सिंगापुर की इनब्रू होल्डिंग्स प्रा लि ने उत्तर अमेरिका की बीयर उत्पादक कंपनी मॉल्सन कूर्स के भारतीय कारोबार को खरीद लिया है। लंदन निवासी प्रवासी भारतीय कारोबारी रवि देओल इनब्रू होल्डिंग्स प्रा. लि. के मालिक हैं। मॉल्सन कूर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, कूर्स ब्रहंग यूएसए की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है जिसके पास भारत में थंडरबोल्ट समेत कई लोकप्रिय बीयर ब्रांड है।
इस अधिग्रहण के बाद मशहूर बीयर ब्रांड थंडरबोल्ट तथा मिलर्स मिलर हाई लाईफ मिलस एस. ब्ल्यू मून, कालिंग व कोबरा जैसे पॉपुलर ब्राडों के अधिकार इनब्रू के पास आ गए हैं। थंडरबोल्ट कंपनी का प्रमुख ब्रांड है जो भारत के स्ट्रोंग बीयर सैगमेंट में काफी जाना पहचाना ब्रांड है, उत्तर भारतीय राज्यों के बाजार इसकी बड़ी हिस्सेदारी है और राष्ट्रीय स्तर पर इसकी हिस्सेदारी 5 प्रतिशत से अधिक है।
इनब्रू होल्डिंग्स भारत में मॉल्सन कूर्स के संपूर्ण व्यापार परिचालन के साथ ही मैन्युफैक्चरिंग सुविधाओं का भी अधिग्रहण करेगी। मैन्युफैक्चरिंग सुविधाओं की सम्मिलित उत्पादन क्षमता 600 कएल से अधिक है और इस क्षमता को दोगुना भी किया जा सकता है। इसके अलावा मॉल्सन कूस के पास बिहार में भी एक बूअरी है किंतु राज्य में शराबबंदी होने की वजह से वह बद पड़ी है। सभी ब्रुअरी की कुल स्थापित क्षमता 16 मिलियन यूनिट केसेस है।
इनब्रू होल्डिंग्स के चेयरमैन रवि दयोल ने कहा -
"इनब्रू भारतीय पेय बाजार को समझती है और इसे मौजूदा व उभरते ग्राहकों की जरूरतों का पता है। स्थानीय एवं मशहूर अंतर्राष्ट्रीय ब्रांडों के दमदार पोर्टफोलियो के साथ अच्छी प्रकार स्थापित वितरण एवं मैन्युफैक्चरिंग सुविधाओं के बल पर इनब्रू अपने उत्पादों का तेजी से विस्तार करेगी। मॉल्सन कुर्स एक बड़ी वैश्विक बीयर कंपनी हूं और बीते वर्षों में इसने भारत में अच्छा निवेश किया है। इससे इनब्रू को एक मजबूत प्लैटफॉर्म मिलेगा जिसके आधार पर वह भारत के युवा एवं तेजी से बढ़ते पेय बाजार में एक अहम कंपनी के रूप में प्रगति करेगी।
इनब्रू का इरादा नए युग का एक ऐसा बेवरेज प्लैटफॉर्म बनाना है जो इनोवेटिव और आधुनिक पेय उत्पादों के जरिए युवा भारत की प्यास बुझाए। हमने लगभग दो दशक पहले बरिस्ता ब्रांड खड़ा किया था जब कैफे के कॉन्सेप्ट से ज्यादातर लोग अनजान थे, वही अनुभव प्रदान करने के लिए यह हमारा एक और कदम है।
"भारतीय परिचालन की बिक्री के बाद अपने संगठन को और अधिक व्यवस्थित बना सकेंगे और साथ ही भारत में हमारे बांडों के लिए एक प्लैटफॉर्म भी हमारे पास बना रहेगा साइमन कॉक्स ने कहा जो माल्सन कूर्स ईएमईए तथा एपैक डिविजन के प्रेसिडेंट व सीईओ हैं। भारत में हमने जो आधारशिला रखी है उसके बल पर इनब्रू के लिए बहुत मौके हैं तेजी से बढ़ते बीयर बाजार में हम अपने प्रमुख ब्रांडों की मौजूदगी कायम रख पाएंगे।"
अहैड ग्लोबल एक पारिवारिक निवेश ऑफिस है, जिसका मुख्यालय लंदन में है और इसने भारत व दुनिया भर में कई कारोबारों का अधिग्रहण किया है और उन्हें मुनाफे में तब्दील किया है। इनका दृष्टिकोण यह है कि कारोबारों को खरीदने के बाद उनके परिचालन में मजबूती लाकर ग्राहकों, उत्पादों, ऑपरेटिंग मैट्रिक्स, लोगों और लाभकारी यूनिट ग्रोथ के साथ तालमेल कायम किया जाए।

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