम बंगाल और त्रिपुरा से धान की खरीद की जा रही है। 24 फरवरी 2021 तक इन राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के किसानों से 661.15 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद की जा चुकी हैजबकि इसी समान अवधि में पिछले वर्ष केवल 567.60 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद हो पाई थी। इस वर्ष में अब तक की गई धान की खरीद में पिछले वर्ष के मुक़ाबले 16.48 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज देखी गई है। 661.15 लाख मीट्रिक टन धान की कुल खरीद में से अकेले पंजाब की हिस्सेदारी 202.82 लाख मीट्रिक टन हैजो कि कुल खरीद का 30.67 प्रतिशत है।

 

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लगभग 95.81 लाख किसानों को अब तक खरीदे गए धान के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 1,24,826.44 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।

 

 

इसके अलावाप्रदेशों से मिले प्रस्ताव के आधार पर तमिलनाडुकर्नाटकमहाराष्ट्रतेलंगानागुजरातहरियाणाउत्तर प्रदेशओडिशाराजस्थान और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों से खरीफ विपणन सत्र 2020 के लिए मूल्य समर्थन योजना (पीएसएसके तहत 51 लाख 92 हज़ार मीट्रिक टन दलहन और तिलहन की खरीद को भी मंजूरी प्रदान की गई है। आंध्र प्रदेशकर्नाटकतमिलनाडु और केरल राज्यों से 1.23 लाख मीट्रिक टन खोपरा (बारहमासी फसलकी खरीद के लिए भी स्वीकृति दी गई है। इसके अलावारबी विपणन सत्र 2020-2021 के लिए संबंधित राज्य सरकारों से मिले प्रस्तावों के आधार पर गुजरातमध्य प्रदेशउत्तर प्रदेशमहाराष्ट्रआंध्र प्रदेशकर्नाटकतेलंगाना और तमिलनाडु राज्यों से 29.08 लाख मीट्रिक टन दलहन और तिलहन की खरीद को मंजूरी प्रदान की गई थी। यदि अधिसूचित फ़सल अवधि के दौरान संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बाजार की दरें एमएसपी से नीचे चली जाती हैंतो राज्य की नामित ख़रीद एजेंसियों के माध्यम से केंद्रीय नोडल एजेंसियों द्वारा इन राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को मूल्य समर्थन योजना (पीएसएसके अंतर्गत दलहनतिलहन और खोपरा फसल की खरीद के प्रस्तावों की प्राप्ति पर भी मंजूरी दी जाएगीताकि पंजीकृत किसानों से वर्ष 2020-21 के लिए अधिसूचित किये गए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सीधे इन फसलों के एफएक्यू ग्रेड की खरीद की जा सके।

 

मौजूदा खरीफ सत्र में 24.02.2021 तक सरकार ने अपनी नोडल एजेंसियों के माध्यम से 3,09,334.25 मीट्रिक टन मूंगउड़दतुअरमूंगफली की फली और सोयाबीन की खरीद एमएसपी मूल्यों पर की है। इस खरीद से तमिलनाडुकर्नाटकआंध्र प्रदेशमहाराष्ट्रगुजरातउत्तर प्रदेशहरियाणा और राजस्थान के 1,67,769 किसानों को 1,665.99 करोड़ रुपये की आय हुई है। रबी 2020-21 के दौरान आंध्र प्रदेश में 23 किसानों से 37.85 मीट्रिक टन चना खरीदा गया है  जिसका न्यूनतम समर्थन मूल्य रु 0.19 करोड़ रुपये है।

 

इसी तरह से 5,089 मीट्रिक टन खोपरा (बारहमासी फसलकी खरीद कर्नाटक और तमिलनाडु राज्यों से की गई है। इस दौरान 3,961 किसानों को लाभान्वित करते हुए 24 फरवरी 2021 तक न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 52 करोड़ 40 लाख रुपये की अदायगी की गई है। खोपरा और उड़द की फसल के लिए अधिकांश प्रमुख उत्पादक राज्यों में एमएसपी पर या फिर उससे ऊपर की दर पर भुगतान किया जा रहा है। इनसे संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारें खरीफ दलहन तथा तिलहन फसलों के आवक के आधार पर संबंधित राज्यों द्वारा तय तिथि से खरीद शुरू करने के लिए आवश्यक इंतज़ाम कर रही हैं।

 

 

न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के तहत ही पंजाबहरियाणाराजस्थानमध्य प्रदेशमहाराष्ट्रगुजराततेलंगानाआंध्र प्रदेशओडिशा और कर्नाटक राज्यों से कपास की खरीद का कार्य भी सुचारु रूप से जारी है। दिनांक 24.02.2021 तक 18,96,480 किसानों से 26,711.88 करोड़ रुपये के एमएसपी मूल्य पर कपास की 91,70,316 गांठों की खरीद की जा चुकी है।

 

 

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एमजी/एएम/एन

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